Worksheetsरैदास के पद
Total questions: 20
Worksheet time: 7mins
यदि भगवान चंदन हैं तो भक्त क्या है ?
पानी
मोर
चकोर
बत्ती
इस कविता में किन-किन साधु संतो का ज़िक्र हुआ है?
नामदेव
कबीर
त्रिलोचन
उपर्युक्त सभी संत
कवि किसे अपना सबकुछ मानते हैं ?
भगवान को
संतों को
अछूत मनुष्यों को
भक्तों को
दूसरे पद में कवि ने किसका गुणगान किया है?
भगवान
संतों को
अछूत मनुष्यों को
भक्तों को
चकोर पक्षी किसे एकटक देखता रहता है?
कवि को
सूरज को
आकाश को
चंद्रमा को
कवि ने गरीब निवाजु किसे कहा है ?
अमीरों को
ईश्वर को
स्वयं को
माता-पिता को
कवि रैदास किसके दास बनना चाहते हैं?
मालिक के
संतो के
प्रभु के
इनमें से कोई नहीं
भगवान को पाकर किसका जीवन सफल हो जाता है?
गरीबों का
भक्तों का
गोपियों का
पीड़ितों का
चकोर पक्षी से किसकी तुलना की गई है?
दीपक की
भक्त की
बादल की
इनमें से कोई नहीं
रैदास के मुख से किसके नाम की रट नहीं छूटती?
पिता के
बाबा के
संतों के
राम के
यदि भगवान स्वामी हैं तो भक्त क्या है ?
दास
मोर
चकोर
बत्ती
रैदास ने "ऐसी लाल......सभै सरै".....पद में उस समय की किस समस्या को उठाया है?
विधवा विवाह
बाल विवाह
अशिक्षा
छुआछूत
धागे की कीमत कब होती है?
जब उसके साथ मोती है |
जब उसके साथ सोना है |
जब उसके साथ दीपक है |
जब उसके साथ सुहागा है |
ईश्वर घन हैं तो रैदास क्या है?
चकोर
पानी
चंदन
मोर
रैदास जी ने इस कविता में किस भाव का वर्णन किया है?
भक्ति भाव
शांत भाव
सख्य भाव
वात्सल्य भाव
गरीब निवजु का अर्थ क्या है?
दीन-दुखियों पर दया करना
दीन-दुखियों पर दया ना करना
स्वामी
सब कुछ संभव होना
भगवान के माथे पर क्या शोभा दे रहा है?
पानी
मुकुट
मोर
भक्ति
यदि भगवान दीपक हैं तो भक्त क्या है?
पानी
मोर
चकोर
बत्ती
तुम घन बन हम मोरा-ऐसा कवि रैदास ने क्यों कहा है?
मोर बादलों को देखकर खुश होता है और कवि ईश्वर को देखकर
घने बादलों के सामान कवि का मन है |
कवि के ईश्वर, मोर के समान सुंदर हैं |
इस उपमा से कविता अत्यंत सुंदर बन गए हैं |
घन का पर्यायवाची शब्द है --
पानी
बदल
बादल
धरती
