Worksheetsमेरे संग की औरतें भाग 1
Total questions: 20
Worksheet time: 10mins
लेखिका की नानी के बारे में क्या सही है
वे परंपरावादी थीं।।
वे अनपढ़ थी
पर्दा प्रथा
मानने वाली थी
यह सब
लेखिका के नाना ने बैरिस्ट्री की थी
कैंब्रिज विश्वविद्यालय से
अवध विश्वविद्यालय से
मुंबई विश्वविद्यालय से
पता नहीं
नानी ने अपनी बेटी की शादी की जिम्मेदारी किसे सौंपी
नाना को
स्वतंत्रता सेनानी प्यारेलाल शर्मा को
अपनी लड़की को
पता नहीं किस को सौंपी थी
लेखिका की मां की शादी हुई
साहब के फरमाबरदार से
एक स्वतंत्रता सेनानी से
बड़े अमीर आदमी से
हमें क्या पता
लेखिका की मां में गुण थे
ईमानदारी
सुंदरता
निष्पक्षता
यह सब
लेखिका की मां में 2 गुण विशेष रूप से मौजूद थे वह गुण थे
कभी झूठ ना बोलना
किसी की गोपनीय बात को दूसरे पर जाहिर ना होने देना
यह दोनों ही नहीं
यह दोनों ही
लेखिका की मां घर परिवार और बच्चों के खान-पान आदि में
अधिक रुचि लेती थी
अधिक रूचि नहीं लेती थी
हमेशा लगी रहती थी
हमें इसके बारे में कुछ पता नहीं
लेखिका की मां को शौक था
किताब पढ़ने का और संगीत सुनने का
खाना बनाने का और खेलने का
भारतीय नारी के सारे कर्तव्यों को निभाने का
हम क्या जाने कि उन्हें किस चीज का शौक था
नानी को दिल से आजादी की चाह थी क्योंकि
प्यारे लाल शर्मा से आजादी का सच्चा सिपाही तलाश करने का वचन लिया
पति के जीवन जीने के ढंग से कभी प्रभावित नहीं हुई
नहीं चाहती थी कि उनकी बेटी की शादी अंग्रेजों की नौकरी करने वाले से हो
ये सब
कैंब्रिज विश्वविद्यालय से डिग्री लेकर लौटने पर नाना
भारतीय रीति रिवाज से अपना जीवन व्यतीत करने लगे
विलायती रीति रिवाज से अपना जीवन बसर करने लगे
नानी जैसा कहती थी वैसा करने लगे
नाना कैंब्रिज विश्वविद्यालय से डिग्री लेकर लौटे ही नहीं
नानी ने जब प्यारे लाल शर्मा को बुलाने के लिए कहा तो सब लोग हैरान क्यों रह गए
पर्दे में रहने वाली औरत थी
कभी किसी पराए मर्द से बात नहीं की थी
उन्होंने खुद कभी मुंह खोलकर नाना से भी बात नहीं की थी
यह सब
लेखिका की मां एक की गोपनीय बात दूसरे पर जाहिर नहीं होने देती थी इससे
उनके दुश्मन बन गए
बाहर वाले उनके दोस्त बन गए
उनका रखकर उन्हें चिढ़ाया जाने लगा
न जाने क्या हुआ हमें नहीं पता
हम हाथी पर हल ना जुतवाया करते हम पर बैल हैं किसने किसके बारे में कहा
दादी ने लेखिका की मां के बारे में कहा
पिता ने मां के बारे में कहा
घरवालों ने लेखिका की मां के बारे में कहा
पता नहीं किसने किसके बारे में कहा
बच्चों की परवरिश में कौन-कौन योगदान देता था
घर के सभी प्राणी
दादी और उनकी जेठानी
खुद पिताजी
ये सभी
लेखिका की मां कभी झूठ नहीं बोलती थी इस कारण उन्हें
बाहर वालों की दोस्ती मिली
घरवालों का आदर मिला
उनके दुश्मन कम दोस्त ज्यादा बने
कुछ कह नहीं सकते कि इस कारण क्या हुआ
मुस्तैद का अर्थ होता है
मस्त रहना
आलसी होना
तैयार रहना
पता नहीं क्या अर्थ होता है
मेरे संग की औरतें पाठ लिखा है
अंजुल भगत
मृदुला गर्ग
जगदीश चंद्र गुप्त
पता नहीं
लेखिका की मां परंपरा का निर्वाह ना करते हुए भी सब के दिलों पर राज करती थी क्योंकि
वह ईमानदार निष्पक्ष तथा सच का समर्थन करने वाली महिला थी
वह सबको अच्छी सलाह देती थी
किसी की गोपनीय बात को किसी और पर प्रकट नहीं करती थी
ये सब
लेखिका की नानी के बारे में क्या गलत है
वह परंपरावादी थी
पर्दे में रहने वाली थी
उन्होंने पढ़ाई लिखाई की थी
इसमें एक भी बात गलत नहीं है
लेखिका ने अपनी नानी को
देखा था
देखा नहीं था परंतु सुना था उनके बारे में
करीब से देखा था और उनके बारे में सुना भी था
ना तो कभी देखा था और न तो कभी सुना था
