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WorksheetsTatva Charcha Quiz 3
Total questions: 15
Worksheet time: 5mins
जैनध्वज में रंग होते हैं...
जितने द्रव्य है उतने
जितने तत्त्व है उतने
जितने परमेष्ठी है उतने
जितनी कषाय है उतने
जैनध्वज हमें प्रेरणा देता है...
पाप से बचने की
अच्छे काम से बचने की
परमेष्ठी से बचने की
धर्म से बचने की
मुनिराज होते हैं...
अन्यायी
अपरिग्रही
असत्यवादी
आतंकवादी
साधु परमेष्ठी रहते हैं
फ्लैट में
होटल में
वन में
मंदिर में
जैनध्वज में सफेद रंग प्रतीक है...
कल्याण का
विजय का
अभय का
शांति का
जैनध्वज का ...... रंग हमें सत्य बोलने की प्रेरणा देता है।
लाल
नीला
पीला
हरा
जैनप्रतीक में स्वस्तिक.......के अभाव का सूचक है।
अहिंसा
गति
रत्नत्रय
सिद्ध भगवान
जैनप्रतीक की खुली हथेली बताती है..
अहिंसा
तीर्थंकर
स्वतंत्रता
बन्धन
अभक्ष्य कितने प्रकार के होते हैं -
1
3
5
2
जिन वस्तुओं के खाने में एक इन्द्रिय जीवों का घात होता है, उन्हें कहते हैं -
त्रसघात
बहु घात
चार घात
अघात
सबको परिणामों का फल मिलता है -
अपने
दूसरे के
परिवार के
किसी के नहीं
जिनवाणी की अविनय में कौन सा कर्म बंधता है -
दर्शनावरणी
ज्ञानावरणी
वेदनीय
आयु
रात्रि भोजन कब करना चाहिए ?
प्रतिदिन
अष्टमी
किसी पर्व पर
कभी नहीं
परमेष्ठी होते है
4
6
5
3
तीर्थंकर के कल्याणक होते है
5
6
1
8
