
Bhagavad Gita As It Is DAY-67 (18.39-48)
Authored by Keśava Kṛṣṇa Dāsa
Life Skills, Philosophy, Special Education
KG - Professional Development
Used 16+ times

AI Actions
Add similar questions
Adjust reading levels
Convert to real-world scenario
Translate activity
More...
Content View
Student View
25 questions
Show all answers
1.
MULTIPLE SELECT QUESTION
5 mins • 1 pt
तमोगुणी सुख के विषय में क्या सही है? (18.39)
न तो प्रारम्भ में सुख मिलता है, न अन्त में
प्रारम्भ में कुछ क्षणिक सुख और अन्त में दुख
प्रारम्भ में तथा अन्त में दुख ही दुख
प्रारम्भ में तथा अन्त में सुख ही सुख
प्रारम्भ में कुछ क्षणिक दुख और अन्त में सुख
2.
MULTIPLE SELECT QUESTION
5 mins • 1 pt
तामसी सुख के क्या लक्षण हैं? (18.39)
आत्म-साक्षात्कार के प्रति सजग है
आलस्य तथा निद्रा में ही सुखी रहता है
प्रारम्भ से लेकर अन्त तक मोहकारक है
जानता है कि कर्म कैसे करें, कैसे नहीं
3.
MULTIPLE SELECT QUESTION
5 mins • 1 pt
कौन व्यक्ति या स्थान प्रकृति के तीन गुणों के प्रभाव से मुक्त हैं? (18.40)
पृथ्वी लोक
स्वर्ग लोक
वैकुण्ठ लोक
देवता
असुर
4.
MULTIPLE SELECT QUESTION
5 mins • 1 pt
विशां - शब्द किसके लिए प्रयुक्त हुआ है? (18.41)
ब्राह्मण
क्षत्रिय
वैष्णव
शूद्र
वैश्य
5.
MULTIPLE CHOICE QUESTION
5 mins • 1 pt
परन्तप - शब्द किसके लिए प्रयुक्त हुआ है? (18.41)
भगवान् श्रीकृष्ण
अर्जुन
समस्त वैष्णव भक्त
धृतराष्ट्र
6.
MULTIPLE CHOICE QUESTION
5 mins • 1 pt
ब्राह्मणों, क्षत्रियों, वैश्यों तथा शूद्रों में __________ के द्वारा भेद किया जाता है|(18.41)
प्रकृति के गुणों के अनुसार उनके स्वभाव द्वारा उत्पन्न गुणों
जन्म
7.
MULTIPLE CHOICE QUESTION
5 mins • 1 pt
इस श्लोक में भगवान् श्रीकृष्ण ने ब्राह्मण के कितने स्वाभाविक गुण बताये हैं? (18.42)
4
9
20
26
Access all questions and much more by creating a free account
Create resources
Host any resource
Get auto-graded reports

Continue with Google

Continue with Email

Continue with Classlink

Continue with Clever
or continue with

Microsoft
%20(1).png)
Apple
Others
Already have an account?