WorksheetsDivya jyoti jagrati sansthan
Total questions: 10
Worksheet time: 5mins
बचपन में तज संसार को,किया प्रेम करतार से
तीक्ष्ण बुद्धि से विश्व को जीता,
अद्वैतवाद सिद्धांत से ।।
गोतम बुद्ध
शंकराचार्य
सिकंदर
चाणक्य
प्रेम की अदभूत मूरत था, जिसने
मुर्शीद से दिल जोड़ा था ।
अपने पिर की कब्र पर सर रखकर,
जिसने अपना दम तोड़ा था ।।
मालिक काफुर
मोहम्मद गौरी
अमीर खुसरो
शाहजहां
तूफानी तलवार से जिसने, समय
चक्र को मोड़ दिया ।
समर्थ गुरु का आशीष पाकर,जिसने
औरंजेब का दम तोड़ दिया।।
अशोक
आर्यभट्ट
पृथ्वीराज चौहान
शिवाजी
रणभूमि की शान है, गुरुआज्ञा
उनकी पहचान है।
गुरु गोबिंद जी के बाद में थी थामी,
जिसने धर्म कमान है।
बंदा सिंह बभादुर
रणजीत सिंह
दुलीप सिंह
उद्धम सिंह
अज्ञानी होना गलत नहीं, अज्ञानी
बने रहें गलत है ।
ऐसे महान विचारो वाले, स्वामी
विरजानद जी के भक्त है।
दयानंद सरस्वती
स्वामी विवकानंद
महात्मा गांधी
कबीर दास
लंदन के महलों को तज कर,
भारत की धूल को चूम लिया ।
कठिन कारावास की तब साधना से,
अतिमानसिक चेतना का उदघोष
किया
मदर टेरेसा
अरविंदो घोष
लार्ड रिप्पन
ईश्वर चंद्र विद्यासागर
भारतीय संस्कृति की छटा बिखेर कर।
पश्चिम जगत को नहला दिया ।।
युक्तेश्वर जी के क़दमों में गिरकर ।।
अमेरिका तक को जिन्होंने जला दिया ।।
स्वामी विेकानंद
स्टीव जॉब्स
रविन्द्र नाथ टैगोर
योगानंद परमहंस
यही आदि है यही अनन्त है।
यही सब वेदों का सार है।।
आशुतोष के दिव्य लक्ष्य का ।
यही ज्ञान आधार है।
ब्रह्मज्ञान
ज्योतिष शास्त्र
सूर्य विज्ञान
मनोविज्ञान
अंतर में उतरना सिखाती है।
नित आंनद स्नान करती है।
मानव को महामानव करके।
परमात्मा रूप से बनती है।।
तंत्र साधना
हठयोग
ब्रह्मज्ञान साधना
सहज योग
अपने ज्ञान की आधी से, पूरे विश्व में
तूफान ला दिया।
रामकृष्ण से ब्रह्मज्ञान पा, सर्वश्व गुरु
को लूटा दिया।।
स्वामी तोतापूरी
राजा राम मोहन रॉय
सुभाष चंद्र बोस
स्वामी विवेकानंद
