WorksheetsHindi chapter 12 and 13
Total questions: 20
Worksheet time: 15mins
चोरी की बान में हौ जू प्रवीने।”
(क) उपर्युक्त पंक्ति कौन, किससे कह रहा है?
उपर्युक्त पंक्ति बालसखा सुदामा अपने श्रीकृष्ण से कह रहे हैं।
उपर्युक्त पंक्ति श्रीकृष्ण अपने बालसखा सुदामा से कह रहे हैं।
सुदामा की दीनदशा देखकर श्रीकृष्ण की क्या मनोदशा हुई?
सुदामा की दीनदशा को देखकर दुख के कारण श्री कृष्ण की आँखों से अश्रुधारा बहने लगी। उन्होंने सुदामा के पैरों को धोने के लिए पानी मँगवाया। परन्तु उनकी आँखों से इतने आँसू निकले की उन्ही आँसुओं से सुदामा के पैर धुल गए।
सुदामा की दीनदशा को देखकर दुख के कारण श्री कृष्ण की आँखों से अश्रुधारा बहने लगी
द्वारका से खाली हाथ लौटते समय सुदामा मार्ग में क्या-क्या सोचते जा रहे थे? वह कृष्ण के व्यवहार से क्यों खीझ रहे थे? सुदामा के मन की दुविधा को अपने शब्दों में प्रकट कीजिए।
द्वारका से खाली हाथ लौटते समय सुदामा का मन बहुत दुखी था। वे कृष्ण द्वारा अपने प्रति किए गए व्यवहार के बारे में सोच रहे थे कि जब वे कृष्ण के पास पहुँचे तो कृष्ण
द्वारका से खाली हाथ लौटते समय सुदामा का मन बहुत दुखी था। वे कृष्ण द्वारा अपने प्रति किए गए व्यवहार के बारे में सोच रहे थे कि जब वे कृष्ण के पास पहुँचे तो कृष्ण ने आनन्द पूर्वक उनका आतिथ्य सत्कार किया था। क्या वह सब दिखावटी था? वे कृष्ण के व्यवहार से खीझ रहे थे क्योंकि उन्हें आशा थी कि श्रीकृष्ण उनकी दरिद्रता
द्वारका से खाली हाथ लौटते समय सुदामा का मन बहुत दुखी था। वे कृष्ण द्वारा अपने प्रति किए गए व्यवहार के बारे में सोच रहे थे कि जब वे कृष्ण के पास पहुँचे तो कृष्ण ने आनन्द पूर्वक उनका आतिथ्य सत्कार किया था। क्या वह सब दिखावटी था?
द्वारका से खाली हाथ लौटते समय सुदामा का मन बहुत दुखी था। वे कृष्ण द्वारा अपने प्रति किए गए व्यवहार के बारे में सोच रहे थे कि जब वे कृष्ण के पास पहुँचे तो कृष्ण ने आनन्द पूर्वक उनका आतिथ्य सत्कार किया था। क्या वह सब दिखावटी था? वे कृष्ण के व्यवहार से खीझ रहे थे क्योंकि उन्हें आशा थी कि श्रीकृष्ण उनकी दरिद्रता दूर करने के लिए धन-दौलत देकर विदा करेंगे परंतु श्रीकृष्ण ने उन्हें चोरी की उलहाना देकर खाली हाथ ही वापस भेज दिया।
कवि का नाम लिखो सुदामा चरित
नरोत्तमदास
अन्नपूर्णानन्द वर्मा
द्वार पर खड़े व्यक्ति की धोती कैसी थी?
पीतांबरी
फटी सी
रंगीन
सफ़ेद
श्रीकृष्ण ने सुदामा की दशा कैसी देखी?
दयनीय
ठीक-ठाक
हीन
अच्छी
सुदामा की पत्नी ने श्रीकृष्ण के लिए भेंट स्वरूप क्या दिया था?
सूखा मेवा
तंदुल
मिठाई
मिश्री
सुदामा ने चावलों की पोटली कहाँ रखी हुई थी?
गट्ठरी में
बैग में
हाथ में
काँख में
बचपन में कृष्ण क्या करते थे?
मिश्री चुराते थे
दही माँगते थे
नृत्य करते थे
मौज-मस्ती करते थे
पुडुकोट्टई जिले में साइकिल चलाने का कैसा आंदोलन चला?
राष्ट्रीय आंदोलन
सामाजिक आंदोलन
धार्मिक आंदोलन
प्रादेशिक आंदोलन
पुडुकोट्टई जिला किस प्रदेश में है?
केरल
आंध्रप्रदेश
तमिलनाडु
कर्नाटक
ग्रामीण महिलाओं ने साइकिल रूप में चुना है?
स्वाधीनता
आजादी
गतिशीलता
उपर्युक्त सभी
पुडुकोट्टई की गणना भारत के सर्वाधिक जिलों में की जाती है?
शिक्षित
अशिक्षित
खनिज से भरपूर
पिछड़े
साइकिल प्रशंसक हैं-
महिला खेतिहर
पत्थर खदानों में मजदूरी करने वाली औरतें
गाँवों के घरों में सफाई करने वाली महिलाएँ
उपर्युक्त सभी
साइकिल चलाने वाली महिलाओं ने साइकिल चलाने को क्या बताया?
व्यक्तिगत आज़ादी
अच्छा अनुभव
नवसाक्षर होना
सभी के बीच सीधा संबंध
साइकिल महिला दिवस कब मनाया गया?
सन् 1992
सन् 1990
सन् 1929
साइकिल प्रशिक्षण से महिलाओं में क्या बदलाव आया?
वे स्वयं को स्वच्छंद समझने लगीं
आत्मनिर्भरता बढ़ गई
आत्मसम्मान की भावना का विकास
उपर्युक्त सभी
पुडुकोट्टई (तमिलनाडु): साइकिल चलाना एक सामाजिक आंदोलन है? कुछ अजीब-सी बात है-है न! लेकिन चौंकने की बात नहीं है। पुडुकोट्टई जिले की हज़ारों नवसाक्षर ग्रामीण महिलाओं के लिए यह अब आम बात है। अपने पिछड़ेपन पर लात मारने, अपना विरोध व्यक्त करने और उन जंजीरों को तोड़ने का जिनमें वे जकड़े हुए हैं, कोई-न-कोई तरीका लोग निकाल ही लेते हैं। कभी-कभी ये तरीके अजीबो-गरीब होते हैं।
भारत के सर्वाधिक गरीब जिलों में से एक है पुडुकोट्टई। पिछले दिनों यहाँ की ग्रामीण महिलाओं ने अपनी स्वाधीनता, आजादी और गतिशीलता को अभिव्यक्त करने के लिए प्रतीक के रूप में साइकिल को चुना है?
उपर्युक्त गद्यांश के पाठ और लेखक का नाम बताइए?
साकिल का पहिया – पी. साईनाथ
साइकिल के पहिए का विकास – पी. साईनाथ
पहिए की शुरुआत – पी. साईनाथ
जहाँ पहिया है – पी. साईनाथ
कवि का नाम (जहाँ पहिया हैं)
पालगम्मी साईनाथ
इस्मत चुगताई
फातिमा निम्नलिखित में से किस प्रकार के स्कूल की अध्यापिका है?
प्राथमिक स्कूल की
उच्च माध्यमिक स्कूल की
माध्यमिक स्कूल की
वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल की
