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Charak sharir 6-8 next level

Total questions: 30

Worksheet time: 23mins

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1.

गर्भ कि गर्भा अवस्था में कौन सी स्थिति सामान्य नहीं है।

a)

पृष्ठ अभिमुख अधो शिर

b)

आभुग्न मुख अधिशेत

c)

पृष्ठ अभिमुख ललाट कृतांजली

d)

कोई नहीं

e)

नहीं पता

2.

सुश्रुत ने किस त्वचा में अलजी कि स्थिति मानी है।

a)

5

b)

4

c)

6

d)

कोई नहीं

e)

नही पता

3.

पर ओज का प्रमाण 6 बूंद माना है।

a)

चरक

b)

शारंगधर

c)

अष्टांग ह्रदय

d)

भाव प्रकाश

e)

नहीं पता

4.

आचार्य चरक ने शरीर में संधी कि कुल संख्या मानी है।

a)

210

b)

200

c)

206

d)

360

e)

कोई नहीं

5.

एक अंजलि प्रमाण में है।

a)

मस्तिष्क

b)

शुक्र

c)

मज्जा

d)

उपरोक्त सभी

e)

नहीं पता

6.

उपविष्टक का वर्णन नहीं है।

a)

चरक

b)

सुश्रुत

c)

वागभट्ट

d)

वृहत्र्यी में कोई नहीं

e)

नहीं पता

7.

किसी गर्भिणी के यदि पेट में अत्यंत शूल है,उसका उदर स्तमित,आतत,शीतल,उदर के भीतर पत्थर रखा सा प्रतीत होता है तो सापेक्ष निदान होगा।

a)

उपविष्टक

b)

मूढ़ गर्भ

c)

मृत गर्भ

d)

लीन गर्भ

e)

नहीं पता

8.

गर्भिणी परिचर्या में किस मास के आहार हेतु क्षीर सर्पी निर्देश है।

a)

1

b)

4

c)

5

d)

6

e)

नहीं पता

9.

किक्किश कि उत्पत्ति गर्भिणी को किस मास में होती है।

a)

5

b)

6

c)

7

d)

8

e)

कोई नहीं

10.

सूतिका स्वस्थ वृत्त काल है आचार्य चरक अनुसार।

a)

45 दिन

b)

5-7दिन

c)

4मास

d)

6मास या पुनर आर्तवे दर्शन

e)

नहीं पता

11.

कश्यप अनुसार सूतिका रोग कि संख्या है।

a)

28

b)

4

c)

60

d)

64

e)

नहीं पता

12.

आचार्य वागभट्ट अनुसार शिशु को यदि श्वाशा अवरोध होकर मृत्यु होता है तो धात्री/माता के स्तन का अनुमान होगा।

a)

स्थूल स्तन

b)

ऊर्ध्व स्तन

c)

लंब स्तन

d)

अपिप्लिका स्तन

e)

नहीं पता

13.

धान्यायमल का उपयोग है।

a)

शुक्र क्षय

b)

कफ क्षय

c)

मूत्र क्षय

d)

पुरीष क्षय

e)

नहीं पता

14.

आचार्य चरक अनुसार शरीर वृद्धि कर भाव नहीं है।

a)

काल योग

b)

आहार संपच्च

c)

स्वभाव संसिद्द

d)

अविघात

e)

कोई नहीं

15.

यदि किसी प्रसूता ने जिसका पुत्र जनन हुआ है तो आयुर्वेद अनुसार सेवन का निर्देश है।

a)

घृत सेवन

b)

तेल सेवन

c)

दूध सेवन

d)

मांस रस सेवन

e)

नहीं पता

16.

आचार्य चरक अनुसार यदि कृष्ण वर्ण का संतान उत्पन्न हुआ है तो इसका कारण है।

a)

माता पिता कृष्ण वर्ण के होंगे

b)

शुक्र तेल आभा युक्त होगा

c)

तेज एवम पृथ्वी महाभूत संयोग

d)

पृथ्वी एवम वायु महाभूत संयोग

e)

नहीं पता

17.

