
अध्याय 7. जीवित जीवों में विविधता
Authored by Manish Kumar
Science
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1.
MULTIPLE CHOICE QUESTION
30 sec • 1 pt
पृथ्वी पर कर्क रेखा और मकर रेखा के बीच के क्षेत्र में एक गर्मी और नमी वाला भाग है। निम्नलिखित कथनों में से कौन-सा इस भाग की सबसे सही व्याख्या है?
A
यहाँ पौधों और जंतुओं में अत्यधिक विविधता पाई जाती है।
B
यहाँ मरुस्थलीय जलवायु पाई जाती है।
C
यह वर्षा और चक्रवात रहित क्षेत्र है।
D
यह क्षेत्र सदाबहार वनों के लिये प्रतिकूल है।
A
B
C
D
Answer explanation
Explanation
व्याख्याः
पृथ्वी पर कर्क रेखा और मकर रेखा के बीच के क्षेत्र में जो गर्मी और नमी वाला भाग है, वहाँ पौधों और जंतुओं में काफी विविधता पाई जाती है। अतः यह क्षेत्र मेगाडाइवर्सिटी क्षेत्र कहलाता है।
पृथ्वी पर जैव विविधता का आधे से अधिक भाग कुछेक देशों, जैसे- ब्राज़ील, कोलंबिया, इक्वाडोर, पेरू, मेक्सिको, ज़ायरे, मेडागास्कर, ऑस्ट्रेलिया, चीन, भारत, इंडोनेशिया और मलेशिया में केंद्रित है।
2.
MULTIPLE CHOICE QUESTION
30 sec • 1 pt
निम्नलिखित में से कौन जैव विकास की अवधारणा से संबंधित है?
A
अर्न्सट हेकेल
B
चार्ल्स डार्विन
C
राबर्ट व्हिटेकर
D
कार्ल वोस
A
B
C
D
Answer explanation
Explanation
व्याख्याः
चार्ल्स डार्विन ने 1859 में अपनी पुस्तक ‘दि ओरिजिन ऑफ स्पीशीज़’ में जैव विकास की अवधारणा को प्रस्तुत किया था।
अर्न्सट हेकेल, राबर्ट व्हिटेकर और कार्ल वोस ने सारे सजीवों को जगत (Kingdom) नामक बड़े वर्गों में विभाजित करने का प्रयास किया था।
3.
MULTIPLE CHOICE QUESTION
30 sec • 1 pt
जीवों को पाँच जगत (Kingdom) में वर्गीकृत किया गया है। निम्नलिखित में से कौन इसमें सम्मिलित हैं?
1. मोनेरा
2. प्रोटिस्टा
3. कवक
4. प्लांटी
5. ऐनिमेलिया
नीचे दिये गए कूट का प्रयोग करके सही उत्तर चुनियेः
A
केवल 1, 2 और 3
B
केवल 2, 3 और 4
C
केवल 3, 4 और 5
D
1, 2, 3, 4 और 5
A
B
C
D
Answer explanation
Explanation
व्याख्याः
जीवों का वर्गीकरण उनके विकास से संबंधित है। व्हिटेकर द्वारा प्रस्तावित वर्गीकरण में जीवों के पाँच जगत हैं- मोनेरा, प्रोटिस्टा, फंजाई (कवक), प्लांटी और ऐनिमेलिया। ये समूह निम्नलिखित विशेषताओं को ध्यान में रखकर बनाए गए हैं-
(a) कोशिकीय संरचनाः प्रोकैरियोटी अथवा यूकैरियोटी।
(b) जीव का शरीर एककोशिक अथवा बहुकोशिक है। इसमें बहुकोशिक जीवों की संरचना जटिल होती है।
(c) कोशिकाभित्ति की उपस्थिति तथा स्वपोषण की क्षमता।
कार्ल वोस ने अपने वर्गीकरण में मोनेरा जगत को आर्कीबैक्टीरिया और यूबैक्टीरिया में बाँट दिया।
पुनः विभिन्न स्तरों पर जीवों को उपसमूहों में वर्गीकृत किया गया है, जैसे-
इस प्रकार वर्गीकरण की आधारभूत इकाई जाति (स्पीशीज़) है।
4.
MULTIPLE CHOICE QUESTION
30 sec • 1 pt
मोनेरा जगत (Kingdom) के जीवों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजियेः
1. इस जगत के सभी जीवों में कोशिकाभित्ति उपस्थित होती है।
2. नील-हरित शैवाल इस जगत का उदाहरण है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
A
केवल 1
B
केवल 2
C
1 और 2 दोनों
D
न तो 1 और न ही 2
A
B
C
D
Answer explanation
Explanation
व्याख्याः
मोनेरा जगत के जीवों में से कुछ में कोशिकाभित्ति पाई जाती है तथा कुछ में नहीं। कोशिकाभित्ति के न होने के कारण मोनेरा वर्ग के जीवों की शारीरिक संरचना में आए परिवर्तन तुलनात्मक रूप से बहुकोशिक जीवों में कोशिका भित्ति के होने या न होने के कारण आए परिवर्तनों से भिन्न होते हैं। अतः कथन (1) गलत है।
इन जीवों में न तो संगठित केंद्रक और कोशिकांग होते हैं और न ही उनके शरीर बहुकोशिक होते हैं।
पोषण के स्तर पर ये स्वपोषी अथवा विषमपोषी दोनों हो सकते हैं।
जीवाणु, नील-हरित शैवाल अथवा साइनोबैक्टीरिया तथा माइकोप्लाज्मा इस जगत के जीवों के कुछ उदाहरण हैं। अतः कथन (2) सही है।
5.
