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Total questions: 15
Worksheet time: 8mins
Q1- मीठी वाणी बोलने से औरों को सुख और अपने तन को शीतलता कैसे प्राप्त होती है?
A) अहंकार रहित मीठे बोल सबके ह्रदय को छूते हैं
B) विष गुलता है
C) मिश्री घुलती है
D) मीठे बोल
Q2- कबीर की साखियों में किन भाषाओं का स्पष्ट प्रभाव दिखाई देता है ?
A) अवधी
B) राजस्थानी
C) भोजपुरी और पंजाबी
D) सभी
Q3- गुरु शिष्य को तत्त्व ज्ञान की शिक्षा कैसे देता है ?
A) सत्य की शिक्षा देता हुआ
B) व्यवहारिक ज्ञान देकर
C) असत्य की शिक्षा देता हुआ
D) सत्क्ष देता हुआ
Q4-अपने स्वभाव को निर्मल रखने के लिए कबीर ने क्या सुझाव दिया है ?
A) निंदक को नमस्ते करने को कहा है
B) निंदक से दूर रहने को कहा है
C) निंदक पास रखने को कहा है
D) निंदा पास रखने को कहा है
Q5- कबीर के अनुसार सुखी कौन है ?
A) सांसारिक लोग जो सोते और खाते हैं
B) आध्यात्मिक लोग
C) लालची लोग
D) सांसारिक लोग जो खाते हैं
Q6- दीपक दिखाई देने से अँधेरा कैसे मिट जाता है ?
A) कोई भी नहीं
B) बादल दूर होते हैं
C) अहंकार रुपी माया दूर होती है जब ज्ञान रुपी दीपक दिखाई देता है
D) माया दूर होती है जब ज्ञान रुपी दीपक दिखाई देता है
Q7- ईशवर कण कण में व्याप्त है , पर हम उसे देख क्यों नहीं पाते ?
A) मन में छुपे अहंकार के कारण
B) आँखें बंद होने के कारण
C) आँखों पर चश्मा होने के कारण
D) मन मे डर के कारण
Q8- कबीर के अनुसार कौन ज्ञानी नहीं बन पाया ?
A) छोटी पुस्तके पढ़ने वाला
B) मोटी पुस्तके पढ़ने वाला
C) दूसरों को ज्ञान देने वाला
D) अज्ञानी
Q9- कबीर की साखियों का मुख्य उद्देश्य क्या है ?
A) जीवन जीने के सही ढंग का ज्ञान देना
B) क्षत्रिय ज्ञान
C) शास्त्रीय ज्ञान
D) पुस्तक का ज्ञान
Q10- बिरह भुवंगम तन बसै मन्त्र न लागे कोय | का भाव स्पष्ट कीजिये |
A) जब शरीर में किसी से बिछडने का दुःख हो तो कोई दवा या मन्त्र काम नहीं करता
B) मन्त्र जपने से सेहत अच्छी होती है
C) जब दुःख हो तो मन्त्र काम करते हैं
D) कोई नहीं
Q11-कवि कैसा प्रकाश फैलाना चाहते हैं?
ज्ञान का
घृणा का
दिये का
इनमें से कोई नहीं
'पोथी पढ़ि-पढ़ि’ में कौन-सा अलंकार है?
अनुप्रास
यमक
श्लेष
उपमा
राम और कस्तूरी में क्या समानता है?
दोनों तरल पदार्थ हैं।
दोनों सुगंधित हैं।
दोनों वन में रहते हैं।
दोनों भीतर स्थित हैं।
बिरही मनुष्य की स्थिति कैसी होती है?
वह बहुत खुश रहता है
वह रोता रहता है
उस पर कोई उपाय असर नहीं करता
वह पागलों जैसा हो जाता है
'जिवै तो बौरा होइ’ का आशय है
जीवन नहीं रहता।
जीवित रहता है तो पागल जैसा हो जाता है
जीवित रहने पर सुखी नहीं रहता
मर जाता है
