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WorksheetsDukh KA ADHIKAR
Total questions: 13
Worksheet time: 9mins
किसी व्यक्ति की पोशाक को देखकर हमें क्या पता चलता है
किसी व्यक्ति की पोशाक देखकर हमें उसका दर्जा तथा उसके अधिकारों का ज्ञान होता है।
पोशाक ही उसे आदर का पात्र बनाती है तथा नीचे झुकने से रोकती है।
मनुष्य के जीवन में पोशाक का बहुत महत्त्व है
सब
बुढ़िया के दुःख को देख कर लेखक को किसकी याद आई ?
अपनी माँ की
संभ्रांत महिला की
गाँव की
बच्चों की
खरबूजे बेचने वाली बुढ़िया के बेटे का क्या नाम था ?
भगवाना
भगावना
भागवाना
भागवन
कहानी में लोगों ने किसे 'पत्थर दिल' कहा है ?
लेखक को
बुढ़िया को
भगवाना को
पड़ौसिन को
बाज़ार में लोग बुढ़िया को किस दृष्टि से देख रहे थे ?
प्रेम की
घृणा की
नफ़रत की
ईर्ष्या की
साँप के काटने पर बुढ़िया किसको बुला लाई ?
डॉक्टर को
पड़ोसी को
दुकानवालों को
ओझा को
लेखक के अनुसार किसे दुःख मनाने का अधिकार नहीं है ?
बुढ़िया को
पड़ोसी को
गरीबों को
बच्चों को
बुढ़िया बाजार में क्या बेचने गई थी ?
तरबूज़
ख़रबूज़े
सब्ज़ी
खिलौने
जैसे वायु की लहरें कटी हुई पतंग को सहसा भूमि पर नहीं गिर जाने देतीं, उसी तरह खास परिस्थितियों में हमारी पोशाक हमें झुक सकने से रोके रहती है।
(a)
इनके लिए बेटा-बेटी, खसम-लुगाई, धर्म-ईमान सब रोटी का टुकड़ा है।
(a)
शोक करने, गम मनाने के लिए भी सहूलियत चाहिए और … दुखी होने का भी एक अधिकार होता है।
(a)
ईमान के पर्यायवाची शब्द
सच्चापन
सत्यनिष्ठा
दोनों
कोई नहीं
पर्यायवाची दुख
कष्ट
शोक
