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WorksheetsBhagavad Gita As It Is DAY-00 पृष्ठभूमि-आमुख-भूमिका
Total questions: 70
Worksheet time: 3hrs 35mins
धृतराष्ट्र व पाण्डु किसके वंशज थे? (पृष्ठभूमि)
राजा भरत
इंद्र
मिथिला
जरासंध
भगवान् कृष्ण के विषय में क्या सही है? (पृष्ठभूमि)
वे एक सामान्य व्यक्ति हैं
वे एक गौण ऐतिहासिक पुरुष हैं
वे एक असंगत पौराणिक कथा का पात्र हैं
वे भगवद्गीता के वक्ता, विषयवस्तु तथा चरम लक्ष्य भी हैं
भगवद्गीता कौन से वैदिक साहित्य में प्राप्त होता है? (पृष्ठभूमि)
ऋग्वेद
मुण्डक उपनिषद
पद्म पुराण
रामायण
महाभारत
द्यूतक्रीड़ा में हार के बाद पांडवों को कितने वर्षों के लिए वनवास में जाना पड़ा? (पृष्ठभूमि)
12
13
14
15
"भगवद्गीता यथारूप" अन्य अनुवादों से कैसे भिन्न है? (पृष्ठभूमि)
अन्य अनुवादकों की तरह यहां भी कृष्ण को ताक पर रखकर अपना विचार प्रस्तुत किया गया है
यहां भी कृष्ण को अनुवादक की प्रतिभा प्रदर्शन का निमित्त बनाया गया है
इसमें भी कृष्ण को प्रभावहीन ऐतिहासिक पुरुष के रूप में प्रस्तुत किया गया है
यह अनुवाद व भाष्य पाठक को कृष्ण की ओर निर्देशित करता है, उनसे दूर नहीं ले जाता
कृष्णभावनामृत आंदोलन (ISKCON) किस पर आधारित है? (आमुख)
भगवद्गीता यथारूप
भारतीय संविधान
शिवपुराण
मनमाने ढंग पर
प्रभुपाद जी कृष्णभावनामृत आंदोलन का श्रेय किसे देते हैं? (आमुख)
श्री श्रीमद भक्तिसिद्धांत सरस्वती गोस्वामी महाराज
श्रील बलदेव विद्याभूषण
श्रील विश्वनाथ चक्रवर्ती ठाकुर
श्रील नरोत्तम दास ठाकुर
कृष्ण के सर्वोच्च ज्ञान को समझने की पात्रता क्या है? (आमुख)
तथाकथित विद्वान
तार्किक राजनीतिज्ञ
मनोधर्मी दार्शनिक
परंपरागत भक्त
भगवद्गीता यथारूप के अतिरिक्त अन्य कोई मायावादी भाष्य पढ़ने से क्या नुक्सान है? (आमुख)
यह बहुत बड़ी भूल है
दिग्भ्रमित जिज्ञासु मोहग्रस्त हो जाएंगे
भगवद्धाम वापस नहीं जा सकेंगे
कोई नुक्सान नहीं है
भगवद्गीता को कैसे सही रूप में समझ सकते हैं? (आमुख)
यथारूप की बजाय मनमाने ढंग से पढ़कर
कृष्ण के प्रमाण को अस्वीकार करके
कृष्ण की इच्छा की परवाह किये बिना
कृष्ण को भगवान् रूप में समझकर जैसा अर्जुन ने किया था
सामान्य जनता वास्तव में कैसे सुखी बन सकती है? (आमुख)
भौतिक सुविधाओं की प्रगति से
विभिन्न प्रकार से इन्द्रियतृप्ति करके
अपनी भौतिक इन्द्रियों को तुष्ट करके
भगवान् की सेवा करके
ए. सी. भक्तिवेदांत स्वामी प्रभुपाद जी ने भगवद्गीता यथारूप का आमुख कब और कहाँ लिखा था? (आमुख)
12 मई 1971, सिडनी, ऑस्ट्रेलिया
1 सितम्बर 1869, कलकत्ता, भारत
13 जुलाई 1966, न्यूयार्क, अमेरिका
14 नवम्बर 1977, वृन्दावन, भारत
मंगलाचरण करते हुए सबसे पहले गुरु को प्रणाम क्यों किया गया है? (भूमिका)
क्योंकि गुरु ही सबकुछ हैं
क्योंकि गुरु भगवान् से भी बढ़कर है
क्योंकि गुरु ज्ञान के प्रकाश से हमारी आँखों को खोलते हैं
