NEW
Font size
Worksheetsसुश्रुत संहिता सूत्र 31_40
Total questions: 27
Worksheet time: 14mins
" निवर्तते महाव्याधि: सहसा यस्य देहिन:" निम्न किस अध्याय से संबधित है?
31
32
35
40
" प्रशूननाभिवृषणं रूद्बमूत्रं रूगन्वितम्" कोनसे महागद से संबधित है?
अश्मरी
वात व्याधि
कुष्ठ
उदर रोग
राज यक्ष्मा के रोगी मे अरिष्ट सूचक श्वास होता है?
उध् र्व श्वास
महा श्वास
छिन्न
तमक श्वास
सुश्रुत अनुसार चिकित्सा के चतुष्पाद का क्रम है?
भिषक,द्रव्य,उपस्थाता,रोगी
भिषक,रोगी,औषध,परिचारक
भिषक,द्रव्य,रोगी,परिचारक
रोगी,भिषक,द्रव्य,परिचारक
"वैध वाक्यस्थो" है?
वैध का गुण
रोगी का गुण
औषध गुण
परिचारक गुण
"हृस्व जड़्घामेढ ग्रीवं " किस आयु का लक्षण है?
दीर्घायु
मध्यम
अल्पायु
A+c
नासा पुट का प्रमाण होता है?
दो अंगुल
1/3
2
4
" अच्छिद्रगात्रं" किस सार का लक्षण है?
शुक्र सार
मांस सार
रक्त सार
त्वरक सार
" व्याधिर पूर्व रूपो५नुपद्रवश्च " किस व्याधि का प्रकार है?
औपसर्गिक
प्राक्केवल
अन्य लक्षण
सभी
सम्पूर्णता आयु होती है?
20
30
40
70
क्षीरप अवस्था होती है?
1वर्ष
1_2 वर्ष
3वर्ष
5 वर्ष
शोधन कषाय के अन्तर्गत किस गण की औषधिया आती है?
काकोल्यादि
आरग्वधादि
सालसारादि
न्यग्रोधादि
" आकाशगुणभूयिष्ठानां....
विरेचन द्रव्य
वामक द्रव्य
दोनो
संशमन
सुश्रुत के अनुसार किन्हे हमेशा पुराने ही ग्रहण करना चाहिए?
धनिया
गुड
विडंग
B+C
युवावस्था वाले पशु पक्षियो का ग्रहण करना चाहिए?
क्षीर
मूत्र
पुरीष
रक्त
गणो का वर्गीकरण किस आधार पर किया गया है?
द्रव्य
गुण
प्रभाव
विपाक
" अश्मरी शर्करामूत्रकृच्छाघातरुजापह: किस गण से संबधित है?
वीरतर्वादिगण
ऊषकादि गण
सुरसादि गण
पिप्ल्यादि गण
शुक्र दोषनाशक गण है?
मुष्कादि गण
वल्ली पंचमूल
कंटकी पंच मूल
सभी
"प्रतिश्यायारुचिश्वासकासघ्नो" किस गण से संबधित है?
सुरसादि गण
पिपल्यादि गण
अर्कादि गण
मुष्कादि गण
किस गण मे शिलाजित,कासीस का वर्णन किया गया है?
ऊषकादि गण
काकोल्यादि गण
सालसरादि गण
परुषकादि गण
" मेह कुष्ठविनाशनी" किस गण का कर्म है?
त्रिफला
त्रिकटु
लाक्षादि
ऊषकादि
उभयभागदोषहर द्रव्य का काम मे लेना चाहिए?
स्वरस
कल्क
क्वाथ
फाण्ट
चूर्ण की औषध मात्रा होती है?
एक अञ्जली
एक विडाल पदक
एक पल
एक प्रस्थ
सुश्रुत अनुसार वीर्य नही है?
रूक्ष
स्निग्ध
शीत
गुरू
पलाण्डु किस वीर्य के कारण वात शामक होता है?
ऊष्ण
शीत
रूक्ष
स्निग्ध
आभ्यान्तर दाह का नाश करता है?
अञ्जनादि गण
सारि वादि गण
त्रिफला गण
आमलक्यादि गण
" सर्व मेह हरौ"किस गण का कर्म है?
वल्ली पञ्चमूल
कण्टक पञ्चमूल
तृण पञ्चमूल
A+B
