Worksheetsमंगल उत्तम शरण
Total questions: 22
Worksheet time: 11mins
मंगल कितने होते है ?
5
4
3
2
उत्तम कितने होते है ?
5
4
3
इनमे के कोई नही
शरण कितनी होती है ?
6
7
5
4
साधू में कोन - कोन आता है ?
आचार्य
उपाध्याय
आचार्य, उपाध्याय
आचार्य, उपाध्याय,साधु
क्या सभी साधु -- आचार्य और उपाध्याय होते है ?
हां
नही
हो भी सकते है
हो भी सकते है और नही भी नही
सच्ची शरण का क्या अर्थ है ?
पञ्च परमेष्टि के बताये मार्ग पर चलना
माता पिता के बताये मार्ग पर चलना
गुरु के बताये मार्ग पर चलना
पञ्च परमेष्टि के बताये मार्ग पर चल कर अपनी आत्मा की शरण लेना
आचार्य पद से मोक्ष पद की प्राप्ति होती है ?
हां
नही
हो भी सकती है
इनमे से कोई नही
क्या साधु को मोक्ष की प्राप्ति हो सकती है ?
हो भी सकती है और नही भी
नही होती है
साधु बनने के बाद मोक्ष की प्राप्ति होती ही है
इनमे से कोई नही
इनमे से घर गृहस्थी की झंझटो से सहित है ?
साधु
उपाध्याय
आचार्य
इनमे से कोई नही
अरहंत, सिद्ध,साहु को अरहन्ता, सिद्धा, साहू का प्रयोग बहुवचन में क्यों लिखा जाता है ?
अरहंत सिद्ध साधु दशा को प्राप्त जीव तीन काल की अपेक्षा अनंत होने से
अरहंत सिद्ध साधु दशा को प्राप्त जीव तीन काल की अपेक्षा कम होने से
अरहंत सिद्ध साधु दशा को प्राप्त जीव तीन काल की अपेक्षा संख्यात होने से
इनमे से कोई नही
किन कारणों से केवली द्वारा बताया गया धर्म एक है ?
रागादि भाव और अज्ञानता के कारण कथन में अनेकपना होता है |
केवली भगवन इन दोषों से रहित,पूर्ण वीतरागी व सर्वज्ञ है |
केवली के कथन में अनेकपना नहीं है |
अत: केवली द्वारा बताया गया धर्म एक है |
प्रत्येक वस्तु का अपना-२ स्वभाव ही उसका अपना-२ धर्म है |
अनादि-अनंत वस्तु के स्वभाव को धर्म कहते है |
केवली इस वस्तु के स्वभाव को बताते है |
अत: केवली द्वारा बताया गया धर्म एक है |
धर्म शब्द - एकवचन में है -- इसलिए भगवान के द्वारा कहा गया धर्मं एक है |
केवली भगवान द्वारा बताया गया धर्म अनेक रूप होता है |
जो मोह राग द्वेष रूपी पापो को नष्ट करता है उसे क्या कहते है ?
अमंगल
मंगल
मंगलार्थी
इनमे से कोई नही
मंगल किसे कहते है ?
जो वास्तविक सुख देता है उत्पन्न करता है
जो दुःख उत्पन्न करता है
जो पाप उत्पन्न करता है
इनमे से से कोई नही
जो पापो को नष्ट करता है और सुख उत्पन्न करता है उसे क्या कहते है ?
मंगल
उत्तम
शरण
इनमे से कोई नही
अरिहंत और साधू परमेष्टि में से कौन-कौन मंगल है ?
साधू
अरिहंत
अरिहंत और साधू उत्तम है, मंगल नहीं है |
साधू और अरिहंत
क्या अरहंत की भक्ति से हम जीवो का परम मंगल होता है ?
हां
नही
कभी कभी होता है |
इनमे से कोई नही
पञ्च परमेष्टि की शरण में जाने का का क्या अर्थ है ?
पञ्च परमेष्टि द्वारा बताये गए मार्ग पर चलकर अपने आत्मा की शरण लेना
पञ्च परमेष्टि द्वारा बताये गए मार्ग पर चलकर अपने शरीर की शरण लेना
पञ्च परमेष्टि द्वारा बताये गए मार्ग पर चलकर अपने व्यापार की शरण लेना
इनमे से कोई नही
अरिहंत और सिद्ध भगवान किसकी शरण में है ?
आत्मा की
सिद्ध शिला की
आचार्य की
मंदिर की शरण में
हमे परमात्मा बनने के लिए किसकी शरण में जाना पड़ेगा ?
स्वयं की
पत्नी की
पिता की
माता की
जन्म मरण का अभाव करने के लिए मुनिराज क्या करते है ?
निज आत्मा की शरण लेते है
अरहंत की शरण लेते है
जिनवानी की शरण लेते है
मंदिर की शरण लेते है
शरण का शाब्दिक अर्थ क्या है ?
महान
सहारा
उत्तम
मंगल
उत्तम का अर्थ क्या है ?
जो लोक में सबसे महान हो
जिसके सबसे ज्यादा भक्त हो
जो पाप को हरने वाले हो
जो शरण में जाने लायक हो
