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Bhagavad Gita As It Is DAY-28 (6.39-47, 7.1)

Authored by Keśava Kṛṣṇa Dāsa

Life Skills, Philosophy, Special Education

KG - Professional Development

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Bhagavad Gita As It Is DAY-28 (6.39-47, 7.1)
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1.

MULTIPLE CHOICE QUESTION

5 mins • 1 pt

समस्त सन्देहों का पूरा-पूरा उत्तर पाने के लिए किस का निर्णय अन्तिम तथा पूर्ण है क्योंकि वे भूत, वर्तमान तथा भविष्य के ज्ञाता हैं? (6.39)

बड़े-बड़े ऋषि तथा दार्शनिक, जो प्रकृति की कृपा पर निर्भर हैं

कृष्ण तथा कृष्णभावनाभावित व्यक्ति

2.

MULTIPLE CHOICE QUESTION

5 mins • 1 pt

यदि कोई समस्त भौतिक आशाओं को त्याग कर भगवान् की शरण में जाता है किन्तु सिद्धि प्राप्त नहीं कर पाता, तो क्या परिणाम होगा? (6.40)

भौतिक एवं आध्यात्मिक दोनों दृष्टियों से क्षति पहुँचती है

पापफल भोगना पड़ता है व इस लोक में और परलोक में भी विनाश होता है

घाटे में नहीं रहता क्योंकि शुभ कृष्णभावनामृत कभी विस्मृत नहीं होता

3.

MULTIPLE CHOICE QUESTION

5 mins • 1 pt

ठीक से स्वधर्माचरण न करने का फल भोगना पड़ेगा तो ऐसे भक्तियोगी के लिए भागवत पुराण का क्या परामर्श है? (6.40)

भक्ति अगले जन्म में कर लेंगे, अभी तो स्वधर्माचरण करो जैसा कि अनादि काल से अनेक योनियों में करते आये हो

असफल योगी को अत्यंत चिन्ता करने की आवश्यकता है, कहीं निम्नयोनि में जन्म लेना न पड़ जाए

कोई चिंता नहीं, अगले जन्म में निम्नयोनी में भी जन्म लेकर वह पहले की भाँति भक्ति करता है

4.

MULTIPLE CHOICE QUESTION

5 mins • 1 pt

Media Image

नियमित विभाग के कल्याण-कारी मार्ग में कौन लोग आते हैं? (6.40)

जो लोग अगले जन्म या मुक्ति के ज्ञान के बिना पाशविक इन्द्रियतृप्ति में लगे रहते हैं

जो लोग शास्त्रों में वर्णित कर्तव्य के सिद्धान्तों का पालन करते हैं और क्रमशः कृष्णभावनामृत को प्राप्त होते हैं

जो सदा ही पशुओं की भाँति आहार, निद्रा, भय तथा मैथुन का भोग करते हुए इस दुखमय संसार में निरन्तर रहते हैं

5.

MULTIPLE SELECT QUESTION

5 mins • 1 pt

कल्याण-मार्ग के अनुयायिओं को किन वर्गों में विभाजित किया जाता है? (6.40)

सकामकर्मी

इन्द्रियतृप्ति की इच्छा न करने वाले

मुक्ति पाने के लिए प्रयत्नशील लोग

कृष्णभावनामृत के भक्त

पाशविक वृत्तियों से पूर्ण

6.

MULTIPLE CHOICE QUESTION

5 mins • 1 pt

किस श्रेणी का असफल योगी पवित्रात्माओं के लोकों में अनेकानेक वर्षों तक भोग करने के बाद या तो सदाचारी पुरुषों के परिवार में या कि धनवानों के कुल में जन्म लेता है? (6.41)

जो बहुत थोड़ी उन्नति के बाद ही भ्रष्ट हो जाते हैं

जो दीर्घकाल तक योगाभ्यास के बाद भ्रष्ट होते हैं

7.

MULTIPLE CHOICE QUESTION

5 mins • 1 pt

Media Image

योगाभ्यास का वास्तविक उद्देश्य _____________ है | (6.41)

कृष्णभावनामृत की सर्वोच्च सिद्धि प्राप्त करना

भौतिक प्रलोभनों के कारण असफल होना

भौतिक इच्छाओं की पूर्ति करना

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