क्योंकि नहीं तो गुरु नाराज हो जाएंगे
भगवान् कृष्ण को "दुखियों के सखा" किस शब्द से सम्बोधित किया गया है? (भूमिका)
करुणासिन्धु
दीनबन्धो
जगत्पते
गोपेश
गोपिकाकान्त
राधारानी के विषय में क्या सही नहीं है? (भूमिका)
उनकी शारीरिक कांति पिघले सोने के सदृश है
वे वृन्दावन की महारानी हैं
वे नंदमहाराज की पुत्री हैं
वे भगवान् कृष्ण को अत्यंत प्रिय हैं
भगवद्गीता को ________ भी कहा जाता है | (भूमिका)
गीता वेद
गीता पुराण
गीतोपनिषद
गीता संहिता
कभी कभी किसी शक्तिशाली व्यक्ति या देवता को भी भगवान् कहा जाता है | फिर श्रीकृष्ण उनसे कैसे भिन्न हैं? (भूमिका)
भगवान् श्रीकृष्ण पूर्ण पुरुषोत्तम भगवान् हैं
श्रीकृष्ण की सर्वोच्चता शंकर आदि अनेक विद्वान् आचार्यों ने पुष्ट की है
भगवान् ने स्वयं अपने को गीता में परम पुरुषोत्तम भगवान् कहा है
ब्रह्मसंहिता में ब्रह्माजी ने कहा है - ईश्वरः परमः कृष्ण
श्रीमद्भागवत स्वीकार करता है - कृष्णस्तु भगवान् स्वयं
भगवद्गीता का अव्यय ज्ञान सर्वप्रथम सूर्यदेव विवस्वान को किसने प्रदान किया? (भूमिका)
इक्ष्वाकु
वैवस्वत मनु
ब्रह्मा
भगवान् कृष्ण
अर्जुन के किन गुणों के कारण भगवान् उसे भगवद्गीता ज्ञान का प्रामाणिक विद्वान बनाना चाहते हैं अतः विशेष रूप से उसे ही उपदेश दिया गया? (भूमिका)
भगवान् का भक्त
प्रत्यक्ष शिष्य
घनिष्ठ मित्र
सुभद्रा का पति
भगवद्गीता कौन से आध्यात्मवादी के लिए है या कौन से आध्यात्मवादी भगवद्गीता को समझ सकते हैं? (भूमिका)
ज्ञानी
योगी
भक्त
निर्विशेषवादी
ध्यानी
भक्त तथा भगवान् के मध्य कितने प्रकार का सम्बन्ध हो सकता है? (भूमिका)
1
2
3
4
5
स्वरुप के विषय में क्या सही है? (भूमिका)
भगवान् के साथ नित्य विशिष्ट सम्बन्ध
भक्तियोग से ही जागृत किया जा सकता है
जागृत अवस्था स्वरुप सिद्धि कहलाती है
यह मूलभूत स्थिति की पूर्णता कहलाती है
अर्जुन कहते हैं - सर्वमेतदृतं मन्ये - आप जो कुछ कहते हैं उसे मैं सत्य मानता हूँ | नारद, असित, देवल, व्यास भी कृष्ण को परम भगवान् स्वीकार करते हैं | तो भी किस कमी के कारण बड़े-बड़े देवता, विचारक, योगी उन्हें नहीं समझ पाते? (भूमिका)
ज्ञान व ऐश्वर्य
शारीरिक बल व सौंदर्य
उच्च व धनी कुल में जन्म
भक्ति
भगवद्गीता को भक्तिभाव से ग्रहण करते हुए व्यक्ति को क्या सोचना चाहिए? (भूमिका)
वह कृष्ण के तुल्य है
कृष्ण सामान्य पुरुष हैं
कृष्ण एक महान व्यक्तित्व हैं
कृष्ण साक्षात पुरुषोत्तम भगवान् हैं
भगवद्गीता का प्रयोजन/उद्देश्य क्या है? (भूमिका)
मनुष्य को भौतिक संसार के अज्ञान से उबारना
कठिनाइयों से बाहर निकालना
भौतिक अस्तित्व की चिंताओं से मुक्ति
असत के अनस्तित्व से निर्भयता
सिद्ध मानव या मानवता की शुरुआत किसे माना जाता है? (भूमिका)
जो मनुष्य अपने कष्टों के विषय में जिज्ञासा नहीं करता
जो मनुष्य सारे कष्टों का हल नहीं ढूंढता
जो परब्रह्म के स्वभाव के विषय में जिज्ञासा न करे
