NEW
Font size
WorksheetsSamaas
Total questions: 15
Worksheet time: 8mins
पूर्वपद संख्यावाची शब्द है
अव्ययीभाव
द्वन्द्व (
कर्मधारय
द्विगु
‘जन्मान्ध’ शब्द है
कर्मधारय
तत्पुरुष
बहुव्रीहि
द्विगु
‘सप्तदीप’ सामासिक पद का विग्रह होगा
सप्त द्वीपों का स्थान
सात दीपों का समूह
सप्त दीप
सात दीप
‘मतदाता’ सामासिक शब्द का विग्रह होगा
मत को देने वाला
मत का दाता
मत के लिए दाता
मत और दाता
जिस समास में दोनों पदों के माध्यम से एक विशेष (तीसरे) अर्थ का बोध होता है, उसे कहते हैं-
अव्ययीभाव
द्विगु
तत्पुरुष
बहुव्रीहि
‘यथास्थान’ सामासिक शब्द का विग्रह होगा
यथा और स्थान
स्थान के अनुसार
यथा का स्थान
स्थान का यथा
‘आत्मविश्वास’ में समास है-
कर्मधारय
बहुव्रीहि
तत्पुरुष
अव्ययीभाव
‘नीलकमल’ का विग्रह होगा
नीला है जो कमल
नील है कमल
नीला कमल
नील कमल
‘लम्बोदर’ का विग्रह पद होगा
लम्बा उदर है जिसका अर्थात् गणेशजी
लम्बा ही है उदर जिसका
लम्बे उदर वाले गणेश जी
लम्बे पेट वाला
इसमें पूर्वपद विशेषण तथा उत्तरपद विशेष्य होता है
द्वन्द्व
कर्मधारय
बहुव्रीहि
अव्ययीभाव
खरा-खोटा का समास विग्रह है -
खरा या खोटा
खरा और खोटा
खरा अथवा खोटा
उपरोक्त सभी
पूर्वपद और उत्तरपद के मेल से बनने वाले शब्द को कहते है -
समास
विग्रह
समस्तपद
समासपद
नञ तत्पुरुष समास का उदाहरण है -
लोकप्रिय
धर्मवीर
अनंत
महादेव
इस समास में दोनों पद ही प्रधान होते हैं-
द्विगु
द्वंद्व
कर्मधारय
तत्पुरुष
पुरुषोत्तम का समास विग्रह है -
पुरुषों से उत्तम
पुरुषों का उत्तम
पुरुषों के लिए उत्तम
पुरुषों में उत्तम
