WorksheetsRahim ke Dohe Class 9 Hindi
Total questions: 15
Worksheet time: 8mins
प्रश्न 1 - रहीम ने प्रेम के बंधन को किसकी तरह कहा है?
(A) तार
(B) धागे
(C) डोरी
(D) सूत
प्रश्न 2 - रहीम दूसरों से क्या छुपा कर रखने को कहते है?
दुःख
धागा
मजाक
इनमें से कोई नहीं
प्रश्न 3 - रहीम ने एक समय में कितने काम करने को कहा है?
चार
दो
एक
तीन
प्रश्न 4 - चित्रकूट में कौन रहने गए थे?
रहीम
राम
कृष्ण
इनमें से कोई नहीं
प्रश्न 5 - चित्रकूट रहने योग्य क्यों नहीं है?
वह बहुत दूर है
वहाँ कुछ नहीं है
वह खण्हर है
वह बहुत घना वन है
प्रश्न 6 - रहीम के दोहे कैसे होते है?
लम्बे
बिना अर्थ के
कम शब्द के
कम शब्दों में अधिक अर्थ बताने वाले
प्रश्न 7 - किसके जल को धन्य कहा गया है?
कीचड़
सागर
नदी
तालाब
प्रश्न 8 - किसके जल को व्यर्थ कहा गया है?
कीचड़
सागर
नदी
तालाब
प्रश्न 9 - हिरण किससे खुश होकर अपना शरीर न्यौछावर कर देता है?
संगीत
इंसान
जल
इनमें से कोई नहीं
प्रश्न 10 - दूध के फटने पर उसका क्या नहीं बनता?
लस्सी
घी
मक्खन
खीर
प्रश्न 11 - बड़ी चीज को देखकर किसी छोटी चीज की उपेक्षा नहीं करनी चाहिए, इसका क्या अर्थ है?
बड़ी चीज़ काम की होती है
छोटी चीज़ काम की होती है
हर चीज़ का अपना महत्त्व है
इनमें से कोई नहीं
प्रश्न 12 - सूई की जगह क्या काम नहीं आता?
तार
धागे
डोरी
तलवार
13 . धागा टूटने से क्या होता हैं?
रिश्ता में गाँठ पड़ जाती है।
रिश्ता मज़बूत बनता है।
इंसान मर जाता है।
इंसान रोता है।
4. हम अपने दुःखों को दूसरों के साथ साझा नहीं करना चाहिए।
यह किस दोहे के अर्थ है?
रहिमन पानी राखिए, बिनु पानी सब सून।
पानी गए न ऊबरै, मोती, मानुष, चून।।
नाद रीझी तन देत मृग, नर धन हेत समेत।
ते रहिमन पशु से अधिक, रीझेहु कछू न देत।।
बिगरी बात बनै नहीं, लाख करौ किन कोय।
रहिमन फ़ाटे दूध को, मथे न माखन होय।।
रहिमन निज मन की बिथा, मन ही राखों गोय।
सुनि अठिलैहैं लोग सब, बाँटि न लैहैं कोय।।
15. कौन सा दोहा नीचे दिए गए के समान है?
धनि रहीम जल पंक को लघु जिय पियत अघाय।
उदधि बड़ाई कौन है, जगत पिआसो जाय॥
बड़ा हुआ तो क्या हुआ जैसे पेड़ खजूर।
पंथी को छाया नहीं, फल लगे अति दूर।।
पोथी पढ़ि पढ़ि जग मुआ, पंडित भया न कोय,
ढाई आखर प्रेम का, पढ़े सो पंडित होय।
बुरा जो देखन मैं चला, बुरा न मिलिया कोय,
जो दिल खोजा आपना, मुझसे बुरा न कोय।
साधु ऐसा चाहिए, जैसा सूप सुभाय,
सार-सार को गहि रहै, थोथा देई उड़ाय।
