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Worksheetsparivesh punravrati
Total questions: 12
Worksheet time: 6mins
परेश अपने बस्ते को कैसे रखता था ?
वह अपने बस्ते को साफ सुथरा रखता था ।
वह अपने बस्ते मे अपनी किताबे अच्छे से रखता था ।
वह अपने बस्ते में दुनिया भर का कूड़ा-कचरा भर लेता था।
परेश ने अपने जूतों में क्या छिपा रखा था ?
राजू के पैसे
बबलू के कंचे
छोटू के कंचे
टॉफ़ी और चॉकलेट
कराहना शब्द का अर्थ है -
दर्द से चिल्लाना
हल्के -हल्के गाना
ज़ोर -ज़ोर से हँसना
ऊपर चढ़ना
ज़रूरत शब्द का अर्थ है
परेशानी
आवश्यकता
शैतानी
चालाकी
परेश का जूता क्यों उदास था ?
क्योंकि परेश ने जूते पहनना छोड़ दिया था |
क्योंकि परेश अपने जूतों को पत्थर पर मार-मारकर उनका बुरा हाल कर देता था |
क्योंकि परेश ने अपने जूते राजू को दे दिए थे |
भय शब्द का अर्थ है -
लज्जा
हँसी
चालाकी
डर
परेश ने किसकी कॉपी चुपके से अपने बस्ते में रख ली थी ?
रवि की
बबलू की
राजू की
माधव की
सोहन लाल द्विवेदी जी की लिखी कविता है -
हम प्यारे-प्यारे बच्चे हैं
हम नन्हें- नन्हें बच्चे हैं
बस्ता और जूता
हम भोले बच्चे हैं
हिमगिरि का अर्थ है -
गंगा
हिमालय
डंडा
हरियाली
नाता का अर्थ है -
हिमालय
सुन्दर
देश
रिश्ता
कविता की पंक्ति पूरी कीजिए
अपना पथ_________________________
जननी की जय बोलेंगें
आगे बढ़ते जाएँगें
कभी न छोड़ेंगें
कभी न तोड़ेंगे
कविता की पंक्ति पूरी कीजिए -
पर अपनी धुन के ___________________
नादान उम्र के कच्चे हैं
सच्चे हैं
हम बच्चे हैं
बात के पक्के हैं
