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WorksheetsCharak Vimansthan 1-5
Total questions: 25
Worksheet time: 19mins
आहार उपयोग नियम को कहते है ।
उपभोगक्ता
उपायोग श्रेष्ठ
उपयोग संख्या
इसमें नही
क्षार के अति प्रयोग से होता है ।
अंधत्व
अक्षि हृदय उपाघातकर
खालीत्य , पालित्य
सभी
उष्णाहार का गुण नही हैं ।
भूज्यमान स्वदते
क्षिप्र जरां गच्छति
अग्निमांधकर
वातमनुलोमयति
घृत श्रेष्ठ पित्तशामक द्रव्य है क्योंकी है । a . b .
मन्दत्वात
माधुर्यात
शैत्यात
All
हीनमात्रा पुर्वक आहार से होता है ।
उदावर्त
अम्लपित्त
उरः क्षत
All of the above
अपातभद्र शब्द ...... के लिए आया है ।
पिपली
लवण
क्षार
A+C
तैल निम्न गुणों से वात का शमन करता है ।
स्निग्ध
सूक्ष्म
गुरु
A+C
आमदोष है - विसुचिकाम्............. च ।
अलसकं
विलाम्बिका
आमाजीर्ण
दण्डालसकं
..............लंघनमेवाग्रे विरिक्तवचानुपुर्वी है ।
विसुचिका
आमवात
असलक
All
विसुचिका में प्रथम क्या करना चाहिए ।
विरेचन
लंघन
वमन
स्तंभन
जनपदोध्वंस का हेतू है ।
स्वभाव
प्रकृति
अधर्म
All
जनपदोध्वंस का सबसे महत्वपूर्ण घटक क्या है ।
काल
वायु
देश
जल
युगो युगे धर्मपाद : क्रमेणानेन हीयते । गुणपादश्च भूतानामेवं............प्रलीयते ।।
काल
प्राणी
लोक
None of these
रोग ज्ञान के साधन कितने है ।
3
4
Both
None
गुढलिंग व्याधि की परिक्षा की जाती है ।
उपशय
अनुपशय
Both
नामग्रहणेन
दोष प्रमाण…........... विशेषेण है ।
प्रकोप
प्रसर
अपचार
प्राकृत विकृत
ह्यवितर्कस्मृतिविभाग विदो । - किसका गुण हैं ।
गुरू
शिष्य
आप्तजन
वैद्य
जाठराग्नी का ज्ञान किस प्रमाण से होता है ।
प्रत्यक्ष
युक्ती
अनुमान
All of the above
वारूणीमद्य किस स्त्रोतस का दूष्टीहेतू हैं ।
रस
मांस
मेद
मज्जा
विरूध्दाहार सेवन स्त्रोतस दुष्टी हेतू हैं ।
अन्नवह
रसवह
मज्जावह
रक्तवह
वृक्क ...........स्त्रोतस का मुल हैं ।
रक्त
मांस
मेद
मज्जा
अतिप्रवृति संगो वा सिराणां है ।
स्त्रोतस दुष्टि
धातु दुष्टि
मल दुष्टि
All of the above
चित्यांना चातिचिन्तनात यह दुष्टी हेतू है ।
मज्जावह
रक्तवह
अन्नवह
रसवह
विरुध्दानांच सेवनात .............दुष्टी हेतू है ।
मज्जा वह
रसवह
अनवह
रक्तवह
उदक वह खोतस के मूल है ।
तालु व क्लेम
जिह्वा व कण्ठ
जिह्वा व तालु
क्लोम व जिह्वा
