Worksheetsउत्तम सत्य धर्म क्विज़
Total questions: 10
Worksheet time: 5mins
उत्तम सत्य धर्म की जब जब बात चलती है तब तब किसे उत्तम सत्य धर्म समझ लिया जाता है ?
सत्य महाव्रत को
सत्य अणुव्रत को
सत्य वचन को
भाषा समिति को
जिनागम में वचन को सत्य एवं संयमित रखने के लिए उसे कितने स्थानों पर संयमित किया गया है ?
चार
दस
आठ
बारह
वाणी की सत्यता और वाणी के संयम को जीवन में उतारने के लिए सत्य को जिन चार स्थानों पर बांधा है उनका सही क्रम है -
वचन गुप्ति , सत्याणुव्रत, भाषा समिति, सत्यमहाव्रत,
भाषा समिति, सत्याणुव्रत, सत्यमहाव्रत, वचन गुप्ति
सत्यमहाव्रत, भाषा समिति, वचन गुप्ति, सत्याणुव्रत
सत्याणुव्रत, सत्यमहाव्रत, भाषा समिति, वचन गुप्ति
सत्यधर्म को वचन तक सीमित कर देने से क्या बड़ा नुकसान हुआ है -
सत्य का अस्तित्व नष्ट हो गया है |
सत्य वचन में सत्य धर्म प्रगट होने लगा है |
सत्य की खोज ही खो गई है |
उक्त तीनों कथन
अणुव्रत, महाव्रत, गुप्ति, और समिति निम्न में से किसके नहीं होते -
गृहस्थों के
मुनियों के
सिद्धों के
उक्त तीनों के
वाणी की सत्यता के लिए क्या करना चाहिए ?
वाणी में उत्तम सत्य धर्म अपनाना चाहिए |
वाणी को वस्तु स्वरुप के अनुकूल ढालना चाहिए |
वाणी, मन, काय में एकता लानी चाहिए |
वाणी हित-मित प्रिय बोलना चाहिए |
सत्य बोलने के लिए क्या जरूरी है ?
उत्तम सत्य का पालन
सत्य बोलने का अभ्यास
सत्य जानना
उत्तम सत्य की पूजन
सत्य प्राप्त होना किनके लिए कठिन है -
असत्य के प्रति बहुमान वालों को
सत्य धर्म का पालन करने वालों को
असत्य से सत्य की ओर चलने वालों का साथ देने वालों को
उक्त तीनों कथन
यदि वस्तु तत्व की सही जानकारी नहीं है तो अनाप-शनाप बोलने की अपेक्षा क्या हितकर है -
वस्तु तत्व की सही जानकारी के लिए संगति करना
वस्तु तत्व जानना
नहीं बोलना- चुप रहना
वस्तु तत्व के प्रति बहुमान पूर्वक पूजन -पाठ में संलग्न होना
प्रयोजन भूत तत्वों के बारे में बोला गया झूठ क्या है ?
महान पाप
अनंत संसार का कारण
अपना और पर का बड़ा भारी अहित करने वाला
उक्त तीनों कथन
