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Worksheetslaakh ki chudiya
Total questions: 25
Worksheet time: 13mins
लेखक के अनुसार सारे गांव में बदलू उसे सबसे अच्छा आदमी लगता था क्योंकि
वह उसके मामा के गांव में रहता था
क्योंकि वह उसे सुंदर सुंदर लाख की गोलियां बनाकर देता था।
क्योंकि बदलू एक बनिया था
कह नहीं सकते कि क्या बात थी।
लेखक बदलू को बदलू काका कहता था क्योंकि
उसे समझ में नहीं आता था कि बदलू को किस रिश्ते से पुकारे
गांव के सभी बच्चे बदलू को काका ही कहकर पुकारते थे।
बदलू का मजाक उड़ाने में उसे मजा आता था इसलिए।
कितना मुश्किल प्रश्न है!! कोई और पूछो।
बदलू के मकान के सामने था
बरगद का पेड़
नीम का पेड़
जामुन का पेड़
पता नहीं।
बेलन नुमा मुंगेरिया होती थीं
आगे से मोटी पीछे से पतली
आगे से कुछ पतली पीछे से मोटी
केवल मोटी
बहुत कठिन प्रश्न है।
गांव में लेखक का अधिकतर समय बीतता था
बदलू के साथ
गांव के बच्चों के साथ
अकेले ही खाना खाते
पता नहीं
बदलू को लेखक कहकर पुकारता था
लाला
रज्जो
लला
चम्पा
रोज ही लगभग बदलू बना लेता था
2 से 3 जोड़ी चूड़ियां
चार से छह जोड़ी चूड़ियां
एक चूड़ी
कह नहीं सकते रोज बनाते थे कि नहीं।
बदलू का पैतृक पेशा था
बकरी चराना
चूड़ियां बनाना
मछली पकड़ना
लोहे के सामान बनाना।
बदलू था
लोहार
बढ़ई
मनिहार
सोनार
वस्तु विनिमय जब किया जाता है तब
कुछ नहीं किया जाता
अनाज के बदले में सामान लिया जाता है
चीजें लूट ली जाती हैं।
बहुत मुश्किल प्रश्न है क्यों पूछा?
बदलू के बारे में यह बात सही नहीं है
बदलू स्वभाव से बहुत सीधा था
वह कभी भी चूड़िया को पैसे से बेचता ना था
लेखक ने उसे झगड़ते भी देखा था
शादी विवाह के अवसरों पर वह जिद पकड़ लेता था।
मामा के यहां शादी के अवसर पर बदलू बिगड़ पड़ा,उस समय उसे मानने के लिए बदलू की स्त्री को इनमें से कौन सी वस्तु नहीं दी गई थी
अनाज
वस्त्र
रुपया
पहनने के लिए लाख की चूड़ियां
संसार में बदलू को सबसे ज्यादा चिढ़ थी
कांच की चूड़ियों से
लाख की चूड़ियों से
आम खाते हुए किसी को देखकर
कह नहीं सकते कि क्या बात थी
किसी स्त्री के हाथ में कांच की चूड़ियां देख कर बदलू
खुशी से नाच उठता था
उसी जगह पर बैठ जाया करता था
अंदर ही अंदर कुढ़ उठता और कभी कभी तो दो चार बातें भी सुना देता था
बहुत मुश्किल प्रश्न है,मै उत्तर नहीं दूंगा।
बदलू लेखक के लिए रोज ही कितनी लाख की गोलियां बनाता था
2-3
1-2
4-6
10-12
बदलू लेखक को खाने के लिए देता था
आम,रोटी
दूध की मलाई,आम
कुछ नहीं
दाल चावल
लेखक गर्मी की छुट्टियों में
रोज दर तक सोया करता था
अपने मामा के यहां चला जाता था
चूड़ी बनाता था
पता नहीं
किसी स्त्री के हाथ में कांच की चूड़ियां देख कर बदलू
खुशी से नाच उठता था
उसी जगह पर बैठ जाया करता था
अंदर ही अंदर कुढ़ उठता और कभी कभी तो दो चार बातें भी सुना देता था
बहुत मुश्किल प्रश्न है,मै उत्तर नहीं दूंगा।
लेखक गर्मी की छुट्टियों में
रोज दर तक सोया करता था
अपने मामा के यहां चला जाता था
चूड़ी बनाता था
पता नहीं
बदलू लेखक को खाने के लिए देता था
आम,रोटी
दूध की मलाई,आम
कुछ नहीं
दाल चावल
एक लम्बी अवधि तक लेखक अपने मामा के गांव ना जा सका क्योंकि
लेखक के पिता की दूर के शहर में बदली हो गई
लेखक गांव नहीं जाना चाहता था।
लेखक को लाख की गोलियां नहीं चाहिए थी।
कुछ कह नहीं सकते
लेखक को अचानक से बदलू का ध्यान हो आया क्योंकि
उसने लाख की चूड़ी देखी में
मामा की छोटी लड़की के हाथ में कांच की चूड़ी चुभ गई थी।
अचानक से उसे लाख की गोलियों से खेलने की इच्छा हुई।
पता नहीं।
लेखक का नाम इस पाठ में है
जनार्दन
मदन
काका
अपा
लेखक बदलू को बदलू काका कहता था क्योंकि
उसे समझ में नहीं आता था कि बदलू को किस रिश्ते से पुकारे
गांव के सभी बच्चे बदलू को काका ही कहकर पुकारते थे।
बदलू का मजाक उड़ाने में उसे मजा आता था इसलिए।
कितना मुश्किल प्रश्न है!! कोई और पूछो।
लेखक के अनुसार सारे गांव में बदलू उसे सबसे अच्छा आदमी लगता था क्योंकि
वह उसके मामा के गांव में रहता था
क्योंकि वह उसे सुंदर सुंदर लाख की गोलियां बनाकर देता था।
क्योंकि बदलू एक बनिया था
कह नहीं सकते कि क्या बात थी।
