WorksheetsCHARAK MEGA QUIZ
Total questions: 30
Worksheet time: 15mins
पुनर्वसु आत्रेय ने किस प्रश्न पर अग्निवेश को उरूस्तम्भ का वर्णन किया।
वात प्रधान रोगों के प्रश्न पर
शमन चिकित्सा से साध्य तथा पंचकर्म से असाध्य रोग के प्रश्न पर।
उरु से सम्बन्धित रोगों के प्रश्न पर ।
A and B
चेतनानुवृत्ति किसका पर्याय है।
हृदय
मन
आत्मा
आयु
हित आयु एवं अहित आयु के लक्षण, सुखायु एवं दुःखायु के लक्षणों का विस्तृत वर्णन कहाँ मिलता है ?
चरक सूत्रस्थान 1
चरक सूत्रस्थान 30
चरक इन्द्रियस्थान
चरक शारीरस्थान
आयुर्वेद के नित्य या शाश्वत होने का कारण है।
अनादित्वात्
स्वभावसंसिद्ध लक्षणत्वात्
भावस्वभाव नित्यात्व
उपर्युक्त सभी
रक्तमोक्षण के पश्चात् किसकी रक्षा करनी चाहिए।
रस की
धातु की
अग्नि की
ALL
रस निमित्तमेव स्थौल्यं कार्य च। - किस आचार्य का कथन है।
चरक
सुश्रुत
वाग्भट्ट
NONE
"स्थूल पर्वा - किसका लक्षण है।
अतिस्थूल
अतिकृश
दोनों
NONE
दर" (हदय में मरमर ध्वनि की
कौनसे हृदय रोग का लक्षण हैं।
वातज
कृमिज
पित्तज
सन्निपातज
चरकानुसार सान्निपातिक हृद्रोग होता है।
साध्य
कष्टसाध्य
याप्य
प्रत्याख्येय
चरकानुसार क्षय के भेद होते है
5
23
17
18
चरकानुसार 'संधिस्फुटन' कौनसी धातु के क्षय का लक्षण है।
मांस
मेद
अस्थि
मज्जा
चरकानुसार ‘संधिशैथिल्य' कौनसी धातु के क्षय का लक्षण है।
मांस
मेद
मज्जा
अस्थि
मधुमेह के निदान एव सम्प्राप्ति का वर्णन चरक संहिता के किस स्थान में मिलता है।
SUTRA
NIDAN
CHIKTSHA
KALP
आस्यासुखैः स्वप्नसुखैर्गुरूस्निग्धातिभौजनै' - कौनसे रोग का निदान है
प्रमेह
मधुमेह
कफज शिरोरोग
NONE
चरक संहिता के स्वेदाध्याय में कितने स्वेद संग्रह बताए गए है।
त्रयोदश
दश
अष्ट
N0NE
जेन्ताक स्वेद में कूटागार का विस्तार होता है।
8
9
15
16
'मलापह रोगहरं बलवर्णप्रसादनम् किसका कर्म है।
आहार
ओज
रक्त
संसोधन से लाभ
वमन के पश्चात् प्रयुक्त घूम्रपान है।
स्नैहिक
प्रायोगिक
वैरेचनिक
उपर्युक्त सभी
चरक ने विरेचन हेतु त्रिवृत्त कल्क की मात्रा बतलायी है।
1 पल
1 अक्ष
1 प्रसृत
1 शुक्ति
आचार्य चरक अनुसार शाखागत ज्वर में निर्दिष्ट उपक्रम –
घृतपान
दुग्धपान
रक्तमोक्षण
विरेचन
“कर्तारमवश्यमनुबध्नाती” निम्न में से किससे संबन्धित है
अनुबंध [Anubandha]
कार्ययोनि [Karyayoni]
कार्य [Karya]
कार्यफल [Karyaphala]
किस दशविध परीक्षा से व्याधिबल का ज्ञान होता हैं?
सात्म्य
विकृति
सत्त्व
वय
तर्क संग्रह के अनुसार हेत्वाभास के कितने भेद होते हैं?
2
5
4
3
कृमि चिकित्सा के संदर्भ में निम्न में से कोनसा अपकर्षण का भेद नही है ?
वमन
विरेचन [
शिरोविरेचन
रक्तमोक्षण
आचार्य चरकानुसार ने क्रमशः छल, जल्पक गुण, पर और अहेतु के कितने भेद बताए?
3,5,3,4
2,3,3,4
3,5,5,3
2,5,3,3
कालप्रकर्ष भाजनादिभिश्चाधीयन्ते....कहा गया है
पन्चकर्म के सम्बन्ध मे
दोषो के प्रमाण सम्बन्ध मे
आहार के पाचन के सम्बन्ध मे
करण के बारे मे
जनपदोध्वंस का कारण हो सकता है
. धी, धृति स्मृति उत्तम होना
धी, धृति विभ्रंश
धी, धृति स्मृति विभ्रंश
अधर्म का अभाव
सततसन्धिशब्दगामिनश्च' लक्षण के लिये प्रकृति व गुण का सही विकल्प है-
वात प्रकृति - विशद गुण
वात प्रकृति - चल गुण
वात प्रकृति - रुक्ष गुण
वात प्रकृति - लघु गुण
एक चिकित्सक द्वारा एक रोगी के उदर से आने वाली विशेष गुड़गुड़ाहट की ध्वनि से रोग के लक्षण को सुना जाता है, ये कौन सी परीक्षा होगी
प्रत्यक्ष
अनुमान
उपमान
आप्तोपदेश
स्रोतस दुष्टि के सामान्य कारण है
दोषो के समान और धातु के विपरीत गुणों वाला आहार
धातु के समान और दोषो के विपरीत गुणों वाले आहार
दोषो के विपरीत गुणों वाले
धातु के विपरीत गुणों वाले
