
अध्याय 16 – प्रकाश
Authored by Manish Kumar
Science
8th Grade
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1.
MULTIPLE CHOICE QUESTION
30 sec • 1 pt
जंतुओं के नेत्र विभिन्न आकृति के होते हैं तथा विभिन्न विशेषताएँ रखते हैं। इन विशेषताओं के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिये-
1. केकड़े के नेत्र बहुत छोटे होते हैं, परन्तु वह चारों ओर देख सकता है।
2. तितली के नेत्र बड़े होते हैं, परन्तु सहस्रों छोटे नेत्रों से मिलकर बने प्रतीत होते हैं।
3. उल्लू के नेत्र में बड़ा कॉर्निया तथा बड़ी पुतली होती है ताकि नेत्र में अधिक प्रकाश प्रवेश कर सके।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
A
केवल 1 और 2
B
केवल 2 और 3
C
केवल 3
D
1, 2 और 3
A
B
C
D
Answer explanation
Explanation
व्याख्याः
उपर्युक्त तीनों कथन सही हैं। केकड़े के नेत्र बहुत छोटे होते हैं, परन्तु इनके द्वारा केकड़ा चारों ओर देख सकता है।
तितली के नेत्र बड़े होते हैं जो सहस्रों छोटे नेत्रों से मिलकर बने प्रतीत होते हैं। यह केवल सामने अथवा पार्श्व में ही नहीं बल्कि पीछे भी देख सकती है।
उल्लू के नेत्र में बड़ा कॉर्निया तथा बड़ी पुतली होती है, ताकि नेत्र में अधिक प्रकाश प्रवेश कर सके। इसी के साथ-साथ इसके रेटिना में बड़ी संख्या में शलाकाएँ होती हैं तथा केवल कुछ ही शंकु होते हैं जिस कारण उल्लू रात में भली-भाँति देख सकता है, परन्तु दिन में नहीं। इसके विपरीत दिन के पक्षियों के नेत्रों में शंकु अधिक तथा शलाकाएँ कम होती हैं।
2.
MULTIPLE CHOICE QUESTION
30 sec • 1 pt
ब्रैल सिस्टम (Braille System) निम्नलिखित में से किससे संबंधित है?
A
प्रकाश के परावर्तन के नियम से
B
दूर तथा निकट दृष्टिदोष से संबंधित व्यक्तियों से
C
चक्षुषविकृति युक्त (Visually Challenged) व्यक्तियों से
D
उपर्युक्त में से किसी से नहीं
A
D
B
C
Answer explanation
Explanation
व्याख्याः
ब्रेल सिस्टम चक्षुषविकृति युक्त व्यक्तियों के लिये सर्वाधिक लोकप्रिय साधन है। इस पद्धति को लुई ब्रैल, जो स्वयं एक चक्षुषविकृति युक्त व्यक्ति थे, ने विकसित किया था।
ब्रैल पद्धति में 63 बिंदुकित (Dot) पैटर्न अथवा छाप हैं।
3.
MULTIPLE CHOICE QUESTION
30 sec • 1 pt
मानव नेत्र के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिये-
1. सामान्य नेत्र दूर रखी वस्तुओं के साथ-साथ निकट की वस्तुओं को भी स्पष्टतया देख सकता है।
2. वह न्यूनतम दूरी जिस पर नेत्र वस्तुओं को स्पष्टतया देख सकता है, आयु के साथ-साथ परिवर्तित होती रहती है।
3. मोतियाबिंद नेत्र का लेंस धुंधला हो जाने के कारण होता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
A
केवल 1 और 2
B
केवल 2 और 3
C
केवल 3
D
1, 2 और 3
A
B
C
D
Answer explanation
Explanation
व्याख्याः
उपर्युक्त सभी कथन सही हैं। मानव नेत्र एक ऐसा अद्भुत यंत्र है जो दूर रखी वस्तु के साथ-साथ निकट की वस्तु को भी स्पष्टतया देख सकता है।
वह न्यूनतम दूरी, जिस पर नेत्र वस्तुओं को स्पष्टतया देख सकता है, आयु के साथ परिवर्तित होती रहती है। सामान्य नेत्र द्वारा पढ़ने के लिये सर्वाधिक सुविधाजनक दूरी लगभग 25 सेमी. होती है।
मोतियाबिंद वृद्धावस्था में नेत्र का लेंस धुंधला हो जाने के कारण होता है। इसकी चिकित्सा की प्रक्रिया में चिकित्सक द्वारा इस अपारदर्शी लेंस को हटाकर नया कृत्रिम लेंस लगा दिया जाता है।
4.
MULTIPLE CHOICE QUESTION
30 sec • 1 pt
निम्नलिखित पर विचार कीजिये-
1. वस्तु द्वारा स्वयं का प्रकाश उत्सर्जन
2. वस्तु द्वारा प्रकाश का परावर्तन
3. प्रकाश का विक्षेपण
उपर्युक्त में से कौन-सा/से किसी वस्तु को देख पाने की घटना से संबंधित है/हैं?
