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Chapter 2 संरचना तथा भू आकृति विज्ञान

Authored by Manish Kumar

Geography

11th Grade

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Chapter 2 संरचना तथा भू आकृति विज्ञान
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1.

MULTIPLE CHOICE QUESTION

30 sec • 1 pt

भारतीय मरुस्थल के संदर्भ में नीचे दिये गए कथनों पर विचार कीजियेः

1. भारतीय मरुस्थल अरावली पहाड़ियों के दक्षिण-पश्चिम में स्थित है।

2. इस क्षेत्र की भूगर्भिक चट्टान संरचना प्रायद्वीपीय पठार का विस्तार है।

3. लूनी नदी इस क्षेत्र की एक महत्त्वपूर्ण नदी है।

उपरोक्त कथनों में से कौन-से सत्य हैं?

कूटः

A

केवल 1 और 2

B

केवल 2 और 3

C

केवल 1 और 3

D

उपरोक्त सभी।

A

B

C

D

Answer explanation

Explanation

व्याख्याः केवल कथन 2 और 3 सत्य हैं। विशाल भारतीय मरुस्थल अरावली पहाड़ियों के उत्तर-पश्चिम में स्थित है। यहाँ पर वार्षिक वर्षा 150 मिलीमीटर से कम होती है, जिसके परिणामस्वरूप यह एक शुष्क और वनस्पति रहित क्षेत्र है। इन्हीं गुणों के कारण इसे ‘मरुस्थली’ कहा जाता है। यद्यपि इस क्षेत्र की भूगर्भिक चट्टान संरचना प्रायद्वीपीय पठार का विस्तार है, तथापि अत्यंत शुष्क दशाओं के कारण इसकी धरातलीय आकृतियाँ भौतिक अपक्षय और पवन क्रिया द्वारा निर्मित हैं।

मरुस्थल के दक्षिण भाग में बहने वाली लूनी नदी यहाँ की एक महत्त्वपूर्ण नदी है जो कि अरावली पहाड़ियों से निकलती है।

2.

MULTIPLE CHOICE QUESTION

30 sec • 1 pt

निम्नलिखित में से कौन-सी पहाड़ियाँ पश्चिमी घाट के अंतर्गत शामिल हैं?

1. अन्नामलाई

2. नीलगिरी

3. नल्लामाला

4. कार्डामम

5. जावादी

कूटः

A

केवल 1, 2 और 3

B

केवल 1, 2 और 4

C

केवल 2, 3 और 4

D

उपरोक्त सभी

A

B

C

D

Answer explanation

Explanation

व्याख्याः दक्कन पठार के पूर्वी एवं पश्चिमी सिरे पर क्रमशः पूर्वी तथा पश्चिमी घाट स्थित हैं। पश्चिमी घाट की प्रमुख पहाड़ियाँ सहयाद्रि, नीलगिरी, अन्नामलाई, कार्डामम (इलायची) हैं, जबकि पूर्वी घाट की मुख्य श्रेणियाँ-जावादी पहाड़ियाँ, पालकोण्डा श्रेणी, नल्लामाला पहाड़ियाँ और महेन्द्रगिरी पहाड़ियाँ हैं।

3.

MULTIPLE CHOICE QUESTION

30 sec • 1 pt

प्रायद्वीपीय पठार की सबसे ऊँची चोटी हैः

A

अनाईमुडी

B

डोडाबेटा

C

महेन्द्रगिरी

D

मलयगिरी

A

B

C

D

Answer explanation

Explanation

व्याख्याः

प्रायद्वीपीय पठार की सबसे ऊँची चोटी अनाईमुडी (2695 मीटर) है, जो पश्चिमी घाट की अन्नामलाई पहाड़ियों में स्थित है।

दूसरी सबसे ऊँची चोटी डोडाबेटा है और यह नीलगिरी पहाड़ियों में स्थित है।

4.

MULTIPLE CHOICE QUESTION

30 sec • 1 pt

पूर्वी घाट और पश्चिमी घाट निम्न में से किन पहाड़ियों में आपस में मिलते हैं?

A

कार्डामम (इलायची) पहाड़ियों में

B

नीलगिरी पहाड़ियों में

C

नल्लामाला पहाड़ियों में

D

पालकोण्डा पर्वत श्रेणी में

A

B

C

D

Answer explanation

Explanation

व्याख्याः पूर्वी एवं पश्चिमी घाट नीलगिरी पहाड़ियों में आपस में मिलते हैं।

5.

MULTIPLE CHOICE QUESTION

30 sec • 1 pt

निम्नलिखित में से कौन-सा कथन असत्य है?

A

पश्चिमी घाट, पूर्वी घाट की अपेक्षा ऊँचे हैं।

B

पश्चिमी घाट का विस्तार सतत् है, जबकि पूर्वी घाट का विस्तार सतत् नहीं है।

C

उड्गमंडलम् जिसे ऊटी के नाम से जाना जाता है, अन्नामलाई पर्वतमाला में स्थित एक महत्त्वपूर्ण हिल स्टेशन है।

D

पूर्वी घाट का सबसे ऊँचा शिखर जिंधगाड़ा (Jindhagada) है।

A

B

C

D

Answer explanation

Explanation

व्याख्याः

केवल तीसरा कथन गलत है। उड्गमंडलम् या ऊटी तमिलनाडु राज्य का एक पर्वतीय शहर है जो नीलगिरी पहाड़ियों पर अवस्थित है।

