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अपठित गद्यांश

Authored by SANJAY KUMAR

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12th Grade

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अपठित गद्यांश
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1.

MULTIPLE CHOICE QUESTION

30 sec • 1 pt

हिंदी अपठित गद्यांश कार्यपत्रिका

दिए गए गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर उत्तर दीजिए -

15 अगस्त 1947 को भारत स्वत्रंत हुआ। इसी ख़ुशी में हम हर वर्ष 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस के रूप में मानते है। यह दिवस हमारा राष्ट्रीय पर्व है। हमारे अन्य राष्ट्री य पर्व है 26 जनवरी और 2 अक्टूबर क्टूबर हैं। 1947 से पहले भारत अंग्रेज़ो का गुलाम था। अनेक देश - भक्तों ने देश की आज़ादी के लिए अपने प्राण त्याग दिए। स्वतंत्रता दिवस पूरे देश में धूमधाम से मनाया जाता है। मुख्य समारोह दिल्ली में आयोजित किया जाता है। इस दिन प्रधान मंत्री लाल किले पर तिरंगा फहराते है और अमर शहीदों के जीवन से प्रेरणा लेने की सीख भी देते हैं।

1.भारत कब स्वतंत्र हुआ ?

26 जनवरी ,1947

15 अगस्त ,1947

2 अक्टूबर 1947

2.

MULTIPLE CHOICE QUESTION

30 sec • 1 pt

हिंदी अपठित गद्यांश कार्यपत्रिका

दिए गए गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर उत्तर दीजिए -


15 अगस्त 1947 को भारत स्वत्रंत हुआ। इसी ख़ुशी में हम हर वर्ष 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस के रूप में मानते है। यह दिवस हमारा राष्ट्रीय पर्व है। हमारे अन्य राष्ट्री य पर्व है 26 जनवरी और 2 अक्टूबर क्टूबर हैं। 1947 से पहले भारत अंग्रेज़ो का गुलाम था। अनेक देश - भक्तों ने देश की आज़ादी के लिए अपने प्राण त्याग दिए। स्वतंत्रता दिवस पूरे देश में धूमधाम से मनाया जाता है। मुख्य समारोह दिल्ली में आयोजित किया जाता है। इस दिन प्रधान मंत्री लाल किले पर तिरंगा फहराते है और अमर शहीदों के जीवन से प्रेरणा लेने की सीख भी देते हैं।

2.हमारे राष्ट्रीय पर्व हैं -

होली और दिवाली

ईद और क्रिसमस

26 जनवरी और 2 अक्टूबर

3.

MULTIPLE CHOICE QUESTION

30 sec • 1 pt

हिंदी अपठित गद्यांश कार्यपत्रिका

दिए गए गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर उत्तर दीजिए -


15 अगस्त 1947 को भारत स्वत्रंत हुआ। इसी ख़ुशी में हम हर वर्ष 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस के रूप में मानते है। यह दिवस हमारा राष्ट्रीय पर्व है। हमारे अन्य राष्ट्री य पर्व है 26 जनवरी और 2 अक्टूबर क्टूबर हैं। 1947 से पहले भारत अंग्रेज़ो का गुलाम था। अनेक देश - भक्तों ने देश की आज़ादी के लिए अपने प्राण त्याग दिए। स्वतंत्रता दिवस पूरे देश में धूमधाम से मनाया जाता है। मुख्य समारोह दिल्ली में आयोजित किया जाता है। इस दिन प्रधान मंत्री लाल किले पर तिरंगा फहराते है और अमर शहीदों के जीवन से प्रेरणा लेने की सीख भी देते हैं।

3.भारत किसका गुलाम था -

अंग्रेजो का

फ्रांसीसियों का

अमेरिकन का

4.

MULTIPLE CHOICE QUESTION

30 sec • 1 pt

हिंदी अपठित गद्यांश कार्यपत्रिका

दिए गए गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर उत्तर दीजिए -


15 अगस्त 1947 को भारत स्वत्रंत हुआ। इसी ख़ुशी में हम हर वर्ष 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस के रूप में मानते है। यह दिवस हमारा राष्ट्रीय पर्व है। हमारे अन्य राष्ट्री य पर्व है 26 जनवरी और 2 अक्टूबर क्टूबर हैं। 1947 से पहले भारत अंग्रेज़ो का गुलाम था। अनेक देश - भक्तों ने देश की आज़ादी के लिए अपने प्राण त्याग दिए। स्वतंत्रता दिवस पूरे देश में धूमधाम से मनाया जाता है। मुख्य समारोह दिल्ली में आयोजित किया जाता है। इस दिन प्रधान मंत्री लाल किले पर तिरंगा फहराते है और अमर शहीदों के जीवन से प्रेरणा लेने की सीख भी देते हैं।

4. 15 अगस्त को प्रधानमंत्री कहाँ तिरंगा फहराते हैं -

राष्ट्रपति भवन

लाल किला

ताज महल

5.

