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Worksheetsवसंत
Total questions: 45
Worksheet time: 23mins
'निराला' जी का पूरा नाम क्या है ?
महादेव
सुमित्रानंदन
रामधारी
सूर्यकांत त्रिपाठी
ध्वनि कविता में किस ऋतु का वर्णन है ?
वर्षा
ग्रीष्म
वसंत
शीत
कोमल कलियों पर कौन अपना हाथ फेरना चाहता है ?
डालियाँ
कलियाँ
वसंत रुपी कवि
ईश्वर
'ऋतुराज' किसे कहा जाता है ?
आम को
मोर को
वसंत को
सबको
'अनंत' किसे कहा गया है ?
वसंत को
ईश्वर को
ध्वनि को
किसी को नहीं
'[................से तंद्रालस लालसा खींच लूँगा मैं'। वाक्य पूर्ति कीजिये।
निद्रित कलियों
पुष्प -पुष्प
नव-जीवन
अमृत
लाख की चूड़ियों पाठ में लेखक किसके घर जाता था?
चाचा
नाना
दादा
मामा
बदलू का पुश्तैनी काम क्या था ?
आम बेचना
नाव चलाना
खेती करना
चूड़ी बनाना
बदलू का स्वभाव कैसा था?
चतुर
झगड़ालू
लालची
सीधा
लाख की चूड़ियाँ पाठ का प्रमुख पात्र कौन है?
बदलू
रज्जो
लेखक
गाय
बदलू कौन था?
मनिहार
मोची
लुहार
नाविक
बदलू लेखक को क्या कहता था?
लला
बेटा
बच्चा
छोटे
देवदूत किसे कहा जाता है?
डाकिए को
मेहमान को
चालक को
भगवान् के डाकिए द्वारा लाई चिट्ठियों को कौन पढ़ पाता ?
मोर
मनुष्य
बादल
हाथी
ये डाकिए क्या सन्देश देते हैं?
घृणा और प्रेम का
प्रेम और एकता का
करुणा और अपनत्व का
शोक का
'भगवान् के डाकिए' कविता के कवि हैं-
रामधारी सिंह दिनकर
सुभद्रा कुमारी चौहान
जया जादवानी
गिरिराज सिंह
पक्षी और बादल हम तक सन्देश कैसे पहुंचाते हैं?
हवा से
पानी से
नदियों से
पहाड़ से
ईश्वर का सन्देश पढने में सर्वश्रेष्ठ प्राणी मनुष्य क्यों असफल है ?
मनुष्य का स्वार्थ
मनुष्य का अनपढ़ होना
मनुष्य की अज्ञानता
मनुष्य में ईर्ष्या का भाव
'मेरे वन में मृदुल वसंत' - यह वन किसके प्रतीक के रूप में है?
जंगल के
उद्यान के
प्रकृति के
कवि के जीवन के
कवि निम्नलिखित में से किस तरह की कलियों पर अपना हाथ फेरना चाहता है?
पुष्पित
मुदित
स्वप्निल
निद्रित
लाख की चूडियाँ पाठ के लेखक कौन हैं ?
सूर्यकांत त्रिपाठी 'निराला'
हरिशंकर परसाई
कामतानाथ
रामदरश मिश्र
बदलू द्वारा बनाई गई चूड़ियों की माँग इतनी क्यों थी?
क्योंकि वह चूड़ियों के पैसे नहीं लेता था
क्योंकि वह बहुत सुंदर चूडियाँ बनाता था
क्योंकि वह अपनी चूड़ियों का कम दाम लेता था
क्योंकि वह चूड़ियों के बदले अनाज लेता था
लेखक को बदलू बहुत पसंद था क्योंकि वह...............
उसे मलाई खिलाता था
उसे आम खिलाता था
उससे बातें करता था
उसे लाख की गोलियाँ बनाकर देता था
ध्वनि कविता के कवि कौन हैं?
भगवतीचरण वर्मा
सूर्यकांत त्रिपाठी निराला
निर्मल वर्मा
रामचंद्र तिवारी
कवि का क्या मानना है?
मेरा अंत निकट है
मेरा अंत कल हो जाएगा
मेरा अंत नहीं हो सकता
मेरा अंत हो चका है
"वन में मृदुल वसंत" इस पंक्ति से आप क्या समझते हैं ?