जो प्रश्न करते हैं कि वे कष्ट क्यों उठा रहे हैं, कहाँ से आये हैं और मृत्यु के बाद कहाँ जाएंगे
इनमें से कौन भगवद्गीता के पांच मूलभूत विषयों में से एक नहीं है? (भूमिका)
ईश्वर - सर्वोच्च नियंता
जीव - नियंत्रित जीवात्माएं
भौतिक विज्ञान
काल - समस्त ब्रह्माण्ड की अवधि
कर्म - कार्यकलाप
भौतिक प्रकृति की आश्चर्यजनक घटनाओं के पीछे नियंता को स्वीकार न करना बचपना कैसे है? (भूमिका)
बच्चा सोच सकता है कि ऑटोमैटिक खिलौना यान अपने आप चल रहा है किन्तु बुद्धिमान व्यक्ति कारण जानता है
कोई बचपना नहीं है - मेरे घर में प्रकाश पॉवर हाउस से आता है पर सूर्य चन्द्रमा का प्रकाश तो अपने आप ही है
भौतिक प्रकृति के विषय में क्या सही नहीं है? (भूमिका)
अपरा प्रकृति
परा (उत्कृष्ट) प्रकृति
स्त्री स्वरूपा है
भगवान् द्वारा नियंत्रित होती है जैसे पत्नी पति द्वारा
भौतिक प्रकृति और जीव में क्या समानता है? (भूमिका)
दोनों भगवान् के समकक्ष हैं - स्वतंत्र
दोनों भगवान् की प्रकृति हैं और पत्नी की तरह पति(भगवान्) पर हुक्म चलाती हैं
दोनों भगवान् की प्रकृति हैं और उनके द्वारा अधिशासित व नियंत्रित हैं
भगवद्गीता के पाँचों विषयों में से क्या शाश्वत नहीं है? (भूमिका)
ईश्वर
जीव
प्रकृति
काल
कर्म
चेतना के आधार पर ईश्वर, जीव और भौतिक प्रकृति में तुलना करें | (भूमिका)
ईश्वर = जीव = भौतिक प्रकृति
ईश्वर < जीव < भौतिक प्रकृति
ईश्वर > जीव > भौतिक प्रकृति
ईश्वर = जीव > भौतिक प्रकृति
भगवान् तथा जीव दोनों की चेतनाएं दिव्य हैं, फिर दोनों में अंतर क्या है? (भूमिका)
बद्धावस्था में जीव देहात्मबुद्धि से कलुषित हो जाता है | भगवान् की चेतना कभी भौतिकता से प्रभावित नहीं होती |
कोई अंतर नहीं है, मैं भी भगवान् ही हूँ | बस फिलहाल अपनी माया से खेलते हुए कुछ उलझन आ गयी है |
शुद्ध चेतना का क्या अर्थ है? (भूमिका)
भौतिक प्रकृति पर नियंत्रण करने का प्रयास करना
संसार में उन्नति करके शरीर को बनाये रखने का प्रयास करना
भौतिक चेतना को बढ़ाने का प्रयास करना
भगवान् के आदेशानुसार कर्म करना
भौतिक चेतना के दो मनोमय विभाग क्या हैं? (भूमिका)
मैं ही स्रष्टा हूँ
मैं ही भोक्ता हूँ
मैं तो सृजित हूँ
मैं तो भुक्त हूँ
स्वामी (कृष्ण) को तुष्ट करके ही दास (जीव) तुष्ट हो सकता है | इसके लिए कौन से उदाहरण दिए गए हैं? (भूमिका)
यदि शरीर को स्वस्थ रखना है तो सारे अंगों को उदरपूर्ति में सहयोग देना होगा | नहीं तो निराश होना पड़ेगा
जड़ को सींचकर ही पूरे वृक्ष का पोषण किया जा सकता है
मशीन का पुर्जा सम्पूर्ण मशीन के साथ सहयोग करता है तो ही महत्वपूर्ण बनता है, अन्यथा बेकार है
निर्विशेष ब्रह्म (निराकार ब्रह्मज्योति) के विषय में क्या सही है? (भूमिका)
यह पूर्ण परम पुरुष से श्रेष्ठ है
यह सूर्य के समान है
यह पूर्ण ब्रह्म की पूर्ण अनुभूति है
परम पुरुषोत्तम भगवान् निर्विशेष ब्रह्म तथा परमात्मा की आंशिक अनुभूति से बढ़कर हैं
