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Worksheetslakh ki chudiya
Total questions: 23
Worksheet time: 12mins
बदलू कौन था ?
गोलियाँ बनाने वाला
पैसों से चूड़ियाँ बेचने वाला
मनिहार
लेखक का साथी
बदलते समय में लेखक ने गाँव में क्या परिवर्तन देखा ?
गाँव बदल गए थे
औरतों ने लाख की चूड़ियाँ पहनना बंद कर दिया था
बदलू बादल गया था
बदलू के हाथ में लाख की गोलियाँ थी
लेखक बदलू को बदलू काका क्यों कहता था ?
क्योंकि उसे समझ में नहीं आता था कि बदलू को किस रिश्ते से पुकारे
क्योंकि गांव के सभी बच्चे बदलू को काका ही कहकर पुकारते थे।
क्योंकि बदलू का मजाक उड़ाने में उसे मजा आता था इसलिए।
क्योंकि कितना मुश्किल प्रश्न है!! कोई और पूछो।
बदलू लेखक को _______ खाने के लिए देता था |
आम,रोटी
दूध की मलाई,आम
कुछ नहीं
दाल चावल
बदलू के मकान के सामने था
बरगद का पेड़
नीम का पेड़
जामुन का पेड़
पता नहीं।
गांव में लेखक का अधिकतर समय बीतता था
बदलू के साथ
गांव के बच्चों के साथ
अकेले ही खाना खाते
पता नहीं
रोज ही लगभग बदलू बना लेता था
2 से 3 जोड़ी चूड़ियां
चार से छह जोड़ी चूड़ियां
एक चूड़ी
कह नहीं सकते रोज बनाते थे कि नहीं।
वस्तु विनिमय जब किया जाता है तब
कुछ नहीं किया जाता
अनाज के बदले में सामान लिया जाता है
चीजें लूट ली जाती हैं।
बहुत मुश्किल प्रश्न है क्यों पूछा?
संसार में बदलू को सबसे ज्यादा चिढ़ थी
कांच की चूड़ियों से
लाख की चूड़ियों से
आम खाते हुए किसी को देखकर
कह नहीं सकते कि क्या बात थी
संसार में बदलू को सबसे ज्यादा चिढ़ थी
कांच की चूड़ियों से
लाख की चूड़ियों से
आम खाते हुए किसी को देखकर
कह नहीं सकते कि क्या बात थी
पाठ बस की यात्रा के लेखक का नाम बताऐ ?
कामता नाथ
कबीर
हरिशंकर परसाई
अरविंद कुमार सिंह
लोगो ने लेखक को क्या सलाह दी ?
शाम की बस से न जाए।
कही न जाए।
शाम की बस से ही जाए।
अगले दिन जाऐ।
बस की यात्रा के बारे मे हिचकिचाहट होने पर किस मित्र की सलाह काम आई ।
कंडक्टर
डाक्टर
वकील
कंपनी का हिस्सेदारी
बस के स्टार्ट होते ही लेखक को क्या प्रतीत हुआ ?
कुछ नहीं।
बस चल पडी।
बस हीलने लगी।
जेसै पुरी बस ही इंजन हो।
लेखक ने किन 2 आंदोलन के बारे मे बताया ?
आंदोलन
असहयोग आंदोलन
सविनय अवज्ञा आंदोलन
सहयोग आंदोलन
पेट्रोल की टंकी मे क्या हो गया था ?
फूट गया था
छेद हो गया था
कुछ नहीं हुआ
पचंर हो गया था
लेखक किन घटनाऔ के बारे मे सोच रहे थे ?
ब्रेक फेल होने के बारे मे ।
बस पलट सकती थी ।
स्टीयरिंग टूट सकता था ।
भूतो के बारे मे ।
क्षीण चाँदनी में वृक्षों की छाया के नीचे वह बस कैसी लग रही थी।
डरावनी
सुन्दर
दयानीय
भयानक
लेखक ने किसकि तरफ श्रद्धाभाव से देखा?
दोस्त की तरफ
बस की तरफ
डॅाकटर की तरफ
हिस्सेदार की तरफ
लेखक ने कहा पहुंचने की उम्मीद छोड़ दी थी
पन्ना
घर
सातारा
पता नंही
पुलिया के ऊपर पहुंचते ही ..........
बस जोर से पुलिया पार कर गई।
एक टायर फिस्स करके बैठ गया और बस जोर से हिलकर थम गई
एक टायर फिस्स करके बैठ गया
बस पुलिया पर रुक गई।
चिंता जाती रही,हंसी मजाक चालू हो गया क्योंकि
पृथ्वी पर उनकी अब कोई मंजिल ना रह गई थी।
उन सबकी,बेताबी,तनाव खत्म हो गए थे।
सब बड़े इत्मीनान से घर की तरह बैठ गए।
उपर्युक्त सभी।
झील देखकर लेखक को लगता था कि
वाह कितनी सुंदर झील है।
इसमें बस गोता लगा जाएगी।
इस झील में कितनी मछलियां होंगी
न जाने और कितनी झीलें अभी रास्ते में आने वाली हैं।