MULTIPLE CHOICE QUESTION

30 sec • 1 pt

हिंदी अपठित गद्यांश कार्यपत्रिका

दिए गए गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर उत्तर दीजिए -


15 अगस्त 1947 को भारत स्वत्रंत हुआ। इसी ख़ुशी में हम हर वर्ष 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस के रूप में मानते है। यह दिवस हमारा राष्ट्रीय पर्व है। हमारे अन्य राष्ट्री य पर्व है 26 जनवरी और 2 अक्टूबर क्टूबर हैं। 1947 से पहले भारत अंग्रेज़ो का गुलाम था। अनेक देश - भक्तों ने देश की आज़ादी के लिए अपने प्राण त्याग दिए। स्वतंत्रता दिवस पूरे देश में धूमधाम से मनाया जाता है। मुख्य समारोह दिल्ली में आयोजित किया जाता है। इस दिन प्रधान मंत्री लाल किले पर तिरंगा फहराते है और अमर शहीदों के जीवन से प्रेरणा लेने की सीख भी देते हैं।

5.हमें किसके जीवन से प्रेरणा लेने की सीख देते हैं -

अमर शहीदों

अभिनेता

चित्र कथा के पात्र

6.

MULTIPLE CHOICE QUESTION

30 sec • 1 pt

एक जंगल में परिजात का एक पेड़ था। परिजात का कोई मुकाबला नहीं था। उसकी सुंदरता बेजोड़ थी। उसका रंग-रूप निराला था। परिजात को भी अपने गुणों का पूरा-पूरा पता था। नीले आसमान में सिर उठाए इस शान से खड़ा रहता, मानों पेड़ों का सरताज हो। जब बहार के दिन आते तो परिजात अनगिनत नन्हें-नन्हें फूलों से लद जाता, लगता मानों किसी ने आकाश से सारे तारे तोड़कर परिजात की शाखाओं पर टाँक दिए हो। नन्हें फूलों से झिलमिलाता परिजात जब सुगंध भरी पराग जंगल में बिखेरता तो जंगल नंदन बन जाता। चुंबक की तरह परिजात सबको अपनी तरफ़ खींचता, जिसे देखो, वही परिजात की तरफ़ भागता । सतरंगी शालें ओढ़े चटकीली तितलियाँ सहेलियों के साथ झुंड का झुंड बनाकर परिजात का श्रृंगार देखने आतीं तथा जाते-जाते फूलों को खींचकर ढेरों पराग अपने साथ ले जाती।


प्रश्न 1 जंगल में किसका पेड़ था?

पीपल का

सेब का

परिजात का

नीम का

7.

MULTIPLE CHOICE QUESTION

30 sec • 1 pt

एक जंगल में परिजात का एक पेड़ था। परिजात का कोई मुकाबला नहीं था। उसकी सुंदरता बेजोड़ थी। उसका रंग-रूप निराला था। परिजात को भी अपने गुणों का पूरा-पूरा पता था। नीले आसमान में सिर उठाए इस शान से खड़ा रहता, मानों पेड़ों का सरताज हो। जब बहार के दिन आते तो परिजात अनगिनत नन्हें-नन्हें फूलों से लद जाता, लगता मानों किसी ने आकाश से सारे तारे तोड़कर परिजात की शाखाओं पर टाँक दिए हो। नन्हें फूलों से झिलमिलाता परिजात जब सुगंध भरी पराग जंगल में बिखेरता तो जंगल नंदन बन जाता। चुंबक की तरह परिजात सबको अपनी तरफ़ खींचता, जिसे देखो, वही परिजात की तरफ़ भागता । सतरंगी शालें ओढ़े चटकीली तितलियाँ सहेलियों के साथ झुंड का झुंड बनाकर परिजात का श्रृंगार देखने आतीं तथा जाते-जाते फूलों को खींचकर ढेरों पराग अपने साथ ले जाती।


प्रश्न 2 परिजात अपने आप को स्वयं क्या समझता था ?

पेड़ों का सरताज

पेड़ों का दास

ईश्वर

इनमें से कोई नहीं

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