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WorksheetsKoshish Ek Asha Hindi Group - गिल्लू, विलोम शब्द, वचन
Total questions: 50
Worksheet time: 38mins
"लेना" शब्द का विलोम है -
खरीदना
देना
लेना - देना
खरीददारी
"बेईमान" शब्द का विलोम रूप है -
सत्य
असत्य
ईमानदारी
ईमान
"चढना" शब्द का विलोम रूप है -
बैठना
उतरना
तैरना
भागना
"तोड" शब्द का विलोम शब्द है -
मरोड़ना
जोड
देख
तुड़वाना
"पराया" शब्द का विलोम रूप है -
हम
तुम
अपना
हमारा
"खरीदना" शब्द का विलोम रूप है -
बेचना
देना
लेना
मांगना
"अमीर" शब्द का विलोम रूप है -
श्रीमंत
गरीब
भिखारी
अनपढ़
"वरदान" शब्द का विलोम रूप है -
दान
वर
अवरदान
अभिशाप
"होश" शब्द का विलोम रूप है -
अहोश
उठन
बेहोश
बेबस
"नारी" शब्द का विलोम रूप है -
औरत
स्त्री
नर
आदमी
"देश" शब्द का विलोम रूप है -
स्वदेश
भारत
विदेश
इनमें से कोई नहीं
"आयात" शब्द का विलोम रूप है -
निर्यात
लाभ
नष्ट
हानि
पैसा शब्द का अन्य वचन रुप है -
पैसे
पैसों
पैसें
रुपए
"पुस्तक" शब्द का अन्य वचन रूप है -
पुस्तक
पुस्तकों
पुस्तकें
पुस्तके
निम्नलिखित में से बहुवचन रूप है -
चीज़
चीजों
चिजियां
चीजें
"लेखनी" शब्द का अन्य वचन रूप है -
लेखनीयां
लेखनियाँ
लेखनें
लेखन
निम्नलिखित में से एक वचन रूप है -
घरों
घरें
घर
मकान
"फल" शब्द का अन्य वचन रूप है -
फलों
फल
फलें
फलों का
"मछली" शब्द का अन्य वचन रुप है -
मछली
मछलीयां
मच्छी
मछलियाँ
"कौआ" शब्द का अन्य वचन रूप है -
कओं
कौओं
कौआ
कौए
"दायरा" शब्द का अन्य वचन रूप है -
दायरे
दायरें
दायरों
दायरियां
"चादर" का अन्य वचन रूप है -
चादरों
चादरें
चादर
चादरियां
निम्नलिखित में से एक वचन रूप है -
गुफाएं
गुफाओं
गुफ़ा
इनमें से कोई भी नहीं
"बच्चा" शब्द का अन्य वचन रूप है -
बच्चो
बच्चे
बच्चों
बच्चें
महादेवी वर्मा द्वारा लिखित पाठ है -
कश्मीरी सेब
गिल्लू
मेरा बचपन
बसंत की सच्चाई
कश्मीरी सेब : कहानी :: गिल्लू : ________________ ।
चित्र
रेखा
प्राणी प्रेम
रेखाचित्र
महादेवी वर्मा जी को _______________ कहा जाता है ।
मीरा
प्राचीन मीरा
आधुनिक मीरा
मीराभाई
महादेवी वर्मा जी के कौनसे कृति के लिए ज्ञानपीठ पुरस्कार मिला?
यामा
संध्यागीत
दीपशिखा
नीरजा
बरामदे का अर्थ है -
बॉम्ब
घर
आंगन
चौक
गुलाब : पौधा :: सोनजुही : ____________ ।
फूल
फल
सब्जी
लता
हंस : सफेद :: कौआ : _____________ ।
काला
लाल
सफेद
नीला
बिल्ली : म्याऊँ-म्याऊँ :: गिल्लू : ______________ ।
ची - ची
चूं - चूं
कोक - कोक
चिक-चिक
कोयल : मधुर स्वर :: कौआ : ________________ ।
काक स्वर
कर्कष स्वर
अच्छा स्वर
गंदा स्वर
1. लेखिका को गिलहरी किस स्थिति में दिखायी पडी?
