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Worksheetsमाता का आंचल
Total questions: 38
Worksheet time: 19mins
माता का अंचल पाठ किसने लिखा है
शिवपूजन सहाय
रामधारी सिंह दिनकर
शिव मंगल सिंह सुमन
कह नहीं सकते
जहां लड़कों का संग, तहां बाजे ______
जहां बुड्ढों का संग, तहां खरचे का ______खाली जगहों में क्रमश आएंगे।
संग,मृदंग
तंग,मृदंग
मृदंग,तंग
कह नहीं सकते
लेखक के पिताजी सवेरे उठकर
निबट नहाकर पूजा करने बैठ जाते थे।
वह अपने साथ ही लेखक को भी उठाते थे
लेखक को नहला धुलाकर पूजा पर बिठा लेते।
ये सभी।
पिताजी लेखक को भोलानाथ कहकर पुकारते थे।पर लेखक का नाम था
विशेवस्नाथ
भोलानाथ
तारकेश्वर नाथ
बम भोला
पूजा पाठ कर चूकने के बाद पिताजी
अपनी एक रामनामा बही पर हजार राम नाम लिखते थे।
पांच सौ बार कागज़ के छोटे छोटे टुकड़ों पर राम नाम लिखकर आटे की गोलियों में लपेटते थे।
उन गोलियों को ले जाकर गंगा नदी में मछलियों को खिलाते थे
ये सब
गंगा नदी से वापस लौटते समय लेखक
झुके हुए पेड़ों की डाली पर बैठकर झूला झूलते थे।
बाबूजी से झूठ मूठ की कुश्ती भी लड़ते थे
पिताजी की मूछों से खिलवाड़ करते थे
ये सब
जब खाएगा बड़े बड़े कौर,तब पाएगा दुनिया में ठौर।। किसने किससे कहा
मां ने पिताजी से कहा
पिताजी ने मां से कहा
लेखक ने मां से कहा
कह नहीं सकते कि किसने किससे क्या कहा।
भोलानाथ अपने साथियों को देखकर सिसकना भूल जाता था क्योंकि
बालक अपने हमउम्र बालक को देखकर रोना धोना भूल उन्हीं के साथ खेलने लग जाता है
बालक भोलानाथ सिर में सरसो का तेल डालकर खूब मालिश करवाने लगता था।
भोलानाथ को लगता था कि उसके साथी उससे बदतर हालत में हैं इसलिए।
कह नहीं सकते कि क्या कारण था।
भोलानाथ अपने साथियों को देखकर सिसकना भूल जाता था क्योंकि
बालक अपने हमउम्र बालक को देखकर रोना धोना भूल उन्हीं के साथ खेलने लग जाता है
बालक भोलानाथ सिर में सरसो का तेल डालकर खूब मालिश करवाने लगता था।
भोलानाथ को लगता था कि उसके साथी उससे बदतर हालत में हैं इसलिए।
कह नहीं सकते कि क्या कारण था।
बालक अपने पिता से बहुत अधिक जुड़ा था,फिर भी विपदा के समय वह पिता के पास ना जाकर मां की शरण लेता है क्योंकि
किसी भी मुसीबत के आने पर बालक सबसे पहले अपनी मां को याद करता है
मां की ममता में उसे पिता की तुलना में ज्यादा सुरक्षा का एहसास होता है
मां केआंचल में वह हर प्रकार के डर और असुरक्षा की भावना से दूर था।
ये सब
भोलानाथ को खाना खिलाने के लिए उसकी मां
ठूस ठूस कर खुद खाती थीं।
पानी ज्यादा पिलाती थीं ताकि भोलानाथ ज्यादा से ज्यादा खाना निगल सके।
खाने के हर कौर को कबूतर तोता हंस मैना आदि पक्षियों के बनावटी नाम देती थीं।