MULTIPLE CHOICE QUESTION
30 sec • 1 pt
अमीबा और प्रोटोजोआ निम्नलिखित में से किस जगत के अंतर्गत आते हैं?
A
प्रोटिस्टा
B
मोनेरा
C
प्लांटी
D
इनमें से कोई नहीं।
Explanation
व्याख्याः
A
B
C
D
Answer explanation
Explanation
व्याख्याः
एककोशिक शैवाल, डाइएटम, प्रोटोजोआ, अमीबा और युग्लीना प्रोटिस्टा जगत के जीवों के कुछ उदाहरण हैं।
प्रोटिस्टा जगत में एककोशिक, यूकैरियोटी जीव आते हैं। इस वर्ग के कुछ जीवों में गमन के लिये सीलिया, फ्लैजेला नामक संरचनाएँ पाई जाती हैं। ये स्वपोषी और विषमपोषी दोनों हो सकते हैं।
6.
MULTIPLE CHOICE QUESTION
30 sec • 1 pt
फंजाई (कवक) जगत के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजियेः
1. इस जगत के जीव मृतजीवी होते हैं।
2. इस जगत की कुछ प्रजातियाँ साइनोबैक्टीरिया के साथ सहजीवी संबंध दर्शाती हैं।
3. फंजाई में उपस्थित कोशिकाभित्ति काइटिन की बनी होती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
A
केवल 1 और 2
B
केवल 2 और 3
C
केवल 3
D
1, 2 और 3
A
B
C
D
Answer explanation
Explanation
व्याख्याः उपर्युक्त सभी कथन सही हैं।
फंजाई विषमपोषी (Heterotrophic) यूकैरियोटी जीव हैं। ये पोषण के लिये सड़े-गले कार्बनिक पदार्थों पर निर्भर रहते हैं, इसलिये इन्हें मृतजीवी कहा जाता है। इनमें कई अपने जीवन की विशेष अवस्था में बहुकोशिक क्षमता प्राप्त कर लेते हैं।
कवकों की कुछ प्रजातियाँ नील-हरित शैवाल (साइनोबैक्टीरिया) के साथ स्थायी अंतर्संबंध बनाती हैं, जिसे सहजीविता कहते हैं। ऐसे सहजीवी जीवों को लाइकेन कहा जाता है। ये लाइकेन अक्सर पेड़ों की छालों पर रंगीन धब्बों के रूप में दिखाई देते हैं।
फंजाई में काइटिन नामक जटिल शर्करा की बनी हुई कोशिका भित्ति पाई जाती है।
यीस्ट, मशरूम, एस्पर्जिलस, पेनिसिलियम तथा एगेरिकस फंजाई जगत के कुछ उदाहरण हैं।
7.
MULTIPLE CHOICE QUESTION
30 sec • 1 pt
प्लांटी और ऐनिमेलिया जगत के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजियेः
1. प्लांटी वर्ग में ऐसे बहुकोशिक यूकैरियोटी जीव आते हैं, जिनमें कोशिका भित्ति अनुपस्थित होती है।
2. ऐनिमेलिया वर्ग में ऐसे बहुकोशिक यूकैरियोटी जीव आते हैं, जो विषमपोषी होते हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
A
केवल 1
B
केवल 2
C
1 और 2 दोनों
D
न तो 1 और न ही 2
A
B
C
D
Answer explanation
Explanation
व्याख्याः
कथन (1) गलत है, क्योंकि प्लांटी वर्ग में ऐसे बहुकोशिक यूकैरियोटी जीव आते हैं, जिनमें कोशिकाभित्ति उपस्थित होती है। ये स्वपोषी (Autotrophs) होते हैं और प्रकाश-संश्लेषण के लिये क्लोरोफिल का प्रयोग करते हैं। इस वर्ग में सभी पौधों को रखा गया है।
कथन (2) सही है। ऐनिमेलिया वर्ग में ऐसे सभी बहुकोशिक यूकैरियोटी जीव आते हैं, जिनमें कोशिकाभित्ति नहीं पाई जाती है। इस वर्ग के जीव विषमपोषी होते हैं।
प्लांटी जगत का वर्गीकरण:
ऐनिमेलिया जगत का वर्गीकरण:
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