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Worksheets8कन्यादान
Total questions: 10
Worksheet time: 4mins
माँ द्वारा बेटी को ऐसी सीख देने का क्या-क्या उद्देश्य हैं? अनेक उत्तरों को चुनें-
बेटी के भावी जीवन को सुखद बनाना
जीवन के यथार्थ और कटु सत्यों से परिचित कराना
जीवन में कड़वाहट पैदा करना
उपर्युक्त में से कोई नहीं
कन्यादान पाठ में मां पुत्री के (a) समय उसके भविष्य के बारे में शिक्षा दे रही है।
मां ने बेटी को जीवन के कटु सत्यों से परिचित क्यों कराया ?
उसे विवाह के पश्चात के दुखद पलों का अहसास तो है पर वह मधुर सत्यों से परिचित नहीं है
मां बेटी का असुरक्षित भविष्य बनाना चाहती है
क्योंकि मां की अनुभवी आंखें जानती हैं कि बेटी भोली और नादान है.
इनमें से कोई नहीं
बेटी अभी सयानी नहीं थी मैं मां की चिंता क्या है
लड़की को दुनियादारी की समझ थी
लड़की को दुनियादारी की समझ नहीं थी
कहीं बेटी प्यार के छलावे में ना आ जाए
दूसरा और तीसरा दोनों
कोमलता के गौरव में (a) का उपहास छिपा रहता है .रिक्तस्थान भरो-
हमारे समाज द्वारा स्त्रियों के लिए आचरण संबंधी जो प्रतिमान गढ़ लिए जाते हैं वे आदर्श के रूप में (a) होते हैं।
इस पाठ के लेखक हैं
ऋतुराज
नागार्जुन
गिरिजाकुमार माथुर
स्वयं प्रकाश
आग रोटियाँ सेंकने के लिए है जलने के लिए नहीं इन पंक्तियों में समाज में स्त्री की किस स्थिति की ओर संकेत किया गया है-
लड़की को जलाकर मारना
लड़कियों का स्वयं जल जाना
लड़की को जलाना और आत्महत्या सिद्ध करना
उपर्युक्त सभी
कौन सी पंक्ति कन्यादान की नहीं है
लेकिन दुख बांचना नहीं आता था
आग रोटियां सेकने के लिए है
प्रभुता का शरण बिंब केवल मृगतृष्णा है
जैसे वही उसकी अंतिम पूंजी हो
मां को अपनी पुत्री अंतिम पूंजी लग रही थी क्योंकि–
पुत्री मां के सबसे निकट तथा सुख दुख की सच्ची साथी होती है।
श्री जीवन से जुड़ी समस्याओं पर वह बेटी के साथ ही बातचीत कर सकती है।
विवाह से पहले वह अपनी मां से सुख दुख बांटती थी किंतु अब बेटी से बांटती है अतः बेटी का जाना मां के लिए अंतिम पूंजी है।
उपर्युक्त सभी