पूर्ण भगवान् में अपार शक्तियां हैं जो सब पूर्ण हैं | फिर भी हमें अपूर्णता का अनुभव क्यों होता है? (भूमिका)
नकारात्मक सोच के कारण
हम हैं ही अपूर्ण, तो पूर्णता का अनुभव कैसे होगा
पूर्णविषयक ज्ञान की अपूर्णता के कारण
सभी सही हैं
वैदिक ज्ञान को ग्रहण करने की क्या विधि है? (भूमिका)
यह तो अपूर्ण व न ग्रहण करने योग्य है क्योंकि यह विरोधाभासों, संशयों तथा त्रुटियों से भरा है
अपनी अपूर्ण इन्द्रियों के अपूर्ण शोध द्वारा पूरा जीवन समझने का प्रयास करते रहें - लाभ तो है नहीं
परमात्मा के उपयुक्त स्त्रोत से, बिना शोध या मनोकल्पना के, पूर्णतः स्वीकारना जैसे अर्जुन ने किया
सांसारिक व्यक्ति में क्या दोष पाए जाते हैं? (भूमिका)
वह त्रुटियाँ अवश्य करता है
वह अनिवार्य रूप से मोहग्रस्त होता है
उसमें अन्यों को धोखा देने की प्रवृत्ति होती है
वह अपूर्ण इन्द्रियों के कारण सीमित होता है
भगवद्गीता में भगवान् को इनमें से क्या कहकर सम्बोधित किया गया है? (भूमिका)
मातामह
पितामह
श्वसुर
प्रपितामह
भगवान् ने भगवद्गीता का प्रवचन अर्जुन के किस दृष्टिकोण को बदलने के लिए किया? (भूमिका)
अर्जुन का युद्ध न करने का निर्णय शरीर पर आधारित था
युद्ध न करके वह अपनी शारीरिक आवश्यकताओं को तुष्ट करना चाह रहा था
अर्जुन अपने आप को शरीर से भिन्न आत्मा के रूप में देख पा रहा था
इनमें से क्या प्रकृति के नियम को तोड़ना नहीं है? (भूमिका)
पशु द्वारा पशु की हत्या
पशु द्वारा मनुष्य की हत्या
मनुष्य द्वारा पशु की हत्या
मनुष्य द्वारा मनुष्य की हत्या
प्रकृति के गुणों के अनुसार कितने प्रकार के कर्मों व आहार के भेद हैं? (भूमिका)
2
3
4
5
इस संसार में प्रत्येक पदार्थ क्षणिक है क्योंकि उसमे ____ प्रकार के परिवर्तन होते हैं | (भूमिका)
3
4
5
6
सनातन धर्म किस साम्प्रदायिक धर्म पद्धति का सूचक है? (भूमिका)
हिन्दू
मुस्लिम
किसी का नहीं, यह तो शाश्वत परमेश्वर के साथ शाश्वत जीवों के शाश्वत प्रेमसंबंध के व्यवहार का सूचक है
हम कैसे सुखी नहीं हो सकते? (भूमिका)
अपनी उत्पत्ति के कारण, भगवान् के सुख के लिए कार्य करके
परमेश्वर की दिव्य प्रेममय सेवा करके
स्वतंत्र रूप से सुखी बनने का प्रयास करके
भगवद्गीता में किसकी पूजा करने का अनुमोदन किया गया है? (भूमिका)
विभिन्न देवी देवताओं की
केवल परम भगवान् श्रीकृष्ण की
सभी की - सारे एक ही तो हैं
भगवान् का परम धाम (शाश्वत आकाश) कैसे प्रकाशित होता है? (भूमिका)
सूर्य से
चंद्र से
अग्नि से
बिजली से
परमेश्वर से निकलने वाली ब्रह्मज्योति द्वारा
कौन सा लोक चार नियमों - जन्म, मृत्यु, व्याधि तथा जरा - से मुक्त है? (भूमिका)
स्वर्गलोक
चंद्रलोक
ब्रह्मलोक
गोलोक
यह भौतिक जगत आध्यात्मिक जगत का प्रतिबिम्ब है - इससे क्या पता चलता है? (भूमिका)
असली सुख प्रतिबिम्ब में ही मिलेगा, वास्तविकता में नहीं
प्रतिबिम्ब ही अच्छा है, अब इतनी दूर असली सूर्य तक कौन जाए जब नदी में प्रतिबिम्ब सरलता से प्राप्य है?
