Worksheetsshapmukti
Total questions: 30
Worksheet time: 15mins
लेखक का बचपन का नाम क्या था
मंटू
बब्बू
प्रभात
रमेश
लेखक अपनी बूढ़ी दादी का इलाज कराने किसके पास गए
वकील साहब के पास
डॉ प्रभात के पास
बब्बू के पास
रमेश उपाध्याय के पास
डॉक्टर कहां के रहने वाले थे ?
दिल्ली के
इलाहाबाद के
किसी अन्य जगह के
पाठ में उल्लेख नहीं
डॉ प्रभात के पिता थे
डॉक्टर
लेखक
वकील
अध्यापक
पिल्लों की आंखों में दूध किसने डाला था
बब्बू ने
वकील साहब ने
लेखक ने
मंटू ने
लेखक दादी को डॉक्टर प्रभात के पास क्यों लेकर गया
बुढ़ापे का इलाज करवाने
आंखों का इलाज कराने
बचपन में दिए शाप को वापस लेने
अपने पुराने दोस्त से मिलवाने
बचपन में बिछड़े बब्बू और मंटू की मुलाकात कहां हुई
वकील साहब की कोठी के पीछे बाग में
आक के पौधों के पास
बब्बू अर्थात लेखक के घर
डॉ प्रभात के क्लीनिक में
लेखक ने डॉ प्रभात से उनका परिचय क्यों पूछा
लेखक को डॉ प्रभात के बचपन के बारे में याद था
के बचपन के बारे में याद था लेखक ने डॉक्टर प्रभात को पहचान लिया था
दादी मां के कहने पर
लेखक को डॉक्टर प्रभात की चेहरा और हंसी कुछ जानी पहचानी लगी
लेखक का बचपन का नाम क्या था
मंटू
बब्बू
प्रभात
रमेश
डॉ प्रभात ने दादी को अगले सप्ताह आने के लिए क्यों कहा
डॉ प्रभात उनकी आंखें फोड़ना चाहते थे
डॉ प्रभात उस दिन बहुत व्यस्त थे
डॉ प्रभात दादी की आंखों का ऑपरेशन करना चाहते थे
डॉ प्रभात बचपन की बातें याद कर उस दिन बहुत उदास हो गए थे
मंटू और बाबू को किस ने समझाया कि आक का दूध यदि आंखों में चला जाए तो आदमी अंधा हो जाता है
वकील साहब ने
दादी मां ने
अध्यापक ने
किसी ने नहीं
बब्बू ने कितने पिल्लों की आंखों में दूध डाला था
एक
दो
तीन
एक भी नहीं
लेखक को ज्यादा हैरानी किस बात की हुई
उसे 35 साल पहले की घटना याद थी
मंटू को सारी घटना याद थी
डॉ प्रभात सारी घटना भूल चुके थे
दादी को 35 साल पहले की घटना याद थी
अंत में दादी ने लेखक को क्या लाने को कहा
बिस्कुट और नमकीन
दवाई और मिठाई
सब्जी और दवाई
दवाई और इंजेक्शन
शाप किसने दिया था
डॉ प्रभात ने
वकील साहब ने
दादी ने
किसी ने भी नहीं
शाप किसको दिया गया था
वकील साहब को
बब्बू को
मंटू को
बब्बू और मंटू को
शाप क्यों दिया गया था
आक के पत्ते तोड़ने के कारण
अध्यापक की बात ना मानने के कारण
मासूम पिल्लों की आंखें फोड़ने के कारण
उपरोक्त सभी
शापित क्या दिया गया था
किसी दिन तुम नेत्र चिकित्सक बनोगे
तीसरा पिल्ला भी मर जाएगा
पैरों की तरह तुम्हारी आंखें भी किसी दिन फूटेंगी
उपरोक्त सभी
मंटू ने जीवन में क्या बनने का फैसला किया
वकील साहब
लेखक
अध्यापक
नेत्र चिकित्सक
मंटू ने नेत्र चिकित्सक बनने का ही फैसला क्यों किया
पिल्लों की आंखें फूटने के बाद बहुत सी आंखों को रोशनी देने के लिए
दादी मां की आंखें फोड़ने के लिए
दादी मां की आंखें ठीक करने के लिए
अपने पिता जी वकील साहब की इच्छा पूरी करने के लिए
दादी ने लेखक से मिठाई लाने की बात क्यों कही
डॉ प्रभात की खातिरदारी के लिए
डॉ प्रभात को रिश्वत देने के लिए
डॉ प्रभात को खुश करने के लिए
उपरोक्त में से कोई नहीं
दादी ने डॉक्टर प्रभात से अपनी आंखों का इलाज कराने से मना क्यों कर दिया
दादी अपनी आंखों का इलाज कराना नहीं चाहती थी
डॉ प्रभात के पास दादी की आंखों का इलाज नहीं था
दादी को यह संदेह हो गया था कि पिल्लों की आंखें फोड़ने की तरह यह मेरी भी आंखें फोड़ देगा
दादी के पास आंखों के इलाज के लिए पैसे नहीं थे
मंटू ने पिल्लों की आंखों में दूध क्यों डाला था
पिल्ले उसे परेशान करते थे
वह पिल्लों को अंधा कर मारना चाहता था
अध्यापक की बात का सच जानने के लिए
दादी मां से शाप लेने के लिए
बब्बू ने मंटू की पिल्ले को अंधा करने की बात घर वालों को क्यों बताई
मंटू को पिटवाने के लिए
मंटू से बदला लेने के लिए
तीसरे पिल्ले को बचाने के लिए
उपरोक्त में से कोई नहीं
बब्बू ने कितने पिल्लों को पाला था
एक
दो
तीन
एक भी नहीं
तीसरे पिल्ले की मृत्यु कैसे हुई
आंखें फूटने के कारण
मंटू के मारने के कारण
वाहन के नीचे कुचलने के कारण
खाना न मिलने के कारण
डॉ प्रभात लेखक के घर क्यों आए
दादी की आंखों का इलाज करने के लिए
दादी को समझाने के लिए
बचपन के मित्र बब्बू से मिलने के लिए
उपरोक्त में से कोई नहीं
अंत में दादी अम्मा ने डॉक्टर प्रभात को क्या आशीर्वाद दिया
तुम्हारी आंखें भी किसी दिन पिल्लों की तरह फूटेंगी
तुम अच्छी सी मिठाई खाकर जाओ
तुम्हारी आंखों की ज्योति हमेशा बनी रहे
उपरोक्त में से कोई नहीं
दादी मां के द्वारा पड़ोस के वकील साहब के लड़के मंटू के बारे में बताने पर डॉक्टर प्रभात गंभीर क्यों हो गए -
उन्हें दादी मां की बात अच्छी नहीं लगी
वे नहीं चाहते थे कि उनके कार्य में कोई बाधा आए
उन्हें बचपन में दादी से मिले शाप की घटना याद आ गई
वे दवाई लिखते समय गंभीर हो गए थे
डॉ प्रभात ने बचपन के सांप से मुक्ति कैसे प्राप्त की
दादी मां की आंखों का इलाज करके
पिल्लों की आंखों को फोड़कर
बचपन के दोस्त बब्बू से मिलकर
अनेक आंखों को रोशनी देकर
