Worksheetsश्री पद्मावती प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता ,2020 सवीना
Total questions: 25
Worksheet time: 19mins
मनुष्य भव की सार्थकता है
पूजा-अर्चना
स्वाध्याय
आहार चर्या
अपना कल्याण
सुखी होने का उपाय है?
मंदिर जाना
पूजन करना
अपने स्वभाव को पहचानना
जीव दया
त्याग करने के लिए सर्वश्रेष्ठ हैं
हिंसा
कषाय
कर्म
उपरोक्त सभी
दशलक्षण धर्म हमें प्राप्त होंगे?
स्वभाव से
विभाव से
अभाव से
प्रभाव से
ऐसे कौन से मुनिराज हैं जिनको दाल के छिलके की भिन्नता स्वरूप स्वभाव का दर्शन हुआ?
आचार्य विद्यानंद जी गुरुदेव
आचार्य उमा स्वामी जी
शिव भूति मुनिराज
आचार्य मानतुंग
हमारे जिन मंदिर में पूर्ण रूप से कितनी प्रतिमाएं है?
14
16
18
20
जिनवाणी में कथन करने की पद्धति कितने प्रकार की है?
चार प्रकार
तीन प्रकार
दो प्रकार
एक प्रकार
हमें त्याग करना चाहिए?
संसार का
कर्मों का
पाप, कषाय का
उपरोक्त सभी का
जैनी की मुख्यता पहचान है?
रात्रि भोजन त्याग
पानी छानकर पीना
नित्य देव दर्शन करना
उपरोक्त सभी
दान कितने प्रकार के हैं?
एक
दो
तीन
चार
सिद्ध परमेष्ठी के मूल गुण होते हैं?
2
4
6
8
हम दश लक्षण पर्व क्यों मनाते हैं
अपने कर्मों से मुक्त होने के लिए
पूर्ण सुखी होने के लिए
पाप, कषाय से मुक्त होने के लिए
उपरोक्त सभी
मोक्ष मार्ग में साधक है?
गुरु
देव
शास्त्र
मैं स्वयं
मानस स्तंभ का निर्माण किस विकारी भाव का त्याग करने वाला है?
हिंसा
मान
झूठ
कषाय
मैं कौन हूं?
ज्ञानानंद स्वभावी
भगवान
ज्ञाता दृष्टा
उपरोक्त सभी
दशलक्षण पर्व कौन कौन से माह में आते हैं?
भाद्र, आषाढ़, ज्येष्ठ
भाद्र, चैत्र, माघ
चैत्र, श्रावण, वैशाख
अश्विन, कार्तिक
भक्तामर स्तोत्र के रचयिता का नाम है?
मानतुंग आचार्य
रवि सेन आचार्य
कुंदकुंद आचार्य
समंत भद्राचार्य
विद्यासागर जी गुरुदेव वर्तमान में कहां विराजमान हैं?
इंदौर
उज्जैन
सागर
भोपाल
पांचो परमेष्ठी के कुल........ मूल गुण होते हैं?
143
148
63
46
हमें दशलक्षण धर्म को धारण करना है यह बात हमें नहीं भूलनी चाहिए क्योंकि-
आयु प्रति समय समाप्त हो रही है
2020 जाने वाला है
मैं ज्ञानानंद स्वभावी हूं
यह 10 लक्षण पर्व भी चले जाएंगे
पाप का बाप किस कषाय को कहा गया है?
मान
क्रोध
लोभ
माया
हम अभी कौन से गुण स्थान में हैं?
दूसरे
तीसरे
चौथे
पहले
दशलक्षण धर्म को धारण करने के लिए एवं मोक्ष मार्ग को प्रशस्त करने के लिए कौन सी गति साधक है?
नरक गति
तिर्यंच गति
मनुष्य गति
देव गति
हमारे देव शास्त्र गुरु कैसे हैं?
जग के कर्ता-धर्ता
विश्व के ज्ञाता दृष्टा
सुख-दुख कर्ता-धर्ता
इनमें से कोई नहीं
हम कैसी दशा चाहिए?
पूर्ण सुखी
पूर्ण दुखी
पूर्ण राग में
पूर्ण संसार में
