NEW
Font size
Worksheetsअब कहाँ दूसरे के दुःख से दुःखी होने वाले
Total questions: 33
Worksheet time: 25mins
प्रस्तुत पाठ के लेखक हैं
सीताराम सेक्सरिया
मुंशी प्रेमचंद
निदा फाजली
खुशवंत सिंह
निदा फाजली के अनुसार किस तरह के लोग अब नहीं हैं
सूझबूझ वाले
दूसरों के दुख से दुखी होने वाले
अमीर
कोई नहीं
सुलेमान किसके साथ रास्ते से गुजर रहा था
अपने घोड़े के साथ
अपने बच्चों के साथ
अपने लश्कर के साथ
कोई नहीं
घोड़ों के टापों की आवाज किसने सुनी
घोड़ों ने
सुलेमान ने
चींटियों ने
किसी ने नहीं
शेख अयाज के पिता की बाजू पर क्या रेंग रहा था
छिपकली
बिच्छू
च्यूँटा
कुछ नहीं
लेखक के अनुसार किस तरह के लोग अब नहीं हैं ?
सूझ बूझ वाले
दूसरो के दुःख में दुखी होने वाले
अमीर
कोई नहीं
चींटिया एक दूसरे को कहाँ चलने को कह रहीं थी ?
पेड़ पर
खेतों में
अपने अपने बिलों में
नदी में
निदा फ़ाज़ली जी की लेखन-कला की विशेषता क्या है?
पद्य रचनाओं में शेर-ओ-शायरी पिरोना
शेर-ओ-शायरी करना
गद्य रचनाओं में शेर-ओ-शायरी पिरोना
पद्य रचनाओं में संगीतात्मकता
निदा फ़ाज़ली जी ने किससे प्रेरित होकर उपनाम के रूप में 'फ़ाज़ली' जोड़ लिया था?
अपने मूल वतन फ़ाज़िला, क़श्मीर जहाँ से आकर उनके पुरखे दिल्ली में बस गए|
अपने मूल वतन की याद में
अपने बड़ों के कहने पर
अपनी पहचान बनाने के उद्देश्य से
निदा फ़ाज़ली जी के नाम में निदा का अर्थ है-
स्वर्ग
स्वर या आवाज़
मधुर आवाज़
शायरी
जब उनके माता-पिता पाकिस्तान जाकर बस गए तब निदा फ़ाज़ली जी ने क्या फैसला लिया?
वे भी पाकिस्तान जाकर बस गए
भारत में ही स्थायी रूप से बसने का
भारत व पाकिस्तान दोनों देशों की नागरिकता प्राप्त करने का
कुछ दिन भारत में रहने के बाद पाकिस्तान जाने का
निदा फ़ाज़ली जी ने हिंदी फ़िल्मी गीतों का लेखन-कार्य कब प्रारंभ किया?
फ़िल्म प्रोड्यूसर-निर्देशक-लेखक कमाल अमरोही की फ़िल्म 'रज़िया सुल्ताना' से
फ़िल्म प्रोड्यूसर-निर्देशक-लेखक कमाल अमरोही की फ़िल्म से
हिंदी फ़िल्म 'तहरीर' से
फ़िल्म 'सरफरोश' से
निदा फ़ाज़ली जी का मूल नाम क्या था?
मुर्तुज़ा हसन
मुक़्तदा हसन
निदा हसन
निदा
निदा फ़ाज़ली जी की जन्म तिथि व जन्म स्थल बताइए:
ग्वालियर - 12 अक्तूबर 1938
ग्वालियर - 13 अक्तूबर 1938
दिल्ली - 12अक्तूबर 1938
नई दिल्ली - 12 अक्तूबर 1938
निदा फ़ाज़ली जी का बचपन कहाँ बीता था?
ग्वालियर
दिल्ली
पाकिस्तान
कश्मीर
निदा फ़ाज़ली जी की लेखन-कला की विशेषता क्या है?
पद्य रचनाओं में शेर-ओ-शायरी पिरोना
शेर-ओ-शायरी करना
गद्य रचनाओं में शेर-ओ-शायरी पिरोना
पद्य रचनाओं में संगीतात्मकता
निदा फ़ाज़ली जी ने किससे प्रेरित होकर उपनाम के रूप में 'फ़ाज़ली' जोड़ लिया था?