A
केवल 1 और 2
B
केवल 2
C
केवल 1 और 3
D
1, 2 और 3
A
B
C
D
Answer explanation
Explanation
व्याख्याः
किसी वस्तु को देख पाने के लिये आवश्यक है कि वस्तु से प्रकाश आँखों पर आए। यह प्रकाश वस्तु से उत्सर्जित या परावर्तित होकर आ सकता है।
जो पिण्ड प्रकाश का उत्सर्जन स्वयं करते हैं, वे दीप्त पिण्ड तथा जो दूसरी वस्तुओं के प्रकाश से चमकते हैं, वे प्रदीप्त पिण्ड कहलाते हैं।
प्रकाश के अपने रंगों में विभाजित होने को प्रकाश का विक्षेपण कहते हैं। इन्द्रधनुष विक्षेपण को दर्शाने वाली एक प्राकृतिक घटना है। विक्षेपण की प्रक्रिया वस्तु को देखने के लिये उत्तरदायी नहीं है।
5.
MULTIPLE CHOICE QUESTION
30 sec • 1 pt
प्रकाश के परावर्तन के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिये-
1. इस घटना में आपतन कोण सदैव परावर्तन कोण के बराबर होता है।
2. आपतित किरण, परावर्तित किरण तथा आपतन बिन्दु पर खींचा गया अभिलंब-ये तीनों एक ही तल में होते हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
A
केवल 1
B
केवल 1
C
1 और 2 दोनों
D
न तो 1 और न ही 2
A
B
C
D
Answer explanation
Explanation
व्याख्याः उपर्युक्त दोनों कथन सही हैं। इन्हें प्रकाश के परावर्तन का नियम कहते हैं।
6.
MULTIPLE CHOICE QUESTION
30 sec • 1 pt
निम्नलिखित में से नेत्रों का कौन-सा भाग नेत्रों के विशिष्ट रंग के लिये उत्तरदायी होता है?
A
लेंस (Lens)
B
कॉर्निया (Cornea)
C
रेटिना (Retina)
D
परितारिका (Iris)
A
B
C
D
Answer explanation
Explanation
व्याख्याः
परितारिका मानव नेत्र का वह भाग है जो इसे इसका विशिष्ट रंग प्रदान करती है।
मानव नेत्र की आकृति लगभग गोलाकार है। नेत्र का बाहरी आवरण सफेद होता है। यह कठोर होता है जो नेत्र के आंतरिक भागों की सुरक्षा करता है। इसके पारदर्शी भाग को कॉर्निया या स्वच्छ मंडल कहते हैं। कॉर्निया के पीछे एक गहरे रंग की संरचना होती है, जिसे परितारिका कहते हैं। परितारिका नेत्र में प्रवेश करने वाले प्रकाश की मात्रा को नियंत्रित करती है। इसमें एक छोटा सा द्वार होता है जिसे पुतली (Pupil) कहते हैं। पुतली के पीछे एक लेंस होता है जो केन्द्र पर मोटा (उत्तल) होता है। लेंस प्रकाश को आँखों के पीछे एक परत पर फोकस करता है। इस परत को रेटिना (दृष्टि पटल) कहते हैं।
7.
MULTIPLE CHOICE QUESTION
30 sec • 1 pt
रेटिना के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिये-
1. यह अनेक तंत्रिका कोशिकाओं की बनी होती है।
2. अंध बिन्दु (Blind Spot) रेटिना तथा दृक् तंत्रिकाओं (Optic Nerves) की संधि पर उपस्थित होता है।
3. इस पर बने प्रतिबिंब का प्रभाव, वस्तु को हटा लेने पर, तुरन्त ही समाप्त नहीं होता।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
A
केवल 1
B
केवल 2
C
केवल 3
D
1, 2 और 3
A
B
C
D
Answer explanation
Explanation
व्याख्याः
उपर्युक्त तीनों कथन सही हैं। रेटिना अनेक तंत्रिका कोशिकाओं का बना होता है। इन तंत्रिका कोशिकाओं द्वारा अनुभव की गई संवेदनाओं को दृक् तंत्रिकाओं द्वारा मस्तिष्क तक पहुँचाया जाता है ये तंत्रिका दो प्रकार की होती हैं-
(i) शंकु (Cones), जो तीव्र प्रकाश के लिये सुग्राही होते हैं तथा रंगों (वर्णों) की सूचनाएँ भी भेजते हैं।
(ii) शलाकाएँ (Rods), जो मंद प्रकाश के लिये सुग्राही होती हैं।
दृक् तंत्रिकाओं तथा रेटिना की संधि पर कोई तंत्रिका कोशिका नहीं होती है। इस बिन्दु को ‘अंध बिन्दु’ कहते हैं।
रेटिना पर बने प्रतिबिंब का प्रभाव, वस्तु को हटा लेने पर, तुरन्त ही समाप्त नहीं होता। यह लगभग 1/16 सेकेंड तक बना रहता है। इसलिये यदि नेत्र पर प्रति सेकेंड 16 या इससे अधिक दर पर किसी गतिशील वस्तु का स्थिर प्रतिबिंब बनें, तो नेत्र को वह वस्तु चलचित्र की भाँति चलती-फिरती अनुभव होगी।
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