सब कुछ असत्य है - जो दिख रहा है वही असत्य है तो जो नहीं दिख रहा उस पर तो विश्वास ही कैसे करें?
प्रतिबिम्ब से वास्तविकता की पुष्टि होती है कि आध्यात्मिक जगत में वास्तविक सुख है
भगवद्धाम या आध्यात्मिक जगत में कैसे पहुँच सकते हैं? (भूमिका)
महाशय, प्रभु, राष्ट्रपति, राजा जैसी उपाधियों से चिपककर
प्रकृति के तीन गुणों से आसक्त होकर
भगवान् की भक्तिमय सेवा को छोड़कर
प्रकृति पर प्रभुत्व जताने की प्रवृत्ति से
कृष्ण का स्मरण, चिंतन करके
वर्तमान भौतिक शरीर के विषय में क्या सही नहीं है? (भूमिका)
यह सच्चिदानंद है
संसार के सभी दुःख शरीर से उत्पन्न हैं
यह अगले जीवन की तैयारी के लिए है
इनमें से कोई भी उत्तर सही नहीं है
यह भौतिक जगत सम्पूर्ण सृष्टि का कितना अंश है? (भूमिका)
1/2
1/3
1/4
1/5
वैकुण्ठलोक में या गोलोक में कौन कौन प्रवेश कर सकता है? (भूमिका)
भौतिकतावादी
ब्रह्मवादी
परमात्मवादी
भक्त
भगवद्गीता समझने के लिए हमारे मनोवृत्ति कैसी होनी चाहिए? (भूमिका)
जो हमारी कल्पना से मेल न खाता हो, उसे ठुकराए नहीं
अर्जुन के समान - आपने जो कुछ कहा मैं उसे मानता हूँ
भगवान् की बात पर भी संदेह करें
अपनी बुद्धि से समझ न लेने तक भगवान् को भी स्वीकार न करें
विष्णुपुराण के अनुसार भगवान् की शक्तियों को कितने भागों में बांटा गया है? (भूमिका)
2
3
4
असंख्य
वैदिक ग्रन्थ - पुराण आदि क्यों लिखे गए हैं? (भूमिका)
जैसे समाचार पत्र, पत्रिकाएं, उपन्यास आदि होते हैं वैसे ही महर्षियों ने काल्पनिक कथाएं लिखी हैं
भुलक्कड़ बद्धजीवों की चिंतन शक्ति को पुनः आध्यात्मिक आकाश की ओर मोड़ने के लिए
परमेश्वर के स्मरण से पथभ्रमित करने के लिए
भगवान् अर्जुन को क्या सुझाव देते हैं जिससे वो संशयरहित होकर भगवान् को प्राप्त कर सके? (भूमिका)
मेरा स्मरण करो व अपना वृत्ति, पेशा त्याग दो
मेरा स्मरण भी न करो व अपना वृत्ति, पेशा भी त्याग दो
मेरा स्मरण करो व अपना वृत्ति, पेशा करते रहो
मेरा स्मरण न करो व अपना वृत्ति, पेशा करते रहो
कर्म के अनुसार मानव समाज कितने वर्णों में विभाजित है? (भूमिका)
3
4
5
6
भगवान् कृष्ण "मामनुस्मर" व भगवान् चैतन्य "कीर्तनीय सदा हरि" द्वारा स्मरण के विषय में बता रहे हैं | यह स्मरण कैसे करें? (भूमिका)
जीवन संघर्ष के समय अभ्यास की आवश्यकता नहीं है, बस मृत्यु के समय ही कर लेंगे