आचार्य सुश्रुत ने पुंसवन संस्कार हेतु काल निर्देश किया है जब गर्भिणी।

a)

प्राग व्यक्त भाव हो

b)

लब्ध गर्भ हो

c)

गर्भ धारण के 2 मास तक

d)

गर्भ धारण के 4 मास तक

e)

नहीं पता

18.

शारंगधर अनुसार सही है।

a)

8 गर्भ उपद्रव माने है।

b)

सूतिका रोग सर्व प्रथम बताया है

c)

8 गर्भ दोष माने है।

d)

मूढ़ गर्भ कि अंतिम 2 गति को विष्कंभ कहा है।

e)

नहीं पता

19.

आचार्य काश्यप ने गर्भिणी को कितने मास तक ओषध सेवन निषेध किया है।

a)

प्रथम 3 मास तक

b)

प्रथम 4 मास तक

c)

प्रथम 5मास तक

d)

प्रथम मास से ही दे सकते हैं

e)

नहीं पता

20.

पृथक पर्णी से सिद्ध यवागु का निर्देश आचार्य सुश्रुत अनुसार किस मास में गर्भिणी परीचर्या में है।

a)

6

b)

4

c)

8

d)

7

e)

नहीं पता

21.

यदि कोई गर्भिणी उपवास ,व्रत कर्म करती है स्नेह आहार से द्वेष रखती है ,तो उसका गर्भ वृद्धि प्राप्ति नहीं करता परिशुष्क हो जाता है,अस्पंदन लक्षण से युक्त हो जाता है।आप इसे मानेंगे।

a)

उपविष्टक

b)

नगोदर

c)

लीन गर्भ

d)

शुष्क गर्भ

e)

नहीं पता

22.

आचार्य चरक अनुसार तुरंत पैदा हुए गर्भ में प्रथम क्रिया आप करेंगे।

a)

उलवा परिमार्जन

b)

गर्भ उदक का वमन

c)

प्राण प्रत्यागमन

d)

सेंधव घृत का प्राश

e)

नहीं पता

23.

गर्भ के नाभि नाल छेदन में अर्ध धार शस्त्र प्रयोग का निर्देश किया है।

a)

चरक

b)

सुश्रुत

c)

वागभट्ट

d)

गोविन्द लाल सेन

e)

नहीं पता

24.

त्रिदोषज रक्तप्रदर में निकलने वाला रक्त का वर्ण है।

a)

घृत तेल वसा

b)

घृत मज्जा वसा

c)

घृत तेल वसा मज्जा

d)

कोई नहीं

e)

नहीं पता

25.

आचार्य कश्यप अनुसार बच्चों के खिलौने का निर्माण करना चाहिए।

a)

लाक्षा से

b)

पिष्ट से

c)

मिट्टी से

d)

वृक्ष के तने से

e)

नहीं पता

26.

आचार्य शारंगधर ने कितने बाल रोग का वर्णन किया है।

a)

32

b)

36

c)

24

d)

22

e)

नहीं पता

27.

यदि माता गर्भ अवस्था में अत्यधिक कटु रस सेवन करती है तो गर्भ पर प्रभाव हो सकता है।

a)

शोषी अबल संतान

b)

दुर्बल अल्प शुक्र संतान

c)

रक्त पित्त रोग युक्त संतान

d)

शीघ्र वली पली खालित्य संतान

e)

नहीं पता

28.

आचार्य सुश्रुत अनुसार कितनी मास तक के गर्भ का नष्ट होना गर्भ स्त्राव कहलाता है।

a)

3

b)

4

c)

6

d)

5

e)

नहीं पता

29.

प्रस्त्रसमान गर्भ के लक्षण बतलाए है।

a)

चरक

b)

सुश्रुत

c)

वागभट्ट

d)

माधव

e)

नहीं पता

30.

गर्भ विद्रव का वर्णन किया है।

a)

चरक

b)

सुश्रुत

c)

वागभट्ट

d)

माधव

e)

नहीं पता