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WorksheetsHindi
Total questions: 15
Worksheet time: 3hrs 30mins
'दीवानों की हस्ती' कविता के कवि का नाम क्या है ?
सूर्य कांत त्रिपाठी 'निराला '
भगवती चरण वर्मा
रामधारी सिंह 'दिनकर'
इनमे से कोई नहीं
'दीवाने' जब एक जगह से दूसरी जगह जाते हैं तो उनके साथ क्या होता है ?
चिंता के बादल
घर का सामान
मस्ती का आलम
पुलिस का दल
मस्ती -भरा जीवन जीने वाले दीवाने ,लोगों के बीच क्या बन कर जाते हैं ?
आदर्श
शोक
मेहमान
उल्लास
'छक्कर सुख-दुख के घूँटों को हम एक भाव से पिए चले' पंक्ति का आशय निम्नलिखित में से क्या है ?
वे सुख-दुख को मिलकर पी जाते हैं|
वे सुख में बहुत खुश तथा दुख में बहुत दुखी होते हैं|
वे सुख-दुख अपने पास आने ही नहीं देते|
वे सुख-दुख को समान भाव से ग्रहण करते हैं|
कवि ने 'दीवानों की हस्ती ' पाठ में संसार को निम्नलिखित में से क्या कहा है?
दुखों का सागर
सुखों का घर
भिखमंगों की दुनिया
स्वर्ग से भी सुंदर
पाठ बस की यात्रा के लेखक का नाम बताऐ ?
कामता नाथ
कबीर
हरिशंकर परसाई
अरविंद कुमार सिंह
बस के स्टार्ट होते ही लेखक को क्या प्रतीत हुआ ?
कुछ नहीं।
बस चल पडी।
बस हीलने लगी।
जेसै पुरी बस ही इंजन हो।
पेट्रोल की टंकी मे क्या हो गया था ?
फूट गया था
छेद हो गया था
कुछ नहीं हुआ
पचंर हो गया था
लेखक किन घटनाऔ के बारे मे सोच रहे थे ?
ब्रेक फेल होने के बारे मे ।
बस पलट सकती थी ।
स्टीयरिंग टूट सकता था ।
भूतो के बारे मे ।
" निकल जाओ, बेटी ! अपनी तो वह उम्र ही नहीं रही।" यह वाक्य किस के लिए कहा गया है ?
वृद्धा बस के लिये
कंपनी के हिस्सेदार के लिये
डॉकटर मित्र के लिये
कंडक्टर के लिये
'दीवानों की हस्ती' कविता के कवि का नाम क्या है ?
सूर्य कांत त्रिपाठी 'निराला '
भगवती चरण वर्मा
रामधारी सिंह 'दिनकर'
इनमे से कोई नहीं
बदलू के मकान के सामने था
बरगद का पेड़
नीम का पेड़
जामुन का पेड़
पता नहीं।
संसार में बदलू को सबसे ज्यादा चिढ़ थी
कांच की चूड़ियों से
लाख की चूड़ियों से
आम खाते हुए किसी को देखकर
कह नहीं सकते कि क्या बात थी
पाठ बस की यात्रा के लेखक का नाम बताऐ ?
कामता नाथ
कबीर
हरिशंकर परसाई
अरविंद कुमार सिंह
लोगो ने लेखक को क्या सलाह दी ?
शाम की बस से न जाए।
कही न जाए।
शाम की बस से ही जाए।
अगले दिन जाऐ।