अपने मूल वतन फ़ाज़िला, क़श्मीर जहाँ से आकर उनके पुरखे दिल्ली में बस गए|
अपने मूल वतन की याद में
अपने बड़ों के कहने पर
अपनी पहचान बनाने के उद्देश्य से
जब उनके माता-पिता पाकिस्तान जाकर बस गए तब निदा फ़ाज़ली जी ने क्या फैसला लिया?
वे भी पाकिस्तान जाकर बस गए
भारत में ही स्थायी रूप से बसने का
भारत व पाकिस्तान दोनों देशों की नागरिकता प्राप्त करने का
कुछ दिन भारत में रहने के बाद पाकिस्तान जाने का
निदा फ़ाज़ली जी ने हिंदी फ़िल्मी गीतों का लेखन-कार्य कब प्रारंभ किया?
फ़िल्म प्रोड्यूसर-निर्देशक-लेखक कमाल अमरोही की फ़िल्म 'रज़िया सुल्ताना' से
फ़िल्म प्रोड्यूसर-निर्देशक-लेखक कमाल अमरोही की फ़िल्म से
हिंदी फ़िल्म 'तहरीर' से
फ़िल्म 'सरफरोश' से
निदा फ़ाज़ली जी को सरकार द्वारा कब व कैसे सम्मानित किया गया?
पद्म भूषण से सन 2013 में
पद्मश्री पुरस्कार से सन 2013 में
भारतरत्न से सन 2013 में
पद्म विभूषण से सन 2013 में
'घर से मस्जिद है बड़ी दूर, चलो ये कर लें।
किसी रोते हुए बच्चे को हँसाया जाए॥'
निदा फ़ाज़ली जी का यह शेर उनके द्वारा कहाँ पढ़ा गया व इस पर क्या प्रतिक्रिया दी गई?
भारत के एक मुशायरे में - कट्टरपंथी मुल्लाओं के द्वारा
पाकिस्तान के एक मुशायरे में - विदेशियों द्वारा
पाकिस्तान के एक मुशायरे में - भारतीयों द्वारा
पाकिस्तान के एक मुशायरे में - कट्टरपंथी मुल्लाओं के द्वारा
लेखक के अनुसार किस तरह के लोग अब नहीं हैं ?
सूझ बूझ वाले
दूसरो के दुःख में दुखी होने वाले
अमीर
कोई नहीं
सुलेमान किसके साथ रास्ते से गुज़र रहा था ?
अपने घोड़े के साथ
अपनी बच्चो के साथ
अपने लश्कर के साथ
कोई नहीं
चींटिया एक दूसरे को कहाँ चलने को कह रहीं थी ?
पेड़ पर
खेतों में
अपने अपने बिलों में
नदी में
चींटियों को सुलेमान ने क्या कह कर धीरज बंधाया ?
मैं मुसीबत नहीं मोहब्बत हूँ , रखवाला हूँ
मैं तुम्हे कुछ नहीं कहूंगा
मैं तुम्हारा रखवाला हूँ
मैं रखवाला हूँ
सुलेमान सबके लिए क्या थे ?
मुसीबत
रखवाले
मोहब्बत
कुछ नहीं
सिंधी भाषा के कवि कौन थे ?
शेख़ न्याज़
शेख मोहम्मद
शेख अयाज़
अल न्याज़
शेख अयाज़ किस भाषा के कवि थे ?
हिंदी
फ़ारसी
सिंधी भाषा के
उर्दू के
शेख अयाज के पिता की बाजू पर क्या रेंग रहा था ?
छिपकली
बिच्छू
च्यूँटा
कुछ नहीं
पावन ग्रंथों में नूह नाम के एक .............. का ज़िक्र मिलता है।
पैगंबर
श्वेतांबर
दिगंबर
दिया-बत्ती के वक्त फूलों को मत तोड़ो, फूल .............. देते हैं।
बद्दुआ
दुःख
आनंद
समंदर ने कितने जहाज़ों को उठाकर पटक दिया ?
४
२
३
लेखक का घर आज ................. में है |
वर्सोवा
बांद्रा
वर्ली
