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Worksheetsदशलक्षण धर्म - उत्तम आर्जव
Total questions: 15
Worksheet time: 8mins
लौकिक कार्यों की सिद्धि मायाचार से नहीं पूर्व…….........से होती है।
पुण्योदय
पापोदय
रागोदय
कषायोदय
मन- वचन - कार्य की एकरूपता ही.......... है।
आर्जव धर्म
माया कषाय
मान कषाय
मार्दव धर्म
पूजन में किसको सरल करने को कहा गया है?
तीन योग
चार कषाय
पांच पाप
परिणाम
आर्जव धर्म को समझाने के लिए पूजन में प्रयुक्त 'आरसी' शब्द का क्या अर्थ है?
दर्पण
पानी
जल का बुलबुला
कबूतर
पूजन में कपट की प्रीति को कैसा कहा गया है?
अंगार जैसा
दर्पण जैसा
जवाहर जैसा
बिलाव जैसा
व्यापार में अधिक लक्ष्मी कैसे मिलती है?
छल कर
कर्मोदय से
मेहनत से
ज्यादा ग्राहक आने से
मन रहित असंज्ञी जीवों में माया कषाय होती है या नहीं?
सबमे होती है
सबमे नहीं होती है
किसी किसी को होती है
स्थावर में नहीं होती त्रस में होती है
यथाख्यात चारित्र वालों के कौनसी कषाय का अभाव होता है?
अनन्तानुबन्धी
अप्रत्याख्यान
प्रत्याख्यान
संज्वलन
किसका कोई विश्वास नहीं करता?
क्रोधी
मानी
मायाचारी
लोभी
इनमें से आर्जव धर्म किसके नहीं है?
सिद्ध भगवान
मुनिराज
सम्यग्दृष्टि श्रावक
एकेन्द्रिय जीव
सदा आत्मा में मुनिराज और ज्ञानीजन सदैव…….........की ही बात करते हैं।
कषाय
पाप
आत्मा
संसार
निश्चय आर्जव धर्म क्या है?
मन वचन काय की एकरूपता
तीन योगों की एकरूपता
कर्म का उदय
दर्शन ज्ञान चारित्र की एकरूपता
कौनसा भाव आर्जव का भाव है?
ऋजुता
समानता
क्षमा
मृदुता
'मन में होय सो वचन उचरिये, वचन होय सो तन सो करिए' यह पंक्ति कौनसे भावों के लिए कही गई है?
कषाय भाव
खोटे भाव
पवित्र भाव
पाप भाव
'दुर्गति त्याग सुगति उपजावे' यह पंक्ति किस धर्म के लिए कही गई है?
उत्तम मार्दव
उत्तम क्षमा
उत्तम आर्जव
उत्तम शौच
