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WorksheetsYoga NET-2
Total questions: 50
Worksheet time: 17mins
यम विशुद्ध रूप से .............. प्रशिक्षण का योग है-
शारीरिक
सांवेगिक
मानसिक
स्वास्थ्य
योग में मनुष्य के लिए कर्म करने के आदर्श सिद्धान्त का क्षेत्र है-
प्राणायाम
नियम
आसन
ध्यान
नियम के कौन से प्रकार को क्रिया योग में लिया गया है-
शौच
संतोष
वैराग्य
तप
‘‘केवल नियमों का सेवन करने वाला यमों का पालन न करता हुआ पतन की ओर उन्मुख हो जाता है’’ यह कथन किसका है--
मनु का
शंकराचार्य का
शिव का
कृष्ण का
एकादश इन्द्रियों की उत्पत्ति प्रकृति के कौन-से गुण से होती है-
सत्व
महत्
रज
तम
पंच तन्मात्राओं की उत्पत्ति प्रकृति के कौन से गुण से होती है-
सत्व
रज
महत्
तम
पूर्ण ज्ञान की अवस्था कौन से कोश की विशेषता है-
मनोमय कोश
विज्ञानमय कोश
प्राणमय कोश
आनन्दमय कोश
संकल्प-विकल्प की क्षमता कौन-से कोश की विशेषता है?
मनोमय कोश
प्राणमय कोश
आनन्दमय कोश
अन्नमय कोश
’संन्यास’ योग शब्द का प्रयोग कौन-से उपनिषद् में मिलता है?
मुण्डकोपनिषद्
तैत्तिरीय उपनिषद्
कठोपनिषद्
छान्दोग्योपनिषद्
कौन-से उपनिषद् में योग अभ्यासों का क्रमवार वर्णन मिलता है-
बृहदारण्यकोपनिषद्
कठोपनिषद्
एतरेय उपनिषद्
श्वेताश्वतर उपनिषद्
शरीर के विभिन्न कोशों का वर्णन किस उपनिषद् में प्राप्त होता है?
तैत्तिरीय उपनिषद्
छान्दोग्यपनिषद्
मुण्डकोपनिषद्
कठोपनिषद्
पतंजलि के योगसूत्र पर प्रथम भाष्य लिखा गया-
महर्षि वेदव्यास-व्यास भाष्य (योगभाष्य)
योगवार्तिक-विज्ञान भिक्षु
राजयोग-स्वामी विवेकानन्द
तत्वविशारदी-वाचस्पति मिश्र
पतंजलि योगसूत्र में कुल सूत्र एवं अध्यायों की संख्या क्रमशः है-
195, 3
200, 4
195, 4
197, 3
भगवान बुद्ध ने योग की शिक्षा किससे प्राप्त की?
रामानन्दाचार्य
नागार्जुन
अरम कलाम
गोरखनाथ
चार प्रकार के ब्रह्म विहार कौन-से हैं?
मैत्री, करुणा, मुदिता, उपेक्षा
मैत्री, करुणा, मुदिता, सहिष्णुता
मैत्री, मृदुता, सहिष्णुता, पुण्य
सहिष्णुता, करुणा, मुदिता, उपेक्षा
जैन परम्परा में साधना के तीन अंग कौन से बताये गये हैं?
भक्तियोग, ज्ञान योग, राज योग
ज्ञान योग, इच्छा योग, क्रिया योग
ज्ञान योग, इच्छा योग, राजयोग
ज्ञान योग, राज योग, क्रिया योग
आदि शंकराचार्य ने योग दीक्षा किन-से प्राप्त की?
रामानन्दाचार्य
स्वरूपानन्दाचार्य
राघवाचार्य
पादाचार्य
“कामेन्ट्री आन श्रीमद्भगवद् गीता” के लेखक कौन हैं?
स्वामी विवेकानन्द
महर्षि महेश योगी
महर्षि अरविन्द
आचार्य श्रीराम शर्मा
विश्व का प्रथम योग विभाग किस विश्वविद्यालय में खोला गया था?
गुरुकुल कांगड़ी विश्वविद्यालय, हरिद्वार
देव संस्कृति विश्वविद्यालय, हरिद्वार
डाॅ. हरिसिंह गौड़ विश्वविद्यालय, सागर
बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय, वाराणसी
स्वामी चरणदासजी के अनुसार यम के कितने प्रकार हैं?
5
7
9
10
किस ग्रन्थ में प्राणविद्या का विस्तृत वर्णन मिलता है?
रामायण
महाभारत
ब्राह्मण
पुराण
‘‘योगा एण्ड रिसर्च’’ के लेखक कौन हैं?
स्वामी विवेकानन्द
स्वामी कुवल्यानन्द
डाॅ. जयदेव योगेन्द्र
बैजनाथ पाण्डेय
नास्तिक दर्शन है-
सांख्य
योगाचार
न्याय
योग
’हानोपाय’ किससे सम्बन्धित है?
दुःख का स्वरूप
दुःख की उत्पत्ति
दुःख का अभाव
दुःख निवृत्ति का साधन
न्याय दर्शन का रचनाकाल है-
500 ई.पू.
