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Worksheetsकुँवर नारायण - बात सीधी थी पर
Total questions: 15
Worksheet time: 8mins
कुँवर नारायण द्वारा लिखित कविता 'बात सीधी थी पर ' उनके किस काव्य संग्रह में संकलित है ?
चक्रव्यूह
कोई दूसरा नहीं
अपने सामने
इन दिनों
कविता में भाषा की तुलना किससे की गई है ?
पेंच से व शरारती बच्चे से
तमाशबीन से
चूड़ी से
उपरोक्त सभी
बात और भी पेचीदा कैसे हो गई ?
तमाशबीनों के चक्कर में
अलंकारों के चक्कर में
भाषा का प्रयोग सावधानी से न करने के कारण
उपरोक्त सभी कारणों से
बात के पेचीदा होने से क्या असर हुआ ?
बात का प्रभाव खत्म हो गया |
भाषा का जंजाल खड़ा हो गया |
मूल सन्देश शब्दों में उलझ कर रह गया |
उपरोक्त सभी
कवि को पसीना क्यों आने लगा ?
प्रभावशाली भाषा का प्रयोग करने के कारण
लक्ष्य से भटक जाने के कारण
बार -बार कोशिश करने के कारण
उपरोक्त सभी
कवि ने करतब किसे कहा है ?
बात को स्वाभाविक रूप से कह देने को
बात को बिना सोचे समझे कठिन बनाने को
बात को घुमाफिराकर कहने को
उपरोक्त में से कुछ भी नहीं
कवि के अनुसार कथ्य महत्वपूर्ण है या भाषा ? बताइए |
कथ्य
भाषा
कथ्य और भाषा दोनों
उपरोक्त सभी
'साथ साथ' में कौनसा अलंकार है ?
वीप्सा
पुनरुक्तिप्रकाश
यमक
श्लेष
कवि का पसीना पोंछना किसका सूचक है ?
परिश्रम करने का
परिश्रम की व्यर्थता का
घमंड का
उपरोक्त सभी
'कील की तरह ठोकना' किसका परिचायक है ?
भाषा को सरल बनाने का
भाषा को जटिल बनाने का
भाषा को लापरवाही के साथ प्रयोग करने का
उपरोक्त में से कुछ भी नहीं
कवि किस चमत्कार के बल पर पाठकों या श्रोताओं से वाहवाही की उम्मीद करता है ?
स्वाभाविक रूप से अपनी बात कहकर
शब्दों के चामत्कारिक प्रयोग के बल पर
बात को बार बार कहकर
उपरोक्त सभी
भाषा को सहूलियत से बरतने का क्या अभिप्राय है ?
बात को स्वाभाविक रूप में कहना
बात को घुमाफिराकर कहना
बात में चमत्कारिक शब्दों का अधिक प्रयोग करना
उपरोक्त सभी
कविता के अनुसार प्रशंसा का व्यक्ति पर क्या प्रभाव पड़ता है ?
व्यक्ति स्वयं को उच्चकोटि का मानता है
सही - गलत का निर्णय नहीं कर पाता
सहज बात को शब्दों के जाल में उलझा देता है
उपरोक्त सभी
कविता में किस अमूर्त उपमेय के लिए कौनसा मूर्त उपमान प्रयुक्त हुआ है ?
भाषा उपमेय - शरारती बच्चा उपमान
भाषा उपमेय - कील उपमान
भाषा उपमेय - कील और शरारती बच्चा उपमान
उपरोक्त में से कुछ भी नहीं
कवि बात के बारे में क्या कहता है ?
बात सामान्य थी
बात जटिल थी
बात सामान्य थी किन्तु भाषा के चक्कर में जटिल हो गई
उपरोक्त में से कुछ भी नहीं |
