NEW
Font size
WorksheetsNetaji ka Chasma -2
Total questions: 11
Worksheet time: 6mins
इस पाठ के लेखक कौन है
प्रेमचंद
मन्नू भंडारी
स्वयं प्रकाश
सेनानी न होते हुए भी चश्मेवाले को लोग कैप्टन क्यों कहते थे ?
वह हमेशा सैनिक की ड्रेस पहने रहता था
उसने स्वतंत्रता संग्राम में भाग लिया था
देश भक्ति भावना के कारण
नेताजी की प्रतिमा कहाँ थी -
चौराहे पर
नगरपालिका में
दुकान के पास
ड्राइंग मास्टर का क्या नाम था -
मोती लाल
हालदार
मनोहर
पहली बार हालदार साहब ने मूर्ति को ध्यान से क्यों देखा -
प्रतिमा तांबे कि थी
मूर्ति का चश्मा असली था
प्रतिमा की नाक ठीक नहीं थी
एक दिन पानवाला क्यों दुखी था -
कैप्टन के मर जाने पर
प्रतिमा हटाये जाने पर
पान न बिकने पर
हालदार साहब ने ड्राइवर को पहले चौराहे पर गाड़ी रोकने के लिए मना किया था लेकिन बाद में तुरंत रोकने को कहा-क्यों
उन्हें कैप्टन चश्मे वाला नजर आया था
मूर्ति की आँखों पर उन्होंने गोगो चश्मा देखा था
मूर्ति की आँखों पर उन्होंने सरकंडे का चश्मा देखा था
उन्हें पान खाना था
मूर्ति पर सरकंडे का चश्मा क्या उम्मीद जगाता है?
कैप्टन चश्मे वाला बस्ती में लोगों के बीच में देशभक्ति का संचार करके गया था
लोगों में देशभक्ति की भावना खत्म नहीं हुई है
लोगों के पास साधनों की कमी हो सकती है, पर देशभक्ति की भावना की नहीं
उपर्युक्त सभी
वो लँगड़ा क्या जाएगा फ़ौज में। पागल है पागल!”
प्रस्तुत कथन का वक्ता और श्रोता कौन है?
वक्ता हालदार साहब , श्रोता कैप्टन चश्मे वाला
वक्ता कैप्टन चश्मे वाला, श्रोता हालदार साहब
वक्ता पानवाला, श्रोता हालदार साहब
वक्ता हालदार साहब , श्रोता पानवाला
सेनानी न होते हुए भी चश्मेवाले को लोग कैप्टन कहते थे - क्यों
उस में देशभक्ति की भावना कूट-कूट कर भरी थी
नेता जी की मूर्ति बिना चश्मे के वह नहीं देख सकता था
बिना चश्मे के नेता जी की मूर्ति उसे आहत करती थी
उपर्युक्त सभी
नेताजी का चश्मा कहानी में सुभाषचंद्र बोस जी की मूर्ति किस से बनी थी?
लोहा
संगमरमर
कंक्रीट
मिट्टी
