Font size
WorksheetsHum panchhi unmukt gagan ke
Total questions: 19
Worksheet time: 3mins
किन परिस्थितियों में पक्षी नहीं गा पाएंगे-
खुले आकाश में घूम रहे होंगे
अगर वे उड़ रहे होंगे
अपने घोंसले में चहचहा रहे होंगे
पिंजरे में बंद रहेंगे
कनक- तीलियों से टकराकर पक्षियों की क्या हालत होगी
पुलकित पंख टूट जाएंगे
नए पंख मिलेंगे
उन्हें नया जीवन मिलेगा
उनका मालिक उन्हें पुरस्कार देगा
कनक कटोरी की मैदा से अधिक भला पक्षियों को क्या लगता है-
पिज़्ज़ा बर्गर
कटुक निबौरी
दाल बाटी चूरमा
पानी पूरी
पक्षी किस जंजीर में बंध गए हैं
धागे की जंजीर में
सोने की जंजीर में
प्रेम की जंजीर में
चांदी की जंजीर में
पक्षी कहाँ झूला झूलने का सपना देख रहे हैं
पेड़ों के फलों पर
पेड़ में खिले फूलों पर
पेड़ों के फलों पर
पेड़ की फुनगी पर
पेड़ों की जड़ों पर
1– हम पंछी उन्मुक्त गगन के इस कविता के कवि कौन हैं?
क- रामधारी सिंह दिनकर
ख- शिवमंगल सिंह सुमन
ग- रहीम
घ- मीराबाई
3- सोने के पिंजरे की सलाखों से टकरा-टकराकर क्या होगा?
क- पिंजरा टूट जाएगा।
ख- पक्षी बाहर निकाल जाएंगे।
ग- उनके कोमल पंख टूट जाएंगे।
घ- वे मन की सारी इच्छाइए पूरी कर लेंगे ।
4-कवि पक्षियों के माध्यम से मनुष्य की किस भावना को दर्शना चाहता है?
क- परतंत्रता में सभी सुविधाएं पाने की।
ख- ऊंचाइयों को छूने की।
ग- सदा स्वतंत्रता का जीवन जीने की।
घ- किसी के बंधन में रहने की।
फुनगी का अर्थ है-
लंबी कहानी
पेड़ की सबसे ऊँची चोटी का सिरा
लाल फूल
पक्षियों को किस प्रकार खुशी प्रदान की जा सकती है ?
उन्हें उनकी मनचाही ऊँचाई तक उड़ान भरने में बाधा न डालकर
उनके बंधन खोलकर
उनके मन की बातें सुनकर
हम पंछी उन्मुक्त _____ के।
धूप
गगन
हवा
जल
कोई भी नहीं
कनक का अर्थ क्या है।
स्वर्ण
स्वतंत्र
बेचैन
तारे
उन्मुक्त का अर्थ क्या है?
स्वतंत्र
कनक
स्वर्ण
पुलकित
तारे
पिंजरे के पक्षी को वृक्ष की टहनी पर झूलने का स्वप्न क्यों आता है?
क्योंकि वह बहुत थक जाते हैं
क्योंकि वह सो जाते हैं
क्योंकि वह पिंजरे में बंद होते हैं
लाल किरण सी चोंच खोल
चुगते _______-_______ के दाने।
तारक-अनार
कनक-कटोरी
छिन्न-भिन्न
कनक-तीलियों
पक्षियों के अरमान कौन सी सीमा तक उड़ने के हैं।
इंद्रधनुष की सीमा तक
सफेद बादल की सीमा तक
नील गगन की सीमा तक
पाताल लोक की सीमा तक
कोटक का अर्थ क्या है ?
नमकीन
कड़वाहट
कड़वी
खट्टा
किस तरह की तीलियों से पक्षियों के टकराकर टूट जाएंगे।
सोने
चांदी
तांबे
हीरे
वह किसके बंधन में बंधकर अपने उड़ने की गति को भूल गए।
चांदी की श्रंखला
स्वर्ण श्रंखला
तांबे की श्रंखला