उसे खूब दौड़ाती थीं,ताकि अधिक परिश्रम से उसे ज्यादा भूख लगे।
लेखक किस घटना से डरकर मां के आंचल में जा छिपा था
मास्टर मूसन तिवारी की मार से डरकर
जोर की आंधी पानी के कारण
सांप से सामना हो जाने के कारण
ज्यादा खाना देखकर।
चलो भइयों ददरी, सातू पिसान की मोटरी ये पंक्तियां कब कही जाती हैं
जब बच्चे पढ़ने जाते हैं
ददरी के मेले में जाने वाले लोगों के झुंड को देखकर जब बच्चे चिल्लाते थे जब
आंधी पानी आने पर
पता नहीं।
बरखा रोकने के लिए भोलानाथ ने चिल्लाकर गया था
बुढ़वा बेईमान,मांगे करैला का चोखा
एक पइसा की लाई,बाजार में छितराई,बरखा उधरे बिलाई।।
रेहरी में रहरी पुरान रहरी,डाला के कनिया हमार मेहरी
बरखा रुक जा,मत बरस मत।।
मूसन तिवारी को देखकर बैजू ने उन्हें क्या कहकर चिढ़ाया
ए मुसन तिवारी
बुढ़वा बेईमान मांगे करैला का चोखा
डोला के कनिया हमार मेंहरी
पता नहीं क्या कहकर चिढ़ाया था
लेखक इनमें से कौन सा तमाशा नहीं खेला करता था
मिठाई की दुकान
ज्योनार का खेल
बारात का जुलूस
खाना पकाना
भोलानाथ का अपने पिताजी से बड़ा गहरा रिश्ता था क्योंकि
भोलानाथ पिताजी के साथ ही सोता और साथ ही उठता था
पूजा पाठ करने के बाद वह उनके साथ बाहर घूमने निकल जाता था
जब वह नाटक आदि खेलता तो पिताजी भी उसमें शामिल हो जाया करते थे।
उपर्युक्त सभी
एक टीले पर जाकर हम लोग चूहों के बिल में पानी उलीचने लगे तब क्या हुआ था
एक और मोटा चूहा निकल आया था
एक सांप निकल आया था
बिच्छू निकला था
कुछ भी नहीं हुआ था।
खबर लेना मुहावरे का अर्थ होगा
खबर लेना
कठोरता का व्यवहार करना
समाचार सुनना
प्रेम से बात करना
हाथ ना आना मुहावरे का अर्थ होगा
पकड़ में आना
पकड़ में ना आना
बहुत मोटा होना
बहुत पतला होना
खबर लेना मुहावरे का अर्थ होगा
खबर लेना
कठोरता का व्यवहार करना
समाचार सुनना
प्रेम से बात करना
वात्सल्य का तात्पर्य है -
प्रेम
मित्र के प्रति लगाव
माता पिता का अपनी संतान के प्रति प्रेम
भोलानाथ पिता के साथ कौन सा खेल खेलता था ?
कुश्ती
घुड़सवारी
पकड़म -पकड़ाई
भोलानाथ और उसके साथियों के खेल कैसे होते थे -
दौड़ भाग वाले
नाटक जैसे
खतरनाक
इस पाठ में कितने प्रकार के खेलो का उल्लेख है
चार
पांच
तीन
मिठाई की दुकान में मिठाई किससे बनी होती थी
गीली मिट्टी, पत्ते, पत्थर, कंकड़
रेत और धूल
धूल और मिट्टी
फसल के खेल में बीज किसके बोये जाते थे
मकई के दाने से
कंकड़ से
कंचे से
मूसन तिवारी को किसने पहले चिढ़ाया
भोलानाथ ने
बैजू ने
भोलानाथ और उसके मित्रों ने
भोलानाथ किसके डर से कांप कर माँ की गोद में छिप गया
बिच्छू
मूसन तिवारी
सांप
लेखक को बचपन मे किससे अधिक लगाव था?
माता
पिता
भाई
बहन
पिताजी आटे की गोलियां किसे खिलाते थे ?
गाय को
बकरियों को
कबूतरों को
मछलियों को