225 ई.पू
100 ई.पू.
375 ई.पू.
सांख्य योग में ’पुरुष’ तत्त्व का गुण है-
निष्क्रिय, कूटस्थ, अनित्य
निष्क्रिय, कूटस्थ, नित्य
सक्रिय, कूटस्थ, नित्य
सक्रिय, कूटस्थ, अनित्य
योगदर्शन में प्रकृति एवं पुरुष के अतिरिक्त तीसरे कौन-से तत्त्व को स्वीकार किया है?
ईश्वर
पुण्य
आत्मा
मोक्ष
चित्त की पांच अवस्थायें कौन-सी हैं?
क्षिप्त, विक्षिप्त, विकल्प, विपर्यय, निरुद्ध
क्षिप्त, विक्षिप्त, विकल्प, विपर्यय, स्मृति
क्षिप्त, मूढ़, विक्षिप्त, एकाग्र, निरुद्ध
क्षिप्त, मूढ़, विक्षिप्त, विकल्प, एकाग्र
ध्येय विषय का स्पष्ट ज्ञान किस समाधि में रहता है?
असंप्रज्ञात समाधि
निर्बीज समाधि
संप्रज्ञात समाधि
कोई नहीं
चुरादिगण में युज् धातु का अर्थ है-
संयोग
जोड़ना
मिलाप
समाधि
उपासना योग किससे सम्बन्धित है?
ज्ञान योग
भक्तियोग
कर्मयोग
सहजयोग
‘‘पंच इन्द्रियों मन एवं बुद्धि की स्थिर अवस्था को योग कहते हैं’’ यह वाक्य किस उपनिषद् में कहा गया है?
कठोपनिषद्
तैत्तिरीय उपनिषद्
मैत्रायणी उपनिषद्
मंडुकोपनिषद्
‘‘मनः प्रशमनोपायो योग इत्यभिधीयते’’ यह वाक्य किस उपनिषद् का है?
मैत्रायणी उपनिषद्
कठोपनिषद्
महोपनिषद्
एतरेय उपनिषद्
योग दर्शन है-
नास्तिक दर्शन
अद्वैतवादी दर्शन
द्वैतवादी दर्शन
कोई नहीं
चित्त त्रिगुणात्मक होते हुए भी .................. प्रधान है-
रज
तम
सत्त्व-तम
सत्त्व
प्रकृति विकास क्रम में पहला विकार कौन-सा है?
अहंकार
ज्ञानेन्द्रिया
मन
महत्
शुभेच्छा, तनुमानसा, पदार्थभावनी और तुर्यगा राजयोग की किस भूमिका से सम्बन्धित हैं?
धारणा
ध्यान
ज्ञान
समाधि
राजयोग में धारणा का प्रकार है-
1. प्रकृति धारणा 2. ब्रह्म धारणा
3. ईश धारणा 4. रूप धारणा
1
1,2
3
2,4
राजयोग में ध्यान के प्रकार हैं-
1. विराट ध्यान 2. ईशाध्यान
3. ब्रह्म ध्यान 4. विराट एवं ईशाध्यान
1,2
1,2,3
2,3,4,
2,3
राजयोग में ’असम्प्रज्ञात समाधि’ के दो भेद कौन-से हैं?
भव प्रत्यय, उपाय प्रत्यय
वितर्कनुगम, विचारनुगम
आनन्दनुगम, भव प्रत्यय
आनन्दनुगम, उपाय प्रत्यय
’विशेष लिंग’ और ’अविशेष लिंग’ का सम्बन्ध है-
पुरुष-प्रकृति
जड़ जगत्-प्रकृति
पुरुष-जड़ जगत्
पुरुष-समाधि
’समत्व बुद्धि’ योग कौन-सा योग कहलाता है?
ज्ञान योग
भक्ति योग
कर्म योग
राज योग
मीमांसा दर्शन में कर्म के दो प्रकार कौन-कौन से बतलाये गये हैं?
विहित-निषिद्ध
पाप-पुण्य
शुभ-अशुभ
कृष्ण-शुक्ल
’अनन्य योग’ कौन-सा योग है?
कर्म योग
भक्ति योग
मंत्र योग
तंत्र योग
किसने कहा कि ‘‘गीता का प्रारम्भ एवं समापन भक्ति योग से है।’’
वेद व्यास
रामानुजाचार्य
शंकराचार्य
स्वामी विवेकानन्द
भक्ति योग में भक्त के कितने प्रकार बताये गये हैं?
3
4
7
9
भक्त प्रहलाद ने भक्ति के कितने प्रकार बतलाये हैं?
5
7
9
11
आदि शंकराचार्य ने गीता को किस योग का ग्रन्थ कहा है?
ज्ञान योग
भक्ति योग
कर्म योग
राज योग
’स्थितप्रज्ञ’ किस महाग्रन्थ का पारिभाषिक शब्द है?
वेद
उपनिषद्
रामायण
गीता
हठ योग में ’ह’ और ’ठ’ किस को निरूपित करते हैं?
सूर्य-चन्द्रमा
चन्द्रमा-सूर्य
सूर्य-पिंगला
चन्द्रमा-इड़ा