कभी कभी भगवान् कृष्ण के नामों का कीर्तन कर लो, निरंतर न करते रहना
दिनचर्या को ऐसे ढालें कि सदैव भगवान् के नामों का जप करते हुए चौबीसों घंटे उनका स्मरण करते रहें
कौन एक ही समय में सबसे बड़ा योगी, सर्वोच्च ज्ञानी तथा महानतम भक्त है?(भूमिका)
जो एकांत में श्वास को नियंत्रित करके इन्द्रियसंयम का अभ्यास करता है
जो सदैव परमेश्वर का चिंतन करता है
असंभव - या तो योगी होगा या ज्ञानी या भक्त
सही वाक्य छाँटिए | (भूमिका)
भगवद्गीता सिखाती है कि कैसे मन तथा बुद्धि को भगवान् के विचार में लीन रखा जाए
यदि मन माया की सेवा में लग जाता है तो स्वतः सारी इन्द्रियाँ कृष्ण की सेवा में लग जाती हैं
चाहे मन बुद्धि परमेश्वर के विचारों में मग्न रहें, यदि इन्द्रियों के कार्य नहीं बदले तो चेतना भी नहीं बदलती
भक्तियोग की नौ विधियों में सबसे सुगम क्या है? (भूमिका)
श्रवण
कीर्तन
स्मरण
पादसेवन
जो कोई भगवद्गीता में बताये गए भक्तियोग के सिद्धान्तानुसार कृष्ण को जीवन के आश्रयतत्व व सर्वोच्च लक्ष्य के रूप में स्वीकार करता है वह ____ (भूमिका)
आध्यात्मिक आकाश में भगवान् तक नहीं पहुँच सकता
अपना जीवन पूर्ण नहीं बना सकता
जीवन की सारी समस्याओं का स्थायी हल पाता है
दिव्य साहित्य भगवद्गीता को ध्यानपूर्वक पढ़ने व इसके उपदेशों का पालन करने का क्या लाभ है? (भूमिका)
जीवन के दुखों तथा चिंताओं से मुक्त
इस जीवन में सारे भय से मुक्त
अगला जीवन आध्यात्मिक होगा
सारे पूर्व दुष्कर्मों के फलों का प्रभाव समाप्त
भौतिक जीवन की मलिनता से सदा के लिए मुक्त
वर्तमान युग के व्यस्त सांसारिकों के लिए, जो समस्त वैदिक साहित्य का अध्ययन नहीं कर सकते, कौन सी एक पुस्तक पर्याप्त है? (भूमिका)
चाचा चौधरी
चालीसा
वेदान्तसूत्र
भगवदगीता
गीता महात्मय के अनुसार गाय-बछड़ा-दूध की उपमा का ठीक मिलान छांटें | (भूमिका)
कृष्ण - गाय को दुहने वाले ग्वाल
अर्जुन - अमृतमय दूध का पान करने वाले
विद्वान् तथा भक्त - बछड़े
समस्त उपनिषद - गाय
आज के युग में लोगों के लिए किस एक मन्त्र की संस्तुति की गयी है? (भूमिका)
गायत्री मन्त्र
महामृत्युंजय मन्त्र
काली-दुर्गा आदि के नामोच्चारण
देवकीपुत्र श्रीकृष्ण के नाम का कीर्तन
भगवद्गीता यथारूप की गुरु परम्परा में ए. सी. भक्तिवेदांत स्वामी प्रभुपाद के गुरु कौन हैं? (भूमिका)
भक्तिसिद्धांत सरस्वती
गौरकिशोर
भक्तिविनोद
श्री चैतन्य महाप्रभु