पश्चिमी घाट पूर्वी घाट की अपेक्षा ऊँचे हैं। पूर्वी घाट की 600 मीटर की औसत ऊँचाई की तुलना में पश्चिमी घाट की ऊँचाई 900 से 1600 मीटर तक है।

पश्चिमी घाट का विस्तार सतत् है जबकि पूर्वी घाट का विस्तार सतत् नहीं है। ये अनियमित हैं एवं बंगाल की खाड़ी में गिरने वाली नदियों ने इनको काट दिया है। पश्चिमी घाट में पर्वतीय वर्षा होती है। यह वर्षा घाट के पश्चिमी ढाल पर आर्द्र हवा से टकराकर ऊपर उठने के कारण होती है।

पूर्वी घाट के दक्षिण-पश्चिम में शेवराय तथा जावेदी की पहाड़ियाँ स्थित हैं। पूर्वी घाट का सबसे ऊँचा शिखर जिंधगाड़ा (1690 m) है तथा महेन्द्रगिरी इस घाट की एक अन्य महत्त्वपूर्ण चोटी है। इस घाट का काफी अपरदन हो चुका है।

6.

MULTIPLE CHOICE QUESTION

30 sec • 1 pt

प्रायद्वीपीय पठार के मध्य उच्च भू-भाग से संबंधित नीचे दिये गए कथनों पर विचार कीजियेः

1. अपने भूगर्भीय इतिहास में यह क्षेत्र कायांतरित प्रक्रियाओं से गुज़र चुका है।

2. मध्य उच्च भू-भाग का पूर्वी विस्तार राजमहल पहाड़ियों तक है।

3. पश्चिम में अरावली पर्वत इसकी सीमा बनाता है जो ब्लाक पर्वत का उत्कृष्ट उदाहरण है।

उपरोक्त में से कौन-से कथन सत्य हैं?

A

केवल 1 और 2

B

केवल 2 और 3

C

केवल 1 और 3

D

उपरोक्त सभी।

A

B

C

D

Answer explanation

Explanation

व्याख्याः मुख्य उच्चावच लक्षणों के अनुसार प्रायद्वीपीय पठार को तीन भागों में बाँटा जाता है-दक्कन का पठार, मध्य उच्च भू-भाग, उत्तर-पूर्वी पठार।

नर्मदा नदी के उत्तर में प्रायद्वीपीय पठार का वह भाग जो कि मालवा के पठार के अधिकतर भागों पर फैला है, उसे मध्य उच्च भू-भाग के नाम से जाना जाता है। अपने भूगर्भीय इतिहास में यह क्षेत्र कायांतरित प्रक्रियाओं से गुज़र चुका है और कायांतरित चट्टानों जैसे-संगमरमर, स्लेट और नाइस की उपस्थिति इसका प्रमाण है। मध्य उच्च भू-भाग का पूर्वी विस्तार राजमहल की पहाड़ियों तक है, जिसके दक्षिण में स्थित छोटानागपुर पठार खजिन पदार्थों का भंडार है।

कथन 3 गलत है। पश्चिम में अरावली पर्वत मध्य उच्च भू-भाग की सीमा बनाता है, यह अवशिष्ट पर्वत के उत्कृष्ट उदाहरण है, जो कि काफी हद तक अपरदित है और इसकी श्रृंखला टूटी हुई है। प्रायद्वीपीय पठार के इस भाग का विस्तार जैसलमेर तक है जहाँ यह अनुदैर्ध्य रेल के डिब्बों और चापाकार (बरखान) रेतीले डिब्बों से ढँका है।

7.

MULTIPLE CHOICE QUESTION

30 sec • 1 pt

मेघालय के पठार के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सा/से कथन सत्य है/हैं?

1. मेघालय का पठार, प्रायद्वीपीय पठार का ही विस्तार है।

2. मेघालय के पठार पर खनिज पदार्थों के निक्षेप नहीं मिलते।

3. मेघालय के पठार पर अवस्थित चेरापुंजी नग्न चट्टानों से ढँका स्थल है और यहाँ वनस्पति लगभग नहीं के बराबर है।

कूटः

A

केवल 1

B

केवल 1 और 2

C

केवल 1 और 3

D

उपरोक्त सभी।

A

B

C

D

Answer explanation

Explanation

व्याख्याः केवल कथन 1 और 3 ही सत्य हैं। भारत के उत्तर-पूर्व का पठार, प्रायद्वीपीय पठार का ही एक विस्तारित भाग है। यह माना जाता है कि हिमालय की उत्पत्ति के समय इंडियन प्लेट के उत्तर-पूर्व दिशा में खिसकने के कारण राजमहल पहाड़ियों और मेघालय के पठार के बीच भ्रंश घाटी बनने से यह अलग हो गया था। बाद में यह नदी द्वारा जमा किये जलोढ़ द्वारा पाट दिया गया। आज मेघालय और कार्बी ऐंगलोंग पठार (असम), इसी कारण से मुख्य प्रायद्वीपीय पठार से अलग-थलग हैं।

• छोटानागपुर के पठार की तरह मेघालय का पठार भी कोयला, लोहा, सिलीमेनाइट, चूने के पत्थर और यूरेनियम जैसे खजिन पदार्थों का भंडार है।

• उत्तर-पूर्वी पठारी क्षेत्र में अधिकतर वर्षा दक्षिणी-पश्चिमी मानूसन से होती है। परिणामस्वरूप, मेघालय का पठार एक अति अपरदित भूतल है। चेरापूंजी नग्न चट्टानों से ढँका स्थल है और यहाँ वनस्पति लगभग नहीं के बराबर है। नोकरेक मेघालय पठार की सर्वोच्च चोटी है।

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