NEW
Font size
WorksheetsPRABHATI AND KASHMIRI SEB REVISION
Total questions: 25
Worksheet time: 13mins
रोज एक सेब खाने से किनकी जरूरत नहीं होगी?
डॉक्टर
चोर
इंजीनियर
रोग
लेखक को क्या नज़र आया ?
रंगदार गुलाबी सेब
सेब
रंगदार गुलाबी आम
बहुत सारे चीजें
स्वाद में सेब किससे बढ़कर नहीं है ?
नारियल से
आम से
टोमाटो से
संतरा से
फल खाने का समय तो ------------- है ।
रात
दोपहर
प्रातः काल
श्याम
एक सेब भी --------------- नहीं था।
रखने लायक
देने लायक
मारने लायक
खाने लायक
'रेवड़ी' शब्द का अन्य वचन रूप------
रेवड़ीयॉं
रेवड़ियॉं
रेवड़ीएं
रेवड़िएं
मुंशी प्रेमचंद जी का वास्तविक नाम क्या था?
अजीब राय
धनपत राय
श्रीवास्तव
नवाब राय
पाठ में कहाँ पर होनेवाली धोखेबाजी पर प्रकाश डाला गया है ?
दुकानों में
बाज़ार में
परिवार में
संसार में
गुलाबी सेब कहाँ नज़र आये?
दूकान में
पंजाबी दुकान में
मेवाफरोश के दुकान में
पंजाबी मेवाफरोश के दुकान में
लेखक के अनुसार कितने सेब खाने लायक नहीं थे?
एक
दो
तीन
चार
आजकल शिक्षक समाज में किसके बारे में विचार किया जाता है ?
ऑक्सीजन और विटामिन
विटामिन और प्रोटीन
पैट्रोल और ऑयल
अमीर और गरीब
दुकानदार ने लेखक से क्या कहा?
मजेदार टमाटर आए हैं
मजेदार तरबूज आए हैं खास बेंगलुरु से
बड़े मजेदार से सेब आए हैं खास कश्मीर के खाकर तबियत खुश हो जाएगी ।
मजेदार संतरा आए हैं खास नागपुर से खा कर देखिए ।
दुकानदार ने अपने नौकर से क्या कहा ?
2 किलो केला लेकर आना, चुनकर लाना।
2 किलो आम लाना ।
आधा सेर कश्मीरी सेब निकाल ला, चुनकर लाना ।
डेढ़ किलो कश्मीरी सेब चुनकर लाना ।
सेब के हालत के बारे में बताइए।
चारों के चारों से बहुत अच्छे थे, खा कर बहुत खुश हुआ, दुकानदार ने बहुत अच्छे से दिए थे मैं बहुत प्रसन्न हुआ।
एक से खराब था और 3 सेब बहुत ही अच्छे थे मैंने तीनों सेब को दुकानदार को वापिस कराया और दुकानदार ने मुझे पैसे भी दिए।
पहला सेब सड़ा हुआ था, एक रुपए के आकार का चिल्का गल गया था। दूसरा आधा सड़ा हुआ था। तीसरा से सेब तो सडा तो न था, मगर एक तरफ जब कर बिल्कुल पिचक गया था। चौथा सेब बेदाग था मगर उसमें एक काला सुराख था।
कश्मीरी सेब पाठ के लेखक कौन है?
हरिवंश राय बच्चन
सुमित्रानंदन पंत
मुंशी प्रेमचंद
मैथिलीशरण गुप्त
लेखक ने क्या दिया
थैला
रूमाल
बैग
थाली
कश्मीरी सेब पाठ से यह सीख मिलती है।
बेईमान
खरीदारी करते वक्त सचेत रहना
खरीदारी करते वक्त अचेत रहना
ईमानदारी
लेखक का जी ललचा उठा
आम देखकर
टोमाटो देखकर
सेब देखकर
मिठाई देखकर
प्रभाती कविता के कवि कौन हैं ?
रघुवीर सहाय
प्रेमचंद
महादेवी वर्मा
मैथिलीशरण गुप्त
रात को जग से किसने बात की ?
आसमान ने
सूरज ने
पेड़ों ने
चंदा ने
समय की चाल कैसी मानी गई है ?
तेज़
धीमी
लँगड़ी
समय गतिहीन है
दिन का क्षण -क्षण कैसा हो ?
प्रकाशवान
अंधकारमय
सुस्त
रुका हुआ
किरणों की भीड़ में कौन खो गया ?
चाँद
तारे
सूरज
बादल
किनको गिनकर लंबी रात काटी जाती है ?
तारों को
चंदा को
सूरज को
बादल को
कौन से पल अविकल , शीतल और अशोक पल हैं ?
बुढ़ापे के पल
यौवन के पल
बचपन के पल
स्वप्नलोक के पल
