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Worksheetsचाँद का कुर्ता- कविता पूरी करो
Total questions: 11
Worksheet time: 6mins
हठ कर बैठा चांद एक दिन -----------------------
यह मौसम है जाने का
मोटा एक झिंगोला
माता से वो बोला
यात्रा पूरी करता हूं
सन -सन चलती हवा रात भर ---------------------------
जाड़े की तो बात ठीक है
मौसम है जाने का
जाड़े से मरता हूं
पर मैं तो डरती हूं
आसमान का सफर और ---------------------------
जाड़े से मरता हूं
यात्रा पूरी करता हूं
तुझको देखा करती हूं
यह मौसम है जाड़े का
एक नाक में कभी नहीं ---------------------------
कुर्ता ही कोई भरेगा
तुझको देखा करती हूँ
अरे सलोने
पर मैं तो डरती हूं
बड़ा किसी दिन हो जाता है ---------------------------
और किसी दिन गोल
और किसी दिन बड़ा
और किसी दिन छोटा
कभी एक फुट मोटा
अब तू ही तो बता ---------------------------
जो हर रोज बदन में आए
नाप तेरा किस रोज लिवायें
आंखों को दिखलाई पड़ता है
तुझको देखा करती हूं
ना हो अगर तो ला दो ---------------------------
जो हर रोज बदन में आए
कुर्ता ही कोई भाड़े का
आंखों को दिखलाई पड़ता है
तुझको देखा करती हूं
नहीं किसी को भी ---------------------------
जो हर रोज बदन में आए
कुर्ता ही कोई भाड़े का
आंखों को दिखलाई पड़ता है
तुझको देखा करती हूं
कभी एक अंगुल भर चौड़ा ---------------------------
और किसी दिन गोल
और किसी दिन बड़ा
और किसी दिन छोटा
कभी एक फुट मोटा
सन -सन चलती हवा रात भर ---------------------------
जाड़े की तो बात ठीक है
मौसम है जाड़े का
जाड़े से मरता हूं
पर मैं तो डरती हूं
कुशल करे भगवान -----------------------
अरे सलोने
लगे न तुझको जादू -टोने
बच्चे की सुन बात
जाड़े सेमरता हूँ
