मानवीय करुणा की दिव्य चमक कक्षा 10

मानवीय करुणा की दिव्य चमक कक्षा 10

10th Grade

20 Qs

quiz-placeholder

Similar activities

पाठ -3 गिल्लू

पाठ -3 गिल्लू

10th Grade

15 Qs

FIRST TERM- HINDI 10

FIRST TERM- HINDI 10

10th Grade

20 Qs

Vaakh Part 3

Vaakh Part 3

9th - 12th Grade

17 Qs

बड़े भाई साहब - मुहावरे- Test 1

बड़े भाई साहब - मुहावरे- Test 1

10th Grade

20 Qs

Hindi Diwas

Hindi Diwas

6th - 12th Grade

18 Qs

स्मृति

स्मृति

9th - 10th Grade

20 Qs

कारक

कारक

7th - 10th Grade

15 Qs

कर्नाटक संपदा - निबंध

कर्नाटक संपदा - निबंध

10th Grade

20 Qs

मानवीय करुणा की दिव्य चमक कक्षा 10

मानवीय करुणा की दिव्य चमक कक्षा 10

Assessment

Quiz

Other

10th Grade

Practice Problem

Medium

Created by

Rajdev Singh

Used 45+ times

FREE Resource

AI

Enhance your content in a minute

Add similar questions
Adjust reading levels
Convert to real-world scenario
Translate activity
More...

20 questions

Show all answers

1.

MULTIPLE SELECT QUESTION

45 sec • 1 pt

मानवीय करुणा की दिव्य चमक पाठ में किस महापुरुष का वर्णन है?

श्री रामकृष्ण परमहंस का

हिंदी के प्रसिद्ध विद्वान फादर कामिल बुल्के का

सूर्यकांत त्रिपाठी निराला का

किसी महापुरुष का वर्णन नहीं है

2.

MULTIPLE SELECT QUESTION

45 sec • 1 pt

फादर बुल्के की जन्मभूमि थी

क्रॉस चैपल

रेम्स चैपल

होली क्रॉस चैपल

चैपल

3.

MULTIPLE SELECT QUESTION

45 sec • 1 pt

लेखक को फादर बुल्के बड़े भाई और पुरोहित जैसे लगते थे क्योंकि

फादर बुल्के हर अवसर पर लेखक के पास उपस्थित रहते थे

दुख और विपदा के समय लेखक को संभालते और सांत्वना देते

उनकी आंखों में सदैव लेखक के प्रति वात्सल्य की भावना भरी रहती थी

इन सब के कारण

4.

MULTIPLE SELECT QUESTION

45 sec • 1 pt

रेम्सचैपल में फादर के परिवार में कौन कौन था?

माता पिता

दो भाई

एक बहन

ये सब

5.

MULTIPLE SELECT QUESTION

45 sec • 1 pt

नम आंखों को गिनना स्याही फैलाना है इसका अर्थ हो सकता है?

फादर बुल्के की जब मृत्यु हुई उस समय वहां उपस्थित लोगों की संख्या इतनी अधिक थी जिसकी गिनती नहीं की जा सकती।

उनके परिचित मित्र साहित्यकार इतनी अधिक संख्या में थे कि उनकी गणना करके लिखना अत्यंत कठिन कार्य था

उनकी मृत्यु पर आंसू बहाने वालों की अपार भीड़ थी जिसके बारे में लिखना व्यर्थ स्याही फैलाने जैसा है

यह सब

6.

MULTIPLE SELECT QUESTION

45 sec • 1 pt

लेखक ने फादर कामिल बुल्के को मानवीय करुणा की दिव्य चमक कहा है क्योंकि

स्वयं कष्ट सहकर दूसरों के दुखों को दूर करते थे

वह किसी भी व्यक्ति को दुखी नहीं देख पाते थे

उनके मन में सबके प्रति कल्याण की भावना थी

इन सब के कारण

7.

MULTIPLE SELECT QUESTION

45 sec • 1 pt

फादर कामिल बुल्के के बचपन में उनकी मां ने उनके विषय में क्या भविष्यवाणी की थी?

यह लड़का आगे चलकर बहुत बड़ा इंजीनियर बनेगा

यह लड़का तो हाथ से गया

केवल पहला सही है

केवल दूसरा सही है

Create a free account and access millions of resources

Create resources

Host any resource

Get auto-graded reports

Google

Continue with Google

Email

Continue with Email

Classlink

Continue with Classlink

Clever

Continue with Clever

or continue with

Microsoft

Microsoft

Apple

Apple

Others

Others

Already have an account?