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Worksheetsउत्तम आर्जव धर्म
Total questions: 20
Worksheet time: 10mins
उत्तम आर्जव आत्मा का कौनसा भाव है ?
स्वभाव
विभाव
दुर्भाव
अभाव
आर्जव धर्म का अर्थ है ?
कुटिलता
सरलता
मायाचारी
लोभ
आर्जव धर्म को धारण करने से होने वाली हानि का नाम बताओ
पाप का खण्डन
कर्म का क्षय
कुटिलता का अभाव
उपरोक्त सभी
मन-वचन-काय की विरूपता को कहते हैं |
सरलता
मायाचारी
सदाचार
स्वच्छता
मन वचन काय की विरूपता वालें जीवों के कौनसी शल्य होती हैं
पुण्य
पाप
माया
वेदना
जैसे कांजी डालने से दूध फट जाता हैं, उसी प्रकार किसकी प्रीति भंग होती हैं
सज्जन की
मायाचारी की
परिवार की
समाज की
कपटी जीव कैसा है ?
मित्र द्रोही
धर्मद्रोही
कृतघ्नी
उपरोक्त सभी
जिनेन्द्र भगवान का धर्म कैसा है ?
माया सहित
छल-कपट सहित
छल-कपट रहित
उपरोक्त सभी
जिस प्रकार टेढ़े म्यान में सीधी तलवार प्रवेश नहीं करती, उसी प्रकार वक्र परिणामी के ह्रदय में प्रवेश नहीं करता है
क्रोध
लोभ
आर्जव रूप
सरल धर्म
कपटी के दोनों लोक नष्ट हो जाते है/पतन होता हैं |
सही
गलत
उक्त दोनों सही
इनमे से कोई नहीं
कपट रहित सरल चित्त वाले ने यदि कोई अपराध किया हो तो भी वह किसके योग्य नहीं हैं ?
पुरूस्कार
ख्याति
दण्ड
लाभ
आर्जव धर्म का धारक जीव संकल्प करता है |
आत्मानुभव का
कषाय जितने का
संतोष धारने का
उपरोक्त सभी
छल कपट करने वाला जीव किसको अपनाता है ?
धन
सम्पदा
कुटुम्ब
उक्तसभी
मायाचार कुटिल परिणामो से लाभ होता है
ख्याति
लाभ
यश
संसार परिभ्रण
आर्जव धर्म का धारक जीव दूर से ही परिहार करता है |
स्वाध्याय
सामायिक पाठ
जगत के छलों का
उपरोक्त सभी
आर्जव धर्म का धारक जीव आत्मा को कैसा जानता है ?
असहाय
चैतन्य मात्र
असहाय और चैतन्य मात्र
इनमे से कोई भी नहीं
मन-वचन-काय की एकरूपता को आर्जव धर्म किस अपेक्षा से कहते हैं ?
व्यवहार नय से
निश्चय नय से
उभय नय से
अनुभय नय से
आत्मा का हित चाहने वालों को अवलंबन लेना चाहिए |
कुटिलता का
कषाय का
आर्जव धर्म का
संसार द्वेष का
कपटी जीव की प्रीति किसके समान कही जाती है |
शक्कर
नीम
बबुल
अंगार
मायाचार रूप कुटिल परिणामों द्वारा धन प्राप्ति की चाह रखने से आत्मा को लाभ होता है |
धन का
स्वर्ण का
कर्म बंध का
यश का
