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WorksheetsKabeer
Total questions: 20
Worksheet time: 10mins
मनुष्य ईश्वर को कहां कहां ढूंढ़ता फिरता है
देवल में
मस्जिद में
काबे कैलाश में
उपरोक्त सभी में
कबीर ने ईश्वर प्राप्ति के लिए किन प्रचलित विश्वासों का खंडन किया है
क्रिया कर्म से ईश्वर की प्राप्ति होती है
योग और बैराग से ईश्वर मिलते हैं
पूजा पाठ से ईश्वर की प्राप्ति होती है।
उपरोक्त सभी
सब स्वासो की स्वास में से क्या अर्थ प्रकट होता है
हर स्वास में ईश्वर का वास है
ईश्वर प्रत्येक व्यक्ति के भीतर मौजूद है
ईश्वर को खोजने के लिए कहीं भी जाने की जरूरत नहीं है।
उपर्युक्त सभी
मानसरोवर से कवि का क्या आशय है
मान सरोवर झील
ऐसी स्तिथि जिसमें आदमी सुखी रहता है
मान का सरोवर
कह नहीं सकते
कवि ने सच्चे प्रेमी की क्या कसौटी बताई है
एक सच्चे प्रेमी की तरह एक भक्त भी बिना कुछ पाने की लालसा लिए अपने आराध्य की आराधना करता है
वह किसी सच्चे प्रेमी की तरह अपने प्रेम में पूरी तरह समर्पित रहता है
वह अपने आराध्य से अपना मन कभी नहीं हटाता
उपर्युक्त सभी।
इस संसार में सच्चा संत कौन कहलाता है
जो पक्षपात से दूर हो
किसी पक्ष विशेष की चिंता नहीं करता
निष्पक्ष होकर अपने काम में लीन होता है
उपर्युक्त सभी
नीचे लिखी हुई बातों में कौन सी गलत है
किसी भी व्यक्ति की पहचान उसके कुल से नहीं बल्कि उसके कर्मों से होती है
भले ही धर्म अलग अलग हों लेकिन सबका मकसद एक ही होता है और वह है ईश्वर से मिलन
ज्ञान मिलना बहुत कठिन है पर लोग सही ज्ञान को जल्दी पहचान लेते हैं।
कवि ने यह बताया है कि मंदिर मस्जिद या तीर्थस्थलों पर जाने से कुछ नहीं होता।
अनत शब्द का तत्सम रूप क्या होगा
अनंत
अन्यत्र
जो ना झुके
पता नहीं
निरपख शब्द का तत्सम रूप होगा
निरपाख
बिना पंख
निष्पक्ष
कह नहीं सकते कि क्या होगा?
इन दोहों और साखियों से पता चलता है कि
कबीर किसी भी धर्म के विरोधी नहीं थे बल्कि हर धर्म के अंदर मौजूद झूठे आडंबरों और अंधविश्वास के खिलाफ थे
उनके दोहों में राम और रहीम दोनों के नामों का प्रयोग हुआ है
कबीर एक सच्चे धर्मनिरपेक्ष व्यक्ति थे
उपर्युक्त सभी
काबा फिरि कासी भया, रामही भया रहीम इस पंक्ति का अर्थ होगा
काबा जाकर काशी कब जाओगे?
हिन्दू मुसलमान के आपसी भेदभाव को नष्ट करने की बात की गई है।
काबा से कासी जाओ,श्री राम और रहीम एक हैं
सब एक जैसा लगता है,क्या है ये??
अगर एक सोने के मटके में मदिरा भारी हो तो साधु के लिए
मटके और मदिरा दोनों का महत्व बढ़ जाता है
मटके का महत्व बढ़ जाता है,मदिरा का नहीं
वह अर्थहीन हो जाता है
कह नहीं सकते कि क्या होता है!!
मोको कहां ढूंढे बंदे__इस सबद में कबीर कहना चाहते हैं कि
भगवान हर जगह मौजूद है
वो हर वक़्त हमारे पास ही रहते हैं
अगर कोई भक्त उन्हें सच्ची श्रद्धा और विश्वास के साथ याद करेगा, तो वे उसे उसी पल मिल जाएंगे।
उपर्युक्त सभी।
मोकों कहां ढूंढे बंदे___इसमें मोकों शब्द का प्रयोग हुआ है
ईश्वर के लिए
कबीर के लिए
मौके के लिए
समझ में नहीं आता कि इतना मुश्किल प्रश्न क्यों पूछा गया है!?
मंदिर मस्जिद और तमाम तीर्थों में जाने से
ईश्वर की प्राप्ति हो जाती है
शरीर थक जाता है
ईश्वर की प्राप्ति नहीं होती है
और मंदिरों और मस्जिदों को देखने की इच्छा होने लगती है।
मोट चून मैदा भया का वास्तविक अर्थ होगा
गेहूं को जब तक बारीक पीसा नहीं जाता,वो खाने योग्य नहीं होता
हमे अपने बुरे विचारों और भावों को एकता की चक्की में पीस कर सद्भावना के आटे में बदलना होगा
मोटा चूना और मैदा एक ही है।खूब खाओ
कुछ कह नहीं सकते।
पहली साखी में कबीर ने बताया है कि
मुक्ति का मार्ग हमे केवल प्रभु भक्ति मे ही मिल सकता है
हंस मानसरोवर के जल में क्रीड़ा करते हैं
अगर मनुष्य भी खुद को ईश्वर की भक्ति में लीन कर लेगा और परम मोक्ष का आनंद प्राप्त कर लेगा,तो उसका ध्यान कहीं और नहीं भटकेगा
उपर्युक्त सभी।
हंस मानसरोवर के जल में चुगते हैं
खर पतवार
मोती
अनाज के दाने
कुछ नहीं केवल पानी पीते हैं
हस्ती चढ़िए ज्ञान कौ ___ इस पंक्ति का अर्थ होगा
हसते हुए ज्ञान पर चढ़ जाओ
ज्ञान का हाथी किसी को स्वयं पर चढ़ने नहीं देता
ज्ञान रूपी हाथी पर सवार होकर निरंतर भक्ति के मार्ग पर चलते रहो।
कुछ कह नहीं सकते
साखी शब्द का अर्थ हो सकता है
साखी
सखी
साक्षी
कह नहीं सकते कि क्या होगा
