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WorksheetsBasic understanding of Gaudiya - 1
Total questions: 15
Worksheet time: 8mins
गौड़ीय वैष्णव कितने शरीर के अंगों पर तिलक लगाते हैं?
10
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ललाट पर तिलक लगाते समय कौन सा मंत्र उच्चारित किया जाता है?
ओम केशवाय नमः
ओम नारायणाय नमः
ओम गोविन्दाय नमः
ओम् वामनाय नमः
बचे हुए तिलक को शिखा पर निम्न मंत्र से उच्चारण करके लगाया जाता है.......
ओम विष्णवे नमः
ओम् मधुसूदनाय नमः
ओम् पद्मनाभाय नमः
ओम् वासुदेवाय नमः
निम्नलिखित नाम अप्राध कौन सी संख्या है?
अश्रद्धालु व्यक्ति को कृष्ण नाम की महिमा का उपदेश करना।
7
8
9
10
निम्नलिखित मंत्र किस्को प्रणाम कर्ता है ?
वंदेऽहं श्रीगुरोः श्रीयुतपदकमलं श्रीगुरून् वैष्णवाँश्च
दीक्षा गुरु
सभी गुरुओ
वैष्णव जन
तीनों विकल्प सही हैं
उपनयन संस्कार क्या है?
मुंडन करवाना
जनेऊ धरन करना
नाम रक्खना
इनमें से कोई नहीं
भगवान विष्णु ने अपने ....... को ध्रुव महाराज के सर पर स्पर्श किया
शंख
गदा
पुष्प कमल
हाथ
निम्नलिखित मंत्र किस पुस्तक से लिया गया है?
ईशा वास्यमिदं सर्वं यत्किञ्च जगत्यां जगत्।
तेन त्यक्तेन भुञ्जीथा मा गृधः कस्यस्विद्धनम् ॥
ईशोपनिषद्
केनोपनिषद्
मुण्डकोपनिषद्
तैत्तरीयोपनिषद्
Following verse is from which prayer ?
श्री गुरु करुणासिंधु, अधम जनर बंधु
लोकनाथ् लोकेर जीवन
हा हा प्रभु कोरो दोया, देहो मोरे पद-छाया,
एबे जश घुषुक् त्रिभुवन
श्री गुर्वष्टकम्
श्री गुरु वंदना
श्री शिक्षाष्टकम्
श्री श्री षड्- गोस्वामि-अष्टक
निम्नलिखित अनुवाद किस श्लोक का है?
हे प्रभु ! आपका नाम कीर्तन करते हुए कब मेरे नेत्रों से अश्रुओं की धारा बहेगी, कब आपका नामोच्चारण मात्र से ही मेरा कंठ गद्गद होकर अवरुद्ध हो जायेगा और मेरा शरीर रोमांचित हो उठेगा ॥
अयि नन्दतनुज किंकरं पतितं मां विषमे भवाम्बुधौ।
कृपया तव पादपंकज-स्थितधूलिसदृशं विचिन्तय॥५॥
न धनं न जनं न सुन्दरीं कवितां वा जगदीश कामये।
मम जन्मनि जन्मनीश्वरे भवताद् भक्तिरहैतुकी त्वयि॥४॥
नयनं गलदश्रुधारया वदनं गदगदरुद्धया गिरा।
पुलकैर्निचितं वपुः कदा तव नाम-ग्रहणे भविष्यति॥६॥
आश्लिष्य वा पादरतां पिनष्टु मामदर्शनान्-मर्महतां करोतु वा।
यथा तथा वा विदधातु लम्पटो मत्प्राणनाथस्-तु स एव नापरः॥८॥
सांख्या-पूर्वक-नाम-गान- नतिभिः कालावसानी-कृतौ
निद्राहार-विहारकादि-विजितौ चात्यंत-दीनौ च यौ
राधा-कृष्ण-गुण, स्मृतेर् मधुरिमानंदेन सम्मोहितौ
वंदे रूप-सनातनौ रघु-युगौ श्री-जीव-गोपालकौ
Above verse is from which prayer?
Sikshastakam
Shad Goswamy Ashtakam
Brahma Saṁhitā
Gaura Arati
किस समय तुलसी जी की आरती इस्कॉन मंदिरों में की जाती है?
गौरा आरती के बाद और मंगल आरती से पहले
मंगल आरती के बाद और गौरा आरती से पहले
मंगल आरती और गौरा आरती से पहले
मंगल आरती और गौरा आरती के बाद
निम्नलिखित प्रार्थनाएँ किस इस्कॉन मंदिर में सुबह 4.30 बजे गाई जाती हैं?
विभावरी शेष आलोक-प्रवेश,
निद्राचाडि’ उठो जीव
बोलो हरि हरि, मुकुंद मुरारि,
राम कृष्ण हयग्रीव
श्री श्री राधा पार्थसारथी मंदिर
श्री श्री राधा रासबिहारी मंदिर
श्री श्री राधा माधव मंदिर
श्री श्री कृष्ण बलराम मंदिर
इस्कॉन मंदिरों में दर्शन आरती के दौरान कौन सी प्रार्थनाएं गाई जाती हैं?
ब्रह्म संहिता
आचार संहिता
प्रणाम मंत्र
तुलसी आरती
निम्नलिखित श्लोक का अर्थ क्या है?
ईश्वर: परम: कृष्ण: सच्चिदानन्द: विग्रह:,
अनादिरादि गोविन्द: सर्व कारण कारणम: |
Krsna who is known as Govinda is the Supreme Godhead. He has an eternal blissful spiritual body. He
is the origin of all. He has no other origin and He is the prime cause of all causes.
I worship Govinda, the primeval Lord, who manifested Himself personally as Krishna and the
different avataras in the world in the forms of Rama, Nrisimha, Vamana, etc., as His subjective portions.
