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दोहे

Total questions: 6

Worksheet time: 3mins

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1.

रहीम द्वारा लिखित इस प्रसिध दोहे को पुरा करें:-

___________________________ रहिमन हीरा कब कहै, लाख टका मम मोल ॥

a)

काल करे सो आज कर, आज करे सो अब

b)

कागा काको धन हरै, कोयल काको देत​।

c)

बड़े बड़ाई ना करैं , बड़ो न बोले बोल ।

d)

जे गरीब परहित करें, ते रहिम बङ लोग​।

2.

ज्ञानी से कहिये कहा, कहत कबीर लजाय।

अन्धे आगे नाचते, कला अकारथ जाय॥

येह दोहा किस ने लिखा है।

a)

कबिरदास

b)

रहिम

c)

तुलसिदास

d)

वृन्द

3.

पाछे दिन पाछे गए हरी से किया न हेत ।

अब पछताए होत क्या, चिडिया चुग गई खेत ।

a)

कबीर दास जी कहते हैं कि बीता समय निकल गया, आपने ना ही कोई परोपकार किया और नाही ईश्वर का ध्यान किया। अब पछताने से क्या होता है, जब चिड़िया चुग गयी खेत|

b)

कबीर दास जी कहते हैं कि हमारे पास समय बहुत कम है, जो काम कल करना है वो आज करो, और जो आज करना है वो अभी करो, क्यूंकि पलभर में प्रलय जो जाएगी फिर आप अपने काम कब करेंगे।

c)

मान और अहंकार का त्याग करके ऐसी वाणी में बात करें कि औरों के साथ-साथ स्वयं को भी खुशी मिले | अर्थात मीठी वाणी से ही दिल जीते जाते हैं |

d)

कबीर दास जी कहते हैं कि एक सज्जन पुरुष में सूप जैसा गुण होना चाहिए। जैसे सूप में अनाज के दानों को अलग कर दिया जाता है वैसे ही सज्जन पुरुष को अनावश्यक चीज़ों को छोड़कर केवल अच्छी बातें ही ग्रहण करनी चाहिए।

4.

रहिम द्वारा लिखित कोइ दो दोहे बताइये

a)

जो बडेन को लघु कहे नहि रहीम घटि जाहि

गिरिधर मुरलीधर कहे कछु दुख मानत नाहि ।

b)

ऐसी वाणी बोलिए मन का आप खोये ।

औरन को शीतल करे, आपहुं शीतल होए ।

c)

रहिमन विद्या बुद्धि नहि नही धरम जस दान

भू पर जनम वृथा धरै पशु बिन पूॅछ विशान ।

d)

सब धरती काजग करू, लेखनी सब वनराज ।

सात समुद्र की मसि करूँ, गुरु गुण लिखा न जाए ।

5.

जैसी जाकी बुद्धि है तैैैैसी कहे बनाय

ताको बुरा न मानिये लेन कहाॅ सो जाय ।

यह दोह कबिर ने लिख है

a)

नहीं

b)

हाँ

6.

कबिर द्वारा लिखित इस प्रसिध दोहे को पुरा करें:-

____________________________________

पंथी को छाया नहीं फल लागे अति दूर ।

a)

प्रेम न बारी उपजे, प्रेम न हाट बिकाए ।

b)

जो बडेन को लघु कहे नहि रहीम घटि जाहि

c)

ऐसी वाणी बोलिए मन का आप खोये ।

d)

बड़ा भया तो क्या भया, जैसे पेड़ खजूर ।