लेखिका को गिलहरी गमले और दीवार की संधि में पडी हुई दिखाई पढी । जिसे दो कौए नोचकर अपना आहार बनाना चाहते थे ।
लेखिका को गिलहरी कमरे में पडी हुई दिखाई पढी । जिसे दो कौए नोचकर अपना आहार बनाना चाहते थे ।
लेखिका को गिलहरी पेड़ और दीवार की संधि में पडी हुई दिखाई पढी । जिसे दो कौए नोचकर अपना आहार बनाना चाहते थे ।
लेखिका को गिलहरी आंगन में पडी हुई दिखाई पढी । जिसे दो कौए नोचकर अपना आहार बनाना चाहते थे ।
लेखिका ने गिल्लू के प्राण कैसे बचाये?
लेखिका ने गिल्लू को जोर से उठाया और आंगन में ले आई, उसके घाओं के रक्त को रूई से पौंछकर पानी लगाया ।
लेखिका ने गिल्लू को उठाया और कमरे में ले आई, उसके घाओं के रक्त को रूई से पौंछकर दूध लगाया ।
लेखिका ने गिल्लू को जोर से उठाया और कमरे में ले आई, उसके घाओं के रक्त को रूई से पौंछकर मलहम लगाया ।
लेखिका ने गिल्लू को हौले से उठाया और कमरे में ले आई, उसके घाओं के रक्त को रूई से पौंछकर पेंसिलिन का मरहम लगाया ।
लेखिका का ध्यान आकर्षित करने के लिए गिल्लू क्या करता था?
लेखिका का ध्यान आकर्षित करने के लिए गिल्लू उनके सर तक आकर सर्र से कमरे पर चढ जाता था । उसका यह क्रम तब तक चलता जब तक लेखिका उसे पकडने के लिए नहीं जाती ।
लेखिका का ध्यान आकर्षित करने के लिए गिल्लू उनके पैर तक आकर सर्र से परदे पर चढ जाता था । उसका यह क्रम तब तक चलता जब तक लेखिका उसे पकडने के लिए न उठती ।
लेखक का दिमाग आकर्षित करने के लिए बंदर उनके पैर तक आकर सर्र से परदे पर चढ जाता था । उसका यह क्रम तब तक चलता जब तक लेखक उसे पकडने के लिए न उठती ।
लेखिका का बुद्धि आकर्षित करने के लिए बिल्ली उनके पैर तक आकर सर्र से परदे पर चढ जाता था । उसका यह क्रम तब तक चलता जब तक लेखिका उसे पकडने के लिए न उठती ।
वर्मा जी को चौंकाने के लिए गिल्लू कहाँ-कहाँ छिप जाता था?
वर्मा जी के माता पिता को चौंकाने के लिए गिल्लू कभी फूलदान के फूलों में, पर्दे की चुन्नट में तो कभी सोनजूही की पत्तियों में छुप जाता था ।
वर्मा जी को चौंकाने के लिए गिल्लू कभी कमरे में, पलंग पर तो कभी फूलों की पत्तियों में छुप जाता था ।
वर्मा जी को चौंकाने के लिए गिल्लू कभी फूलदान के फूलों में, पर्दे की चुन्नट में तो कभी सोनजूही की पत्तियों में छुप जाता था ।
वर्मा जी को चौंकाने के लिए बिल्ली कभी दरवाजे के सुराग में, खिड़की की चुन्नट में तो कभी आम के पेड़ की पत्तियों में छुप जाता था ।
गिल्लू ने लेखिका की गैरहाजरी में दिन कैसे बिताये?
बंदर लेखिका की गैर हाजिरी में झूले से नीचे नहीं उतरता था । उसे कोई खजूर दे जाता था । लेखिन वह उसका प्रिया खाद्या भी नहीं खाता था ।
गिल्लू लेखिका की गैर हाजिरी में झूले से नीचे नहीं उतरता था । उसे कोई काजु दे जाता था । लेखिन वह उसका प्रिया खाद्या भी नहीं खाता था ।
बिल्ली लेखिका की गैर हाजिरी में आम के पेड़ के नीचे नहीं उतरता था । उसे कोई गाजर दे जाता था । लेखिन वह उसका प्रिया खाद्या भी नहीं खाता था ।
गिल्लू लेखक की गैर हाजिरी में खिड़की से नीचे नहीं उतरता था । उसे कोई फल दे जाता था । लेखिन वह उसका प्रिया खाद्या भी नहीं खाता था ।
गिल्लू के कार्य-कलाप के बारे में लिखिए ।
गिल्लू के कार्यकलाप को देखकर सभी को आश्चर्य होता था । वह लेखिका का ध्यान आकर्षित करने के लिए अलग – अलग तरीखे अपनाता था ।
लेखिका की थाली के पास बैठकर एक – एक चावल उठाकर बडी सफाई से खाता था ।
खिडकी की जाली से लेखिका के बाहर जाने के बाद वह भी बाहर जाता और ठीक चार बजे वापस अपने झूले पर आ जाता था ।
ऊपर के सभी सही उत्तर हैं ।
लेखिका ने गिलहरी को क्या-क्या सिखाया?
लेखिका ने गिल्लू को थाली से निकालकर थाली के पास बैठाकर सफाई से खाना खाना सिखाया ।
समय पर बाहर जाना समय पर झूले पर वापस आना, साथ ही जब लेखिका लिखते समय लिफाफे में रखदे तो घंटों उसी में रहना आदि सिखाया ।
ऊपर के दोनो सही हैं ।
ऊपर के दोनो गलता हैं।
गिल्लू के अंतिम दिनों का वर्णन कीजिए ।
गिलहरी की आयु दो वर्ष होती है । अचानक एक दिन गिल्लू दिन भर न कुछ खाया, न बाहर गया । रात को उसके पंजे ठंडे होने लगे तो लेखिका ने हिटर जलाकर गर्मि देने का प्रयत्न किया । लेकिन सूरज की पहली किरन के साथ गिल्लू चिरनिद्रा में सो गया ।
गिलहरी की आयु चार वर्ष होती है । अचानक एक दिन गिल्लू दिन भर न कुछ खाया, न बाहर गया । रात को उसके पंजे ठंडे होने लगे तो लेखिका ने हिटर जलाकर गर्मि देने का प्रयत्न किया । लेकिन सूरज की पहली किरन के साथ गिल्लू चिरनिद्रा में सो गया
।
गिलहरी की आयु पांच वर्ष होती है । अचानक एक दिन गिल्लू दिन भर न कुछ खाया, न बाहर गया । रात को उसके पंजे ठंडे होने लगे तो लेखिका ने हिटर जलाकर गर्मि देने का प्रयत्न किया । लेकिन सूरज की पहली किरन के साथ गिल्लू चिरनिद्रा में सो गया
।
गिलहरी की आयु छः वर्ष होती है । अचानक एक दिन गिल्लू दिन भर न कुछ खाया, न बाहर गया । रात को उसके पंजे ठंडे होने लगे तो लेखिका ने हिटर जलाकर गर्मि देने का प्रयत्न किया । लेकिन सूरज की पहली किरन के साथ गिल्लू चिरनिद्रा में सो गया
।
गिल्लू के प्रति महादेवी वर्मा जी की ममता का वर्णन कीजिए ।
महादेवी वर्मा जी बालविधवा थीं तो उनके पालतु प्राणी-पक्षी ही उन्हें संतान समान थे । उनमें गिल्लू अति प्रिय था ।
लेखिका जब खाना खाती तो उसे साथ में बिठाकर खाती थी । जब वह लिखने बैठती तो वह यातो लिफाफे में बंद लेखिका के पास ही रहता या सुराही पर लेटा रहता ।
यह सब दर्शाता है, कि वर्मा जी को गिल्लू के प्रति गहरी ममता थी ।
ऊपर के सभी उत्तर सही हैं ।
ऊपर के दो उत्तर सही हैं ।
"खरीदना" शब्द का विलोम रूप है -
बेचना
देना
लेना
मांगना
वर्मा जी गिलहरी को किस नाम से बुलाती थीं?
गिलहरी
गिल्लू
गिलहरियां
गिलहरिए
गिलहरी का लघु गात किसके भीतर बंद रहता था?
लिफाफे के अंदर
कागज़ के अंदर
खिड़की के अंदर
आंगन में
गिलहरी का प्रिय खाद्य क्या था?
सेब
गाजर
केला
काजू
लेखिका को किस कारण से अस्पताल में रहना पडा?
सर में दर्द के कारण से
बुखार के कारण से
मोटर दुर्घटना के कारण से
गिर जाने के कारण से
गिलहरी गर्मी के दिनों में कहाँ लेट जाता था?
लेखिका के बाजू में
कमरे के अंदर
लेखिका के पैर के बाजू में
सुराही पर
गिलहरी की समाधि कहाँ बनायी गयी थी?
सोनाजुही लाता के नीचे
गुलाब के नीचे
बगीचे में
आंगन में
गिल्लू के आंखे _________________ थे ।
नयन
कोमल
चंचल
जबेदार
