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Worksheetsदो बैलों की कथा
Total questions: 25
Worksheet time: 13mins
मुंशी प्रेमचंद का जन्म हुआ।
1880ई.में
1889ई.में
1885 ई.में
1887ई.में
मुंशी प्रेमचंद का मूल नाम था।
धनपत राय
नवाब राय
चंपत राय
संपत राय
मुंशी प्रेमचंद की रचना नहीं है।
गोदान
सेवासदन
निर्मला
गुनाहों का देवता
किसका संबंध मुंशी प्रेमचंद से नहीं है।
हंस
माधुरी
जागरण
पराग
'दो बैलों की कथा' में किसान का नाम है।
भैरो
हीरा
झूरी
गया
हीरा मोती प्रतीक हैं।
सीधे-साधे भारतीयों के
दबंगों के
विदेशी के
अत्याचारियों के
मुंशी प्रेमचंद ने गधे की तुलना की है।
संत से
साधारण पशु से
दुष्ट से
विदेशी से
लेखक ने जानवरों में बुद्धिहीन कहा है।
गधे को
बैल को
घोड़े को
भेड को
बैलों को रोटी खिलाकर जाती थी।
झूरी की पत्नी
गया की पत्नी
छोटी बच्ची
भैरों की पत्नी
मटर के खेत में कौन फँस गया।
हीरा
मोती
झूरी
गया
दोनों मित्र बँधे पड़े रहे।
झूरी के घर में
गया के घर में
काँजी हौस में
मटर की खेत में
बैलों को बेच दिया गया।
दढियल को
झूरी को
गया को
भैरों को
झूरी के साले का नाम था।
भैरो
गया
मोती
हीरा
हीरा मोती थे।
घोड़े
गधा
बैल
मनुष्य
"औरत जात पर सींग चलाना मना है।" किसने कहा?
मोती
हीरा
झूरी
गया
लेखक के अनुसार कौन- सा जानवर क्रोध नहीं करता
बैल
कुत्ता
गधा
घोड़ा
हीरा -मोती किस जाति के बैल थे?
हरियाणावी
पछाई
परवरसरी
देशी
झूरी ने बैलों को भेज दिया।
अपनी ससुराल
शहर में
कांजी हाउस में
गौशाला में
बैलों के लिए गांव के बच्चे लाए थे।
रोटियां
चोकर
गुड
सभी ठीक
झूरी की पत्नी ने बैलों के लिए कहा।
अच्छा
मेहनती
नमक हराम
वफादार
"गिरे हुए बैरी पर सींग नहीं चलाना चाहिए।"
किसने कहा:-
मोती ने
हीरा ने
झूरी ने
गया ने
काजी हौस में किसकी रस्सी नहीं खुली?
हीरा की
मोती की
दोनों की
झूरी की
'निरापद' का अर्थ है।
सुरक्षित
पवित्र
उचित
अनुचित
'साबिका' का अर्थ है।
सरोकार
कुश्ती
आनंद
खुशी
'प्रतिवाद' का अर्थ है।
सहमति
विरोध
खुशी
आनंद
