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Worksheetsप्रेमचंद के फटे जूते
Total questions: 15
Worksheet time: 8mins
हिंदी के व्यंग्य लेखकों में किस का नाम अग्रणी है ?
हरिश्चंद्र
हजारी प्रसाद द्विवेदी
हरिशंकर परसाई
महावीर प्रसाद द्विवेदी
'प्रेमचंद के फटे जूते' लेख में लेखक ने किस पर व्यंग्य किया है ?
दिखावे की प्रवृत्ति पर
अवसरवादिता पर
नासमझ लोगों की सोच पर
उपर्युक्त सभी
'हौसला पस्त करना' मुहावरे का क्या अर्थ है ?
कार्य के लिए तैयार होना
जोश बनाए रखना
जोश समाप्त करना
उपर्युक्त में से कोई भी नहीं
लेखक की नजर किस के जूते पर अटक गई ?
प्रेमचंद के
फोटोग्राफर के
स्वयं के
उपर्युक्त में से कोई भी नहीं
इस पाठ में प्रेमचंद की किस विशेषता पर प्रकाश डाला गया है ?
गरीबी
सहजता
वास्तविकता
उपर्युक्त सभी
लोग फोटो में सुंदर दिखने के लिए क्या-क्या करते हैं ?
इत्र लगा कर बैठते हैं
उधार के जूते पहनते हैं
उधार के कपड़े पहनते हैं
उपर्युक्त सभी
इस पाठ में जूता किसका प्रतीक है ?
नीच व्यक्ति का
तुच्छ व्यक्ति का
धूर्त व्यक्ति का
उपर्युक्त सभी
इस पाठ में टोपी से क्या आशय है ?
सम्मानित व्यक्ति
सज्जन
गुणवान
उपर्युक्त सभी
"जूता हमेशा टोपी से कीमती रहा है "l इस बात का क्या आशय है ?
नीच व्यक्ति अपने छल से गुणवान लोगों से अधिक महत्व पाते हैं
गुणवान व्यक्ति अपनी सरलता के कारण अधिक महत्व नहीं पाता
सरल व्यक्ति दिखावा न करने के कारण अधिक महत्व नहीं पाता
उपर्युक्त सभी
'जनता का लेखक' किसे कहा गया है ?
मैथिलीशरण गुप्त को
हजारी प्रसाद द्विवेदी को
हरिशंकर परसाई को
प्रेमचंद को
प्रेमचंद को 'जनता का लेखक' क्यों कहा जाता है ?
उन्होंने जीवन भर सामान्य जनता से जुड़ी कहानियाँ लिखी
उन्होंने किसानों की गरीबी शोषण आदि को समझा
उन्होंने अपनी कहानियों में जनता के जीवन की सच्चाई को उजागर किया
उपर्युक्त सभी
'रास्ते में खड़े टीले' से क्या आशय है ?
मार्ग में आने वाली बाधाएँ
मार्ग में आने वाली रेत के टीले
मार्ग में आने वाली खुशियाँ
उपर्युक्त में से कुछ भी नहीं
प्रेमचंद को किन के चलने की चिंता है ?
अपने मित्रों के चलने की
अपने युग के लेखकों के चलने की
अपने परिवार जनों के चलने की
उपर्युक्त में से कोई भी नहीं
लेखक को अपने युग के कैसे लेखकों के चलने की चिंता है ?
जो दिखावटी जीवन जी रहे हैं
जो अपने अंदर सिमटे जा रहे हैं
जो संकटों को स्वीकार करने का आत्मबल खो रहे हैं
उपर्युक्त सभी
'गोदान' उपन्यास के पात्र होरी और प्रेमचंद दोनों की क्या कमजोरी थी ?
दोनों नियमों के पक्के थे
उन्होंने कभी अपनी नैतिकता को गिरने नहीं दिया
उन्होंने जीवन मूल्यों को नहीं छोड़ा
उपर्युक्त सभी
