
36. श्रीमद्भगवद्गीता यथारूप_प्रश्नोत्तरी श्रृंखला_8.10–8.17
Authored by Abhay Ram Das
Religious Studies
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5.
MULTIPLE CHOICE QUESTION
1 min • 1 pt
भगवान् श्रीकृष्ण द्वारा श्लोक संख्या 8.10 में वर्णित भगवत्योग की विधि किसके लिए संस्तुत नहीं हुई है ?
ध्यान योगियों के लिए ।
हठ योगियों के लिए ।
शुद्ध भक्तों के लिए ।
इनमें से किसी के लिए भी नहीं ।
6.
MULTIPLE CHOICE QUESTION
2 mins • 1 pt
भगवान् श्रीकृष्ण ने श्लोक संख्या 8.10 में क्या स्पष्ट किया है ?
यह कि मृत्यु के समय मन को भगवान् की भक्ति में स्थिर करना चाहिए ।
यह कि हम सभी को ध्यानयोग अथवा हठयोग का अभ्यास करना चाहिए ।
यह कि हम सभी को कर्मयोग का अभ्यास करना चाहिए ।
यह कि हम सभी को मनोयोग का अभ्यास करना चाहिए ।
7.
MULTIPLE CHOICE QUESTION
2 mins • 1 pt
श्लोक संख्या 8.10 में भगवान् श्रीकृष्ण ने योगाभ्यास करने वाले व्यक्तियों के लिए क्या संस्तुति की है ?
यह कि वे अपने प्राण को भौहों के मध्य (आज्ञा चक्र) में स्थिर करें ।
यह कि वे अपने प्राण को गुदा तथा जननेंद्रिय के मध्य (मूलाधार चक्र) में स्थिर करें ।
यह कि वे अपने प्राण को जननेंद्रिय के ऊपर (स्वाधिष्ठान चक्र) में स्थिर करें ।
यह कि वे अपने प्राण को कंठ में गड्ढे के मध्य (विशुद्धि चक्र) में स्थिर करें ।
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