जैसे वसंत के आते ही प्रकृति में परिवर्तन आता है उसी तरह मेरे भी जीवन में बदलाव आया है|
जीवन नीरस हो गया है
वन में मीठा वसंत
कोई भी नहीं|
कवि अलसाई कलियों को कैसे जगाना चाहता है ?
पानी फैंक कर
धक्का मार कर
कोमल हाथों के स्पर्श से
तोड़ कर
कवि को पुष्प किस प्रकार दिखाई देते हैं?
आलसी
ताजे
खूबसूरत
कोई भी नहीं
कवि अपने जीवन में किसका संचार करना चाहता है?
आलस्य
बाधाओं
नव प्राण
संकटों
कवि प्रकृति को कैसा देखना चाहता है?
हराभरा
सुंदर
प्राणवान
उपरोक्त सभी
कविता के शीर्षक से आप क्या समझते हैं?
ध्वनि
अंतर्मन की पुकार
आवाज
दस्तक
इस कविता से हमें क्या संदेश मिलता है ?
वसंत की तरह बनो
पत्तों की तरह बनो
आलसी बनो
कोई भी नहीं
प्रत्यूष का अर्थ होगा
भोर
प्रभात
सवेरा
ये सभी
इस कविता में चर्चा की गई है
वसंत ऋतु की शुरुआत के माहौल की
वर्षा ऋतु की
शरद ऋतु की
पता नहीं।
कवि का अंत नहीं होगा क्योंकि
अभी उसके में में नया जोश व उमंग है
उसका अंत पहले ही हो चुका है।
वह अमर है।
प्रश्न बहुत कठिन है
फूलों को अनंत तक विकसित करने के लिए कवि
उन्हें कलियों की स्तिथि से निकालकर खिले फूूल बनाना चाहता है।
फूलों को तोड़ना चाहता है।
कुछ नहीं करेगा।
कुछ कह नहीं सकते।
कवि वसंत के चित्रण द्वारा
नई युवाओं की पीढ़ी को समझाना चाहते हैं कि वह अपने आलस को छोड़े और नए उत्साह,साहस और जोश के साथ जीवन का आनंद ले।
मौज मस्ती में डूब जाए
फूल उगाए।
कह नहीं सकते।
अभी ना होगा मेरा अंत अभी अभी ही तो आया है मेरे मन में मृदुल वसंत अभी ना होगा मेरा अंत का अर्थ है
कवि कहते हैं कि यह वसंत उनके जीवन में अभी अभी आया है।अभी इसका अंत इतनी जल्दी नहीं होगा।
जीवन में नया उत्साह और जोश जागा है।
कवि का उद्देश्य है युवा पीढ़ी को जागृत करना
उपर्युक्त सभी।
पुष्प पुष्प से तंद्रलस लालसा खीच लूंगा मै,अपने जीवन का अमृत स हर्ष सींच दूंगा मैं से कवि कहना चाहता है
पुष्प को अमृत से सीचूंगा
युवा पीढ़ी जो आलस के कारण सोई हुई है उसे में नया जोश और उत्साह रूपी अमृत से सींच दूंगा।
तंद्रालास की लालसा पूरी कर दूंगा
कह नहीं सकते।
द्वार दिखा दूंगा फिर उनको है मेरे वे जहां अनंत अभी ना होगा मेरा अंत का अर्थ है
कवि ने जीवन में यह ठाना है कि जब तक वह युवा पीढ़ी को सही राह नहीं दिखा देंगे तब तक उनका अंत नहीं होगा
कवि का अंत बहुत दूर है
अभी उन्हें बहुत सारे काम करने हैं।
प्रश्न कठिन है।मै उत्तर नहीं दूंगा।
कविता से कवि का जीवन के प्रति किस दृष्टिकोण का ज्ञान होता है?
निराश एवं हताश
आशावादी एवं उत्साहित
नास्तिकता
इनमें से कोई नहीं
कवि खिले फूलों को कहाँ का द्वार दिखाना चाहता है?
मंदिर का
विद्यालय का
उद्यान का
अनंत का
बदलू चूड़ियों के बदले में लोगों से क्या लेता था
रुपए
वस्त्र
अनाज
सोना
गांव के बच्चे बदलू को किस नाम से पुकारते थे
बदलू भैया
बदलू मामा
बदलू अंकल
बदलू काका
बदलू काका किस धातु की जोड़ियां बनाता था
लाख
चांदी
सोना
तांबा
