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Worksheetsकबीर की साखियाँ कक्षा १०
Total questions: 34
Worksheet time: 17mins
साधु से क्या पूछना चाहिए?
जाति
धर्म
ज्ञान
वाणी
कबीर के अनुसार मनुष्य को कैसी वाणी बोलनी चाहिए ?
अहंकार भरी मधुर वाणी
अहंकार भरी सत्य वाणी
अहंकार रहित मधुर वाणी
अहंकार रहित कटु वाणी
तन की शीतलता का क्या अर्थ है ?
शरीर ठंडा पड़ना
प्रभु में लीन होना
कटु वाणी की सहना
सुख और शांति को महसूस करना
'कस्तूरी कुंडलि बसै' - इस पंक्ति में कुंडलि का क्या अर्थ है ?
मृग
नाभि
आँख
पाँव
कबीर के अनुसार ईश्वर की प्राप्ति किस प्रकार की जा सकती है ?
उच्च विचारों से
अहंकार मिटा कर
ध्यान द्वारा
सादा जीवन जीकर
कबीर की साखियाँ किसके महत्व के बारे में बताती हैं
पुस्तक के
ज्ञान के
आडम्बर के
गुरु के
साखी शब्द किसका तद्भव रूप है ?
साक्षी
सखी
साक्ष्य
सखा
कबीर की साखियों में किन भाषाओं का स्पष्ट प्रभाव दिखाई पड़ता है ?
अवधी
राजस्थानी
भोजपुरी, पंजाबी
उपरोक्त सभी
अपने स्वभाव को निर्मल रखने के लिए कबीर ने क्या सुझाव दिया है ?
निंदा को नमस्ते करने को कहा है |
निंदक से दूर रहने को कहा है |
निंदा पास रखने को कहा है |
निंदक को पास रखने को कहा है |
कबीर के अनुसार सुखी कौन है ?
आध्यात्मिक लोग
सांसारिक लोग जो खाते हैं |
आध्यात्मिक लोग जो संसार से दूर हैं |
सांसारिक लोग जो सोते हैं और खाते हैं |
कबीर के अनुसार दुखी कौन हैं ?
आध्यात्मिक लोग
लालची लोग
सांसारिक लोग
उपरोक्त सभी
कबीर के अनुसार कौन ज्ञानी नहीं बन पाया ?
मोती पुस्तकें पढ़ने वाला
मोटी पुस्तकें पढने वाला
ज्ञान बाँटने वाला
सांसारिक जीवन जीने वाला
बिरह भुवंगम तन बसै मन्त्र न लागे कोय | का भाव स्पष्ट कीजिये |
जब दुःख हो तो मन्त्र काम करते हैं
विरह की बीमारी से मनुष्य पागल हो जाता है |
तंत्र-मन्त्र एक आडम्बर है |
जब शरीर में किसी से बिछुड़ने का दुःख हो तो कोई दवा या मन्त्र काम नहीं करता
कबीर की साखियों का मुख्य उद्देश्य क्या है ?
सत्संग का ज्ञान
भक्ति का सही मार्ग दिखाना
सही ढंग का ज्ञान
जीवन जीने के सही ढंग का ज्ञान देना
ईश्वर कण-कण में ब्याप्त है पर हम उसे क्यों नहीं देख पाते ?
आँखें बंद होने के कारण
दुःख और जिम्मेदारियों के कारण
मन में छुपे अहंकार के कारण
शिक्षा के अभाव के कारण
गुरु शिष्य को तत्त्व ज्ञान की शिक्षा कैसे देता है ?
सत्य की साक्षी देता हुआ
व्यवहारिक ज्ञान देकर
असत्य की साक्षी देता हुआ
साक्षात्कार देता हुआ
कबीर के दोहों को किस नाम से जाना जाता है?
चौपाई
ज्ञान
सोरठा
साखी
कबीर के अनुसार मनुष्य को कैसी वाणी बोलनी चाहिए ?
अहंकार भरी मधुर वाणी
अहंकार भरी सत्य वाणी
अहंकार रहित मधुर वाणी
अहंकार रहित कटु वाणी
तन की शीतलता का क्या अर्थ है ?
शरीर ठंडा पड़ना
प्रभु में लीन होना
कटु वाणी की सहना
सुख और शांति को महसूस करना
हिरण के कस्तूरी कहां छुपी रहती है
नाभी में
आंख में
पेट में
मुंह में
मैं क्या है-कबीर दास जी के अनुसार -
मन
हरि
अंहकार/ घमंड
अपमान
सुखिया सब संसार है- दुखिया कौन है
सूरदास
हम
कबीर दास जी
रहीम
किस पर कोई भी मंत्र नही लग पाता-
विरह रूपी सांप पर
्हम पर
कवि पर
बुखार पर
पंडित कौन है--
जिसने बहुत - सी पुस्तकें पढ़ी हो
जिसने एक अक्षर ईश्वर का पढ लिया हो
भजन गाने वाले को
कविता लिखने वाले
दोहें में कौनसे घर को जलाने की बात कही है
बुराईयों के घर को
अच्छाई को
लकड़ी के घर को
मिट्टी के घर को
सच्चा सुमिरन क्या है ?
माला फेरना
ईश्वर का नाम देना
मन को एकाग्र कर ईश्वर की भक्ति करना
तिलक लगाना
क्या करने से औरों को सुख मिलता है?
मीठी वाणी बोलने से
अहंकार से
पोथी पढ़ने से
निंदा करने से
इस कविता में घर का किसका प्रतीक है ?
मकान
मोह माया
गृह
परिवार
कौन सा दीपक दिखाई देने पर मन का अँधियारा दूर हो जाता है?
ज्ञान
मीठी वाणी
पुस्तकीय
अज्ञान
कबीर के अनुसार मनुष्य के वाणी में मिठास कब आती है ?
निंदक को पास रखकर
मीठा खाकर
आपा खोकर
पोथी पढ़कर
कबीर के अनुसार ईश्वर का निवास कहां है ?
मंदिर में
मस्जिद में
गिरिजाघर में
कण कण में
कबीर ने सच्चा भक्त किसे कहा है ?
जो प्रभु के विरह में घायल हो
जो जाप करता हो
जो जपमाला ओढ़ता हो
जो पोती पढ़ता हो
कबीर की भाषा की क्या विशेषता है ?
राजस्थानी का प्रयोग है
अवधी भाषा का प्रयोग है
अरबी फारसी का प्रयोग है
सधुक्कड़ी है
कबीर ने अपनी सखियों में किसका विरोध किया है ?
ज्ञान का
प्रेम का
ढोंग आडंबर का
भक्ति का
