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Worksheets10,11,12 रामायण
Total questions: 24
Worksheet time: 12mins
1. वनस्पतियों, जीव-जंतु से भरा तथा पथरीला पर्वत कौन सा था ?
महेंद्र पर्वत |
हिमालय
मैनाक
उपर्युक्त कोई नहीं
2. समुद्र के अंदर कौन सा पर्वत था ?
मिनाक
मैनाक
मायनाक
मीनाक्षी
3. लंका जाते समय हनुमान को कौन सी राक्षसी मिली जो उन्हें खा जाना चाहती थी ?
सारसा
सूपनखा
सुरसा
सररसा
हनुमान ने लंका नगरी में किस समय प्रवेश किया ?
रात ढल जाने के बाद
शाम ढल जाने के बाद |
सुबह
शाम
त्रिजटा राक्षसी ने क्या सपना देखा था ?
कि पूरी लंका समुद्र में तैर रही है |
कि पूरी लंका आकाश मे उड़ रही है
कि पूरी लंका समुद्र मे डूब गई है
कि पूरी लंका जगमगा रही है
हनुमान जी ने रावण की किस वाटिका को उजाड़ दिया ?
पुष्प वाटिका
राम वाटिका
अशोक वाटिका
सुंदर वाटिका
लंका से अयोध्या लौटते समय श्री राम ने पतली चमकती हुई रेखा के रूप में सीता माँ को क्या दिखाया था ?
लंका नदी
सोन नदी
गोदावरी नदी
उपर्युक्त कोई नहीं
गंगा यमुना के संगम पर किसका आश्रम था ?
गौतम ऋषि का
ऋषि भारद्वाज का
सूर्यसेन का
सुग्रीव का
किस मुनि ने राम का राजतिलक किया ?
मुनि वशिष्ठ
विश्वामित्र
रहीम
नानक
रावण ने विभीषण को लंका से क्यों निकाल दिया था ?
क्योंकि विभीषण रावण को यह समझा रहे थे कि हनुमान को छोड़ दो |
क्योंकि विभीषण रावण को यह समझा रहे थे कि सीता को वापस कर दो जिससे लंका बच सकती है वरना युद्ध निश्चित है ।
क्योंकि विभीषण रावण को यह समझा रहे थे कि सीता को वापस मत करना ।
क्योंकि विभीषण रावण को यह समझा रहे थे कि रावण अत्याचार मत करो |
लंका में मुख्य रूप से कितने द्वार थे ?
तीन
चार
छह
आठ
श्री राम को कितने वर्ष का वनवास हुआ था ?
दस वर्ष का
ग्यारह वर्ष का
बारह वर्ष का
चौदह वर्ष का (14)
भरत जी ने अपने हाथों से राम को क्या पहनाया था?
कोट
जूते
खड़ाऊँ।
कपड़े
लंकारोहण के लिए किसने और कितने दिनों में पुल तैयार किया?
लंकारोहण के लिए नल ने पाँच दिनों में पुल तैयार किया ।
लंकारोहण के लिए नल ने आठ दिनों में पुल तैयार किया ।
लंकारोहण के लिए कल ने पाँच दिनों में पुल तैयार किया ।
उपर्युक्त कोई नहीं
राम ने अपनी सेना को कितने भागों में बाँटा था?
आठ
चार
पाँच
तीन
राम की सेना के सामने कौन सी बड़ी चुनौती थी?
राम की सेना के सामने खाने की बड़ी चुनौती थी ।
राम की सेना के सामने रावण को मारने की बड़ी चुनौती थी ।
राम की सेना के सामने समुद्र पार करने की बड़ी चुनौती थी ।
राम की सेना के सामने कोई भी बड़ी चुनौती नहीं थी ।
राम ने समुद्र से क्या विनती की?
कि वह उन्हें पानी दे दे ।
कि वह उन्हें घी दे दे ।
कि वह उन्हें कुछ न दे
कि वह उन्हें रास्ता दे दे ।
समुद्र ने राम को क्या सलाह दी?
सलाह दी कि आपकी सेना में नल नाम का एक वानर है जो पुल नहीं बना सकता है ।
सलाह दी कि आपकी सेना में नल नाम का एक वानर है जो पुल बना सकता है ।
सलाह दी कि आपकी सेना में नल नाम का एक वानर है लंका उड़ कर जा सकता है |
उपर्युक्त कोई नहीं
राम ने अपनी सेना को चार भागों में क्यों बाँटा ?
राम ने अपनी सेना को चार भागों में बाँटा क्योंकि उनके पास सेना काम थी ।
राम ने अपनी सेना को चार भागों में बाँटा क्योंकि लंका के चार द्वार थे और चौतरफ़ा आक्रमण करना था |
राम ने अपनी सेना को चार भागों में बाँटा क्योंकि लंका सोने की थी
राम ने अपनी सेना को चार भागों में बाँटा क्योंकि लंका के चार द्वार नहीं थे और चौतरफ़ा आक्रमण भी नहीं करना था ।
राम ने अपनी सेना को चार भागों में बाँटा क्योंकि लंका के चार द्वार थे और चौतरफ़ा आक्रमण करना था ।
राम के राज्याभिषेक के लिए पूरा नगर दीपों और फूलों से सजाया गया था |
राम के राज्याभिषेक के लिए पूरा नगर अखबार से सजाया गया था
राम के राज्याभिषेक के लिए पूरा नगर गुब्बारे से सजाया गया था
उपर्युक्त कोई नहीं
राम ने पुष्पक विमान को किसके पास भेज दिया?
राम ने पुष्पक विमान को भीष्म के पास भेज दिया।
राम ने पुष्पक विमान को इन्द्र के पास भेज दिया।
राम ने पुष्पक विमान को कुबेर के पास भेज दिया।
उपर्युक्त कोई नहीं
पुष्पक विमान किसका था और उसे किसने छीन लिया था?
पुष्पक विमान विष्णु का था और उसे रावण ने बल से छीन लिया था।
पुष्पक विमान इन्द्र का था और उसे सुग्रीव ने बल से छीन लिया था।
पुष्पक विमान विभीषण का था और उसे रावण ने बल से छीन लिया था।
पुष्पक विमान कुबेर का था और उसे रावण ने बल से छीन लिया था।
सीता ने अपने गले का हार किसे दिया?
सीता ने अपने गले का हार राम को दिया।
सीता ने अपने गले का हार सुग्रीव को दिया।
सीता ने अपने गले का हार किसी को नहीं दिया।
सीता ने अपने गले का हार हनुमान को दिया।
राक्षसियों के जाने के बाद हनुमान सीता से मिलने के लिए पेड़ से क्यों नहीं उतरे?
क्योंकि हनुमान नहीं मिलना चाहते थे
क्योंकि हनुमान दर रहे थे
क्योंकि हनुमान सोच रहे थे की सीता माँ नाराज हो जाएंगी
क्योंकि उन्हें लगा कि कहीं सीता उन्हें भी राक्षस या इसे मायावी चाल ना मान